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सेक्टर-34 में 13 से 21 फरवरी तक लगेगा दिव्य कला मेला, दिव्यांग कारीगरों को मिलेगा राष्ट्रीय मंच
20 राज्यों व केंद्रशासित प्रदेशों के करीब 100 दिव्यांग उद्यमी करेंगे शिल्प व उत्पादों का प्रदर्शन
दिव्यांगजनों की कला, कौशल और उद्यमिता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से दिव्य कला मेला का आयोजन 13 से 21 फरवरी तक सेक्टर-34 मैदान में किया जाएगा। इस मेले में देशभर से आए दिव्यांग कारीगर और उद्यमी अपने उत्पादों का प्रदर्शन करेंगे।
दिव्यांगजनों (दिव्यांगजन) की कला और कौशल को प्रोत्साहित करने के लिए एक विशाल प्रदर्शनी-सह-मेला दिव्य कला मेला का आयोजन सेक्टर-34 मैदान में 13 फरवरी से 21 फरवरी तक किया जाएगा।
मेले की जानकारी साझा करते हुए अनिल कुमार, अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक, राष्ट्रीय दिव्यांगजन वित्त एवं विकास निगम (NDFDC) ने बताया कि यह मेला देशभर के करीब 20 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों से आए लगभग 100 दिव्यांग कारीगरों और उद्यमियों को अपने उत्पाद प्रदर्शित करने का राष्ट्रीय मंच प्रदान करेगा।
केंद्र सरकार के सहयोग से आयोजन
इस विशिष्ट मेले का आयोजन दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा किया जा रहा है। इस आयोजन में एनडीएफडीसी नोडल एजेंसी की भूमिका निभा रहा है।
मेले का उद्देश्य दिव्यांग उद्यमियों और कारीगरों के उत्पादों, कौशल और शिल्पकला को देशभर के लोगों तक पहुंचाना, समावेशी उद्यमिता को बढ़ावा देना और स्थायी आजीविका के अवसर सृजित करना है।
28 मेलों में 23 करोड़ से अधिक का व्यापार
पिछले तीन वर्षों में देश के विभिन्न हिस्सों में आयोजित 28 दिव्य कला मेलों ने न केवल भारत की सांस्कृतिक विविधता को प्रदर्शित किया है, बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्थाओं को मजबूत करने और सामुदायिक सहभागिता को बढ़ावा देने में भी अहम भूमिका निभाई है। इन मेलों के माध्यम से अब तक 23 करोड़ रुपये से अधिक का व्यापार हुआ है।
विविध उत्पाद होंगे आकर्षण का केंद्र
दिव्य कला मेले में आगंतुकों को विभिन्न प्रकार के आकर्षक उत्पाद देखने और खरीदने का अवसर मिलेगा, जिनमें शामिल हैं—
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हस्तशिल्प और हथकरघा उत्पाद
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कढ़ाई और सजावटी वस्तुएं
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पैकेज्ड एवं जैविक खाद्य पदार्थ
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होम डेकोर और लाइफस्टाइल उत्पाद
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वस्त्र, स्टेशनरी और पर्यावरण अनुकूल वस्तुएं
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खिलौने, उपहार सामग्री, आभूषण और क्लच बैग
जागरूकता और अनुभव क्षेत्र भी होंगे शामिल
मेले में केवल खरीद-बिक्री ही नहीं, बल्कि दिव्यांगता से जुड़ी जागरूकता के लिए विशेष अनुभव क्षेत्र, दिव्यांग खेल, कला प्रदर्शनी और इंटरएक्टिव डिस्प्ले भी लगाए जाएंगे। इन गतिविधियों के माध्यम से दिव्यांगजनों की प्रतिभा, क्षमता और उद्यमशीलता को रेखांकित किया जाएगा।
आयोजकों के अनुसार, यह मेला समाज में समावेशी सोच को बढ़ावा देने और दिव्यांगजनों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।
