जिला पुलिस को मिलेगा 110 नए जवानों का बल

स्टाफ की कमी से जूझ रहे महकमे को मिलेगी राहत, गश्त और ट्रैफिक प्रबंधन होगा मजबूत

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कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ करने और स्टाफ की कमी दूर करने के लिए जिला पुलिस को जल्द 110 नए पुलिसकर्मी मिलेंगे। इससे गश्त, ट्रैफिक नियंत्रण और नशा-विरोधी अभियानों में तेजी आने की उम्मीद है।

कानून-व्यवस्था को मजबूत करने और लंबे समय से चली आ रही स्टाफ की कमी को दूर करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए जिला पुलिस को जल्द ही 110 नए पुलिसकर्मी मिलने जा रहे हैं। यह कदम उस पुलिस बल के लिए बड़ी राहत माना जा रहा है, जो पिछले कई वर्षों से कम जनशक्ति और बढ़ती जिम्मेदारियों के दबाव में काम कर रहा है।

वर्तमान में जिला पुलिस सीमित स्टाफ के कारण भारी दबाव में कार्य कर रही है। बढ़ती आबादी, शहरी विस्तार, यातायात घनत्व में वृद्धि और कानून-व्यवस्था संबंधी ड्यूटी में इजाफे के बावजूद स्वीकृत पदों की संख्या जमीनी हकीकत के अनुरूप नहीं बढ़ पाई है। पुलिस अधिकारियों और कर्मियों को अपराध नियंत्रण, ट्रैफिक प्रबंधन, वीआईपी सुरक्षा, जन शिकायतों के निस्तारण और नशा व अन्य अवैध गतिविधियों के खिलाफ विशेष अभियानों जैसी कई जिम्मेदारियां एक साथ निभानी पड़ रही हैं।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक Gaurav Toora ने स्वीकार किया है कि जनशक्ति की कमी का असर नियमित पुलिसिंग की दक्षता पर पड़ा है। सीमित स्टाफ के कारण थानों में नियमित गश्त, आपात स्थितियों में त्वरित प्रतिक्रिया और क्षेत्र में निरंतर उपस्थिति बनाए रखना चुनौतीपूर्ण रहा है। विशेषकर व्यस्त घंटों और त्योहारों के दौरान ट्रैफिक प्रबंधन एक बड़ी समस्या बना रहा, जिससे प्रमुख चौराहों पर जाम और आम जनता को असुविधा का सामना करना पड़ा।

ऐसे में 110 नए पुलिसकर्मियों की नियुक्ति को समयोचित और आवश्यक कदम माना जा रहा है। अधिकारियों का मानना है कि अतिरिक्त बल से थानों, ट्रैफिक यूनिटों और विशेष अभियान टीमों में तैनाती व्यवस्था बेहतर होगी। इससे प्रभावी गश्त, तेज प्रतिक्रिया समय और बेहतर निगरानी संभव हो सकेगी। साथ ही अपराध रोकथाम रणनीतियों के बेहतर क्रियान्वयन और असामाजिक तत्वों के खिलाफ सख्त कार्रवाई में भी मदद मिलेगी।

एसएसपी ने संकेत दिया कि नए भर्ती जवानों को कार्यभार के आकलन के आधार पर शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में रणनीतिक रूप से तैनात किया जाएगा। प्राथमिकता वाले क्षेत्रों में व्यस्त चौराहों पर ट्रैफिक नियंत्रण, जांच टीमों को मजबूत करना, रात्रि गश्त बढ़ाना और नशा-विरोधी अभियानों को सशक्त करना शामिल है। संवेदनशील इलाकों में भी अतिरिक्त बल तैनात किया जाएगा, जहां जनसंपर्क और निवारक पुलिसिंग महत्वपूर्ण है।

उन्होंने आशा व्यक्त की कि नई तैनाती से न केवल कार्यकुशलता बढ़ेगी, बल्कि पुलिस बल का मनोबल भी ऊंचा होगा। लंबे समय तक लगातार ड्यूटी और कम स्टाफ के कारण अधिकारियों पर शारीरिक और मानसिक दबाव बढ़ रहा था। अतिरिक्त जनशक्ति से जिम्मेदारियों का बेहतर वितरण होगा, जिससे शिफ्ट प्रणाली व्यवस्थित होगी और कार्य-जीवन संतुलन में सुधार आएगा।Screenshot_1523

Edited By: Karan Singh

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