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चार श्रम संहिताओं व अन्य विधेयकों के विरोध में शहर में प्रदर्शन, प्रधानमंत्री का पुतला फूंका
किसान व ट्रेड यूनियनों, मिड-डे मील कर्मियों और मजदूरों ने निकाला मार्च
विभिन्न संगठनों के आह्वान पर आयोजित राष्ट्रव्यापी हड़ताल के समर्थन में किसान व ट्रेड यूनियन प्रतिनिधियों, मिड-डे मील कर्मियों और मजदूरों ने शहर में प्रदर्शन मार्च निकाला। प्रदर्शनकारियों ने चार श्रम संहिताओं, भारत-अमेरिका व्यापार समझौते, बिजली संशोधन विधेयक-2025 और बीज संशोधन विधेयक के विरोध में प्रधानमंत्री का पुतला फूंका।
राष्ट्रव्यापी हड़ताल के तहत आज शहर में किसान संगठनों, ट्रेड यूनियनों, मिड-डे मील कर्मियों और विभिन्न श्रमिक संगठनों ने संयुक्त रूप से विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने शहर में मार्च निकालकर केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ नारेबाजी की और प्रधानमंत्री का पुतला दहन किया।
प्रदर्शनकारी चार श्रम संहिताओं, प्रस्तावित भारत-अमेरिका व्यापार समझौते, बिजली संशोधन विधेयक-2025 और बीज संशोधन विधेयक का विरोध कर रहे थे। उनका आरोप है कि ये नीतियां और कानून मजदूरों, किसानों और छोटे व्यापारियों के हितों के खिलाफ हैं।
इस मौके पर अखिल भारतीय किसान सभा के उपाध्यक्ष इंदरजीत सिंह ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकारें मेहनतकश लोगों की आजीविका को खतरे में डाल रही हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की नीतियां मुख्य रूप से कॉरपोरेट क्षेत्र को लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से बनाई जा रही हैं, जबकि किसान और मजदूर वर्ग को नुकसान हो रहा है।
प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने विवादित कानूनों और नीतियों को वापस नहीं लिया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
