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पूर्व एडीसी-कम-कमिश्नर राजीव वर्मा को ‘मान पंजाब दा’ सम्मान से नवाजा गया
फगवाड़ा के विकास और उत्कृष्ट प्रशासनिक सेवाओं के लिए मिला सम्मान
पंजाबी आर्ट एंड लिटरेचर सेंटर ने संगीत दर्पण तथा फगवाड़ा की विभिन्न सामाजिक संस्थाओं के सहयोग से पूर्व एडीसी-कम-कमिश्नर फगवाड़ा राजीव वर्मा को उनके उत्कृष्ट प्रशासनिक योगदान के लिए ‘मान पंजाब दा’ सम्मान से सम्मानित किया।
पंजाबी आर्ट एंड लिटरेचर सेंटर ने संगीत दर्पण के सहयोग और फगवाड़ा की विभिन्न सामाजिक संस्थाओं के समर्थन से आयोजित एक विशेष समारोह में पूर्व एडीसी-कम-कमिश्नर फगवाड़ा राजीव वर्मा को प्रतिष्ठित ‘मान पंजाब दा’ सम्मान से सम्मानित किया। यह सम्मान उन्हें उनकी उत्कृष्ट प्रशासनिक सेवाओं और शहर के विकास में महत्वपूर्ण योगदान के लिए प्रदान किया गया।
कार्यक्रम में वक्ताओं ने राजीव वर्मा को एक गतिशील और कुशल पीसीएस अधिकारी बताया, जिन्होंने फगवाड़ा, नवांशहर और जालंधर में उल्लेखनीय सेवाएं दीं। उनके नेतृत्व में इन शहरों ने स्वच्छ भारत मिशन के तहत शीर्ष रैंकिंग हासिल की, जिसके लिए उन्हें दो बार राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित किया गया।
प्रशासन और नशा विरोधी अभियान में सक्रिय भूमिका
वक्ताओं ने बताया कि राजीव वर्मा ने नगर प्रशासन को मजबूत बनाने और जनसेवाओं में सुधार लाने में अहम भूमिका निभाई। इसके साथ ही उन्होंने राज्य के नशा विरोधी अभियान में भी सक्रिय योगदान दिया।
उन्होंने सामाजिक जागरूकता बढ़ाने के लिए सांस्कृतिक पहलों का सहारा लिया, जिनमें गीतकारों द्वारा रचित सामाजिक संदेशों से युक्त गीतों के माध्यम से नशा विरोधी संदेश जन-जन तक पहुंचाए गए।
जनहित के प्रति प्रतिबद्धता
सभा को संबोधित करते हुए प्रिंसिपल गुरमीत सिंह पलाही ने कहा कि राजीव वर्मा ने अपने कार्यकाल के दौरान सामाजिक कल्याण के प्रति गहरी प्रतिबद्धता दिखाई। उन्होंने फगवाड़ा में कई विकास परियोजनाएं शुरू कीं, जिनका शहर के बुनियादी ढांचे और सार्वजनिक सेवाओं पर स्थायी प्रभाव पड़ा।
उन्होंने कहा कि अपनी जनहितैषी सोच और पारदर्शी कार्यशैली के कारण राजीव वर्मा आज भी फगवाड़ा के निवासियों के बीच अत्यंत सम्मानित हैं।
सामूहिक सम्मान का प्रतीक
पंजाबी आर्ट एंड लिटरेचर सेंटर के अध्यक्ष तरनजीत सिंह किन्नरा ने कहा कि सामाजिक, धार्मिक और मीडिया संगठनों द्वारा दिया गया यह सम्मान वस्तुतः जनता की सामूहिक कृतज्ञता की अभिव्यक्ति है। उन्होंने कहा कि वर्मा ने आम जनता और अधीनस्थ कर्मचारियों के साथ समन्वय बनाकर कार्य करने की मिसाल पेश की। उनके कार्यकाल में किए गए विकास कार्य लंबे समय तक याद रखे जाएंगे।
अन्य सम्मानित अतिथि
समारोह के दौरान राजीव वर्मा को शॉल, स्मृति चिह्न और पुस्तकों का सेट भेंट कर सम्मानित किया गया।
इस अवसर पर नायब तहसीलदार एस. गुरचरण सिंह और डेनमार्क निवासी एनआरआई हैरी बजाज को भी उनके योगदान के लिए पुस्तक सेट देकर सम्मानित किया गया।
