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गुरुग्राम की 70% से अधिक सड़कों को तत्काल मरम्मत की जरूरत: आंतरिक सर्वे
जीएमडीए सीईओ पीसी मीना ने दो महीने की समयसीमा तय की, गड्ढों और टूटी फुटपाथों पर सख्त नाराजगी
गुरुग्राम मेट्रोपॉलिटन डेवलपमेंट अथॉरिटी (GMDA) के एक आंतरिक सर्वे में खुलासा हुआ है कि शहर की 70% से अधिक सड़कों को तत्काल मरम्मत या हस्तक्षेप की आवश्यकता है। समीक्षा बैठक में सीईओ पीसी मीना ने अधिकारियों को दो महीने में सड़कों की हालत सुधारने के निर्देश दिए।
गुरुग्राम की सड़कों की खराब स्थिति को लेकर जीएमडीए की आंतरिक समीक्षा में गंभीर स्थिति सामने आई है। सर्वे के अनुसार, शहर की 70 प्रतिशत से अधिक सड़कों पर तत्काल मरम्मत कार्य की आवश्यकता है।
इस संबंध में आयोजित समीक्षा बैठक की अध्यक्षता जीएमडीए के मुख्य कार्यकारी अधिकारी पीसी मीना ने की। बैठक में उन्होंने गड्ढों से भरी मुख्य सड़कों, एक्सेस रोड और स्लिप रोड की खराब हालत पर नाराजगी जताई।
मीना ने अधिकारियों से कहा,
“मुझे एक ऐसी सड़क दिखाइए जिसमें गड्ढा न हो। अभी तो मानसून भी शुरू नहीं हुआ है और इतनी सड़कों को मरम्मत की जरूरत है। मानसून में स्थिति क्या होगी? दो महीने के भीतर सड़कों को ठीक किया जाए, अन्यथा संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई शुरू की जाएगी।”
सड़क सुरक्षा और पैदल यात्रियों पर जोर
सीईओ ने निर्देश दिया कि मुख्य सड़कों के गड्ढों की प्राथमिकता से मरम्मत की जाए और सभी क्षतिग्रस्त हिस्सों को निर्धारित समयसीमा में दुरुस्त किया जाए।
जूनियर इंजीनियरों को केंद्रीय वर्ज (मध्य पट्टी) के रखरखाव की रोजाना निगरानी करने के निर्देश दिए गए हैं, जिसमें कर्ब स्टोन की मरम्मत, पेंटिंग और फिनिशिंग की गुणवत्ता सुनिश्चित करना शामिल है।
फुटपाथ और मैनहोल की तुरंत मरम्मत
पैदल यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए फुटपाथ पर टूटे स्लैब और खुले मैनहोल को तत्काल ठीक करने के आदेश दिए गए हैं।
इसके अलावा, यातायात अनुशासन और सुरक्षा को बेहतर बनाने के लिए थर्मोप्लास्टिक लेन मार्किंग सहित सभी आवश्यक रोड मार्किंग जल्द पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं।
धूल और क्षरण रोकने के उपाय
सड़कों के किनारों को पक्का करने और उन्हें गाद व मलबे से मुक्त रखने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि धूल कम हो और सड़कें जल्दी खराब न हों।
अधिकारियों को स्पष्ट चेतावनी दी गई है कि तय समयसीमा में काम पूरा न होने पर जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
