- Hindi News
- राज्य
- पंजाब
- अमृतसर बार एसोसिएशन ने मुख्यमंत्री भगवंत मान को सौंपे दो ज्ञापन, वकीलों के लिए चैंबर कॉम्प्लेक्स व ब...
अमृतसर बार एसोसिएशन ने मुख्यमंत्री भगवंत मान को सौंपे दो ज्ञापन, वकीलों के लिए चैंबर कॉम्प्लेक्स व बिजली श्रेणी बदलने की मांग
कोर्ट परिसर से सटे तीन एकड़ भूमि और 30 करोड़ रुपये की अनुदान राशि की मांग, वकालत को व्यवसाय न मानने का तर्क
अमृतसर बार एसोसिएशन ने मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान को दो अहम ज्ञापन सौंपकर कोर्ट परिसर से सटी तीन एकड़ भूमि पर बहुमंजिला वकील चैंबर कॉम्प्लेक्स के निर्माण और इसके लिए 30 करोड़ रुपये की अनुदान राशि स्वीकृत करने की मांग की है। साथ ही वकीलों के चैंबर और कार्यालयों की वाणिज्यिक बिजली श्रेणी को घरेलू श्रेणी में बदलने की मांग भी उठाई गई है।
अमृतसर बार एसोसिएशन ने मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के समक्ष वकीलों से जुड़ी दो प्रमुख मांगें रखीं। एसोसिएशन ने कोर्ट परिसर से सटी तीन एकड़ भूमि को बहुमंजिला वकील चैंबर कॉम्प्लेक्स के निर्माण के लिए आवंटित करने तथा इस परियोजना हेतु 30 करोड़ रुपये की अनुदान राशि स्वीकृत करने की मांग की।
इसके साथ ही एसोसिएशन ने वकीलों के चैंबर और कार्यालयों के लिए जारी वाणिज्यिक बिजली कनेक्शनों को घरेलू श्रेणी में परिवर्तित करने की मांग भी रखी। एसोसिएशन का तर्क है कि कानूनी पेशा व्यापार या वाणिज्य के दायरे में नहीं आता, इसलिए वकीलों पर वाणिज्यिक दरें लागू करना अनुचित है।
चंडीगढ़ में मुख्यमंत्री से मुलाकात
ये मांगें चंडीगढ़ स्थित नगर भवन (म्यूनिसिपल भवन) में आयोजित एक बैठक के दौरान रखी गईं, जहां अमृतसर बार एसोसिएशन के प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री से मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व एसोसिएशन के अध्यक्ष गुरप्रीत सिंह पनेसर ने किया। इस दौरान सचिव विक्की मेहरा और संयुक्त सचिव सौरभ शर्मा भी उपस्थित रहे।
बैठक में पंजाब भर से जिला बार एसोसिएशनों के अध्यक्ष और सचिवों ने भाग लिया, जिससे यह मुद्दा राज्यव्यापी महत्व का बन गया।
कई प्रमुख हस्तियां रहीं मौजूद
इस अवसर पर आम आदमी पार्टी के प्रवक्ता शशिवीर शर्मा, अमृतसर बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष परमिंदर सिंह सेठी, अजनाला बार एसोसिएशन के अध्यक्ष हरपाल सिंह निज्जर, तथा आम आदमी पार्टी पंजाब की विधि प्रकोष्ठ के सदस्य प्रदीप सिंह तेज़ी, विशाल खन्ना और कोविध जुनेजा भी मौजूद रहे।
बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री से आग्रह किया कि वकीलों की बुनियादी सुविधाओं और कार्य परिस्थितियों में सुधार के लिए सरकार सकारात्मक निर्णय ले, जिससे न्यायिक व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाया जा सके।
