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जालंधर में ‘जालंधर पढ़ाओ’ अभियान की शुरुआत, नितिन कोहली ने मुख्यमंत्री को भेंट की शैक्षणिक सामग्री
पारंपरिक गुलदस्ता संस्कृति की जगह नोटबुक और स्टेशनरी भेंट कर दिया सामाजिक संदेश
आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं जालंधर सेंट्रल हलका प्रभारी नितिन कोहली ने गुरुवार को मुख्यमंत्री भगवंत मान के शहर दौरे के दौरान ‘जालंधर पढ़ाओ’ अभियान की शुरुआत की। उन्होंने मुख्यमंत्री को पहली खेप के रूप में नोटबुक और स्टेशनरी सामग्री भेंट कर शिक्षा को सामाजिक परिवर्तन का आधार बताया।
आम आदमी पार्टी (आप) के वरिष्ठ नेता और जालंधर सेंट्रल हलका प्रभारी नितिन कोहली ने गुरुवार को मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के जालंधर दौरे के दौरान ‘जालंधर पढ़ाओ’ अभियान की औपचारिक शुरुआत की।
कोहली ने पारंपरिक गुलदस्ता भेंट करने की परंपरा को छोड़ते हुए मुख्यमंत्री को नोटबुक, पेंसिल, रबर, शार्पनर और अन्य स्टेशनरी सामग्री भेंट की। इस अवसर पर उन्होंने कहा,
“मैंने जालंधर में अपने सार्वजनिक जीवन के प्रयासों का आधार शिक्षा को बनाया है। मेरा दृढ़ विश्वास है कि वास्तविक बदलाव जमीनी स्तर से ही शुरू होता है।”
उन्होंने कहा कि यह कदम केवल प्रतीकात्मक नहीं है, बल्कि एक स्पष्ट संदेश देने का प्रयास है कि सार्वजनिक जीवन को औपचारिकताओं की बजाय उपयोगिता और सामाजिक मूल्य से संचालित होना चाहिए।
वंचित बच्चों में बांटी जाएगी सामग्री
कोहली ने बताया कि ‘जालंधर पढ़ाओ’ अभियान के तहत प्रस्तुत की गई शैक्षणिक सामग्री को आर्थिक रूप से कमजोर और वंचित वर्ग के बच्चों में वितरित किया जाएगा।
उन्होंने कहा,
“हमारा उद्देश्य केवल सामग्री बांटना नहीं, बल्कि बच्चों को सशक्त बनाना है ताकि वे गरिमा और पर्याप्त संसाधनों के साथ अपनी पढ़ाई जारी रख सकें।”
नोटबुक के कवर पर पार्टी नेताओं की तस्वीरें
इस अभियान के तहत तैयार की गई नोटबुक के कवर पर आप के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल, मुख्यमंत्री भगवंत मान, पंजाब प्रभारी मनीष सिसोदिया, आप अध्यक्ष अमन अरोड़ा के साथ नितिन कोहली की तस्वीर भी छपी है।
नोटबुक का कवर पार्टी के झंडे के अनुरूप पीले और नीले रंग में तैयार किया गया है और उस पर नारा ‘लोकां दी आवाज, लोकां दी सरकार’ अंकित है।
शिक्षा को बताया सामाजिक परिवर्तन का सबसे मजबूत माध्यम
नितिन कोहली ने कहा कि समाज को फूलों के गुलदस्तों जैसी औपचारिक परंपराओं से आगे बढ़कर ऐसे कदम उठाने चाहिए जो सीधे तौर पर सामाजिक उत्थान में योगदान दें।
उन्होंने जोर देते हुए कहा कि हर सार्वजनिक कार्यक्रम को शिक्षा, साक्षरता और समान अवसर को बढ़ावा देने का माध्यम बनाया जाना चाहिए।
कोहली ने कहा कि शिक्षा सामाजिक परिवर्तन का सबसे शक्तिशाली साधन है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि वंचित समुदाय समाज से अलग नहीं हैं, बल्कि वही समाज की बुनियाद हैं।
उन्होंने कहा,
“कोई भी समाज तभी वास्तव में शिक्षित माना जा सकता है जब हर बच्चा — चाहे वह समृद्ध परिवार से हो या आर्थिक रूप से कमजोर पृष्ठभूमि से — समान शिक्षा अवसर प्राप्त करे।”
