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अमृतसर-कटरा वंदे भारत को नए रूट पर मिली हरी झंडी, ब्यास रेलवे स्टेशन का होगा 62 करोड़ रुपये से कायाकल्प
रवनीत सिंह बिट्टू ने नई वंदे भारत सेवा शुरू की, ब्यास जंक्शन को विश्वस्तरीय सुविधाओं से लैस करने की घोषणा
केंद्रीय रेल राज्य मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू ने अमृतसर-श्री माता वैष्णो देवी कटरा वंदे भारत एक्सप्रेस को गुरदासपुर और बटाला मार्ग से रवाना किया। साथ ही ब्यास रेलवे स्टेशन के 62 करोड़ रुपये की लागत से पुनर्विकास की जानकारी भी दी।
अमृतसर-कटरा वंदे भारत एक्सप्रेस को नए रूट पर मिली मंजूरी
पंजाब के यात्रियों और श्रद्धालुओं के लिए बड़ी सौगात देते हुए केंद्रीय रेल एवं खाद्य प्रसंस्करण उद्योग राज्य मंत्री Ravneet Singh Bittu ने मंगलवार को अमृतसर-श्री माता वैष्णो देवी कटरा वंदे भारत एक्सप्रेस को उसके नए मार्ग पर हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
अब यह ट्रेन गुरदासपुर और बटाला के रास्ते संचालित होगी, जिससे यात्रियों को कम समय में अधिक सुविधाजनक यात्रा का लाभ मिलेगा।
84 किलोमीटर कम हुई दूरी, 40 मिनट घटा सफर
रेल मंत्रालय के अनुसार संशोधित रूट से ट्रेन की कुल यात्रा दूरी में लगभग 84 किलोमीटर की कमी आई है।नए रूट के प्रमुख फायदे
- यात्रा दूरी में 84 किलोमीटर की कमी
- लगभग 40 मिनट कम होगा सफर
- 283 किलोमीटर की दूरी लगभग 5 घंटे में पूरी होगी
- गुरदासपुर और बटाला को बेहतर रेल कनेक्टिविटी
- यात्रियों को तेज, सुरक्षित और आरामदायक यात्रा
इस बदलाव से श्रद्धालुओं, पर्यटकों और नियमित यात्रियों को सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है।
धार्मिक पर्यटन को मिलेगा नया बल
रेल राज्य मंत्री ने कहा कि यह सेवा पंजाब और जम्मू-कश्मीर के प्रमुख धार्मिक स्थलों को बेहतर तरीके से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
धार्मिक सर्किट को होगा फायदा
- श्री हरमंदिर साहिब (स्वर्ण मंदिर)
- दुर्गियाना मंदिर
- श्री राम तीर्थ
- माता वैष्णो देवी धाम
सरकार का मानना है कि बेहतर रेल संपर्क से धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
आधुनिक सुविधाओं से लैस है वंदे भारत एक्सप्रेस
नई वंदे भारत एक्सप्रेस में यात्रियों के लिए आधुनिक और विश्वस्तरीय सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं।
ट्रेन की प्रमुख विशेषताएं
- एसी चेयर कार कोच
- एग्जीक्यूटिव चेयर कार कोच
- आरामदायक सीटें
- आधुनिक सुरक्षा प्रणाली
- बेहतर ऑनबोर्ड सुविधाएं
- तेज और सुगम यात्रा अनुभव
रेलवे का उद्देश्य यात्रियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर की यात्रा सुविधाएं उपलब्ध कराना है।
ब्यास रेलवे स्टेशन का होगा पुनर्विकास
कार्यक्रम के दौरान रवनीत सिंह बिट्टू ने ब्यास जंक्शन रेलवे स्टेशन के पुनर्विकास की भी घोषणा की।
उन्होंने बताया कि अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत स्टेशन का लगभग 62 करोड़ रुपये की लागत से आधुनिकीकरण किया जाएगा।
बढ़ती यात्री संख्या को देखते हुए होगा विस्तार
रेल मंत्री के अनुसार ब्यास रेलवे स्टेशन पर वर्तमान में प्रतिदिन लगभग 106 ट्रेनों का संचालन होता है।
स्टेशन से जुड़े प्रमुख आंकड़े
- 98 ट्रेनें यहां ठहरती हैं
- 8 ट्रेनों का संचालन या समापन यहीं से होता है
- प्रतिदिन लगभग 6,166 यात्रियों की आवाजाही
- भविष्य में यह संख्या बढ़कर करीब 19,500 प्रतिदिन होने का अनुमान
यात्री संख्या में संभावित वृद्धि को देखते हुए स्टेशन का विस्तार आवश्यक माना जा रहा है।
स्टेशन पर मिलेंगी आधुनिक सुविधाएं
पुनर्विकास योजना के तहत स्टेशन को आधुनिक सुविधाओं से लैस किया जाएगा, जबकि इसकी ऐतिहासिक पहचान को भी संरक्षित रखा जाएगा।
प्रस्तावित विकास कार्य
- जीटी रोड की ओर नया स्टेशन भवन
- विरासत स्वरूप और वास्तुकला का संरक्षण
- बेहतर यात्री सुविधाएं
- आधुनिक प्रतीक्षालय
- उन्नत सुरक्षा व्यवस्था
- बेहतर पहुंच और कनेक्टिविटी
इस परियोजना का उद्देश्य यात्रियों को विश्वस्तरीय रेलवे अनुभव प्रदान करना है।
अमृत भारत स्टेशन योजना को मिलेगा बल
ब्यास स्टेशन का पुनर्विकास केंद्र सरकार की अमृत भारत स्टेशन योजना का हिस्सा है। इस योजना के तहत देशभर के रेलवे स्टेशनों को आधुनिक स्वरूप दिया जा रहा है ताकि यात्रियों को बेहतर सुविधाएं मिल सकें।
Key Highlights:
- अमृतसर-कटरा वंदे भारत एक्सप्रेस नए रूट से शुरू।
- गुरदासपुर और बटाला के रास्ते चलेगी ट्रेन।
- दूरी 84 किलोमीटर और यात्रा समय 40 मिनट कम हुआ।
- 283 किलोमीटर का सफर लगभग 5 घंटे में पूरा होगा।
- ब्यास रेलवे स्टेशन का 62 करोड़ रुपये से पुनर्विकास होगा।
- स्टेशन पर प्रतिदिन 106 ट्रेनों का संचालन।
- धार्मिक पर्यटन और क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को मिलेगा लाभ।
FAQ Section:
Q1. अमृतसर-कटरा वंदे भारत एक्सप्रेस अब किस रूट से चलेगी?
A. ट्रेन अब गुरदासपुर और बटाला के रास्ते संचालित होगी।
Q2. नए रूट से कितना समय बचेगा?
A. यात्रा समय में लगभग 40 मिनट की कमी आएगी।
Q3. ब्यास रेलवे स्टेशन के पुनर्विकास पर कितनी लागत आएगी?
A. स्टेशन का पुनर्विकास लगभग 62 करोड़ रुपये की लागत से किया जाएगा।
Q4. ब्यास स्टेशन पर रोजाना कितने यात्री आते हैं?
A. वर्तमान में प्रतिदिन लगभग 6,166 यात्रियों की आवाजाही होती है।
Q5. इस परियोजना से किसे फायदा होगा?
A. श्रद्धालुओं, पर्यटकों, नियमित यात्रियों और स्थानीय व्यापार को इसका लाभ मिलेगा।
Conclusion:
अमृतसर-श्री माता वैष्णो देवी कटरा वंदे भारत एक्सप्रेस का नया रूट और ब्यास रेलवे स्टेशन का पुनर्विकास पंजाब की रेल कनेक्टिविटी को नई मजबूती देने वाला कदम है। इससे न केवल यात्रा अधिक तेज और सुविधाजनक होगी, बल्कि धार्मिक पर्यटन, व्यापार और क्षेत्रीय विकास को भी उल्लेखनीय बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

