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75 साल का इंतजार खत्म: सतलुज धुस्सी बांध पर बनेगी पक्की सड़क, CM भगवंत मान ने रखा पहले चरण का शिलान्यास
गिद्दड़पिंडी से फिल्लौर तक तीन चरणों में बनेगी सड़क, पहले चरण पर 61.82 करोड़ रुपये होंगे खर्च
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने सतलुज नदी के धुस्सी बांध पर गिद्दड़पिंडी से फिल्लौर तक बनने वाली पक्की सड़क के पहले चरण का शिलान्यास किया। करीब 75 वर्षों से इस सड़क की मांग कर रहे बाढ़ प्रभावित गांवों के लोगों को इससे बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।
धुस्सी बांध पर सड़क निर्माण परियोजना का शुभारंभ
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने शुक्रवार को मंडाला छन्ना गांव में सतलुज नदी के धुस्सी बांध पर गिद्दड़पिंडी से फिल्लौर तक बनने वाली पक्की सड़क के पहले चरण का शिलान्यास किया। इस परियोजना के साथ ही क्षेत्र के लोगों का करीब 75 वर्षों पुराना इंतजार समाप्त होने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है।
यह सड़क विशेष रूप से शाहकोट और आसपास के बाढ़ प्रभावित गांवों के लिए राहत और बेहतर संपर्क का माध्यम बनेगी।
बाढ़ प्रभावित गांवों को मिलेगा बड़ा लाभ
धुस्सी बांध पर बनने वाली सड़क से क्षेत्र के दर्जनों गांवों को बेहतर आवागमन की सुविधा मिलेगी। साथ ही बाढ़ के दौरान राहत एवं बचाव कार्यों को भी गति मिलेगी।स्थानीय लोगों का मानना है कि सड़क बनने से न केवल यातायात आसान होगा, बल्कि ग्रामीणों की आर्थिक और सामाजिक गतिविधियों को भी मजबूती मिलेगी।
बलबीर सिंह सीचेवाल ने लगातार उठाई थी मांग
राज्यसभा सांसद बलबीर सिंह सीचेवाल ने धुस्सी बांध पर स्थायी सड़क निर्माण की मांग को लेकर मुख्यमंत्री भगवंत मान को कई बार पत्र लिखे थे।
मुख्यमंत्री के निर्देश पर 12 जून 2023 को पंजाब भवन में तत्कालीन कैबिनेट मंत्री गुरमीत सिंह मीत हेयर की अध्यक्षता में बैठक आयोजित की गई थी। बैठक में सीचेवाल ने धुस्सी बांध पर स्थायी सड़क बनाने और गिद्दड़पिंडी रेलवे पुल के नीचे जमा मिट्टी हटाने की आवश्यकता पर जोर दिया था।
तीन चरणों में पूरी होगी परियोजना
पंजाब राज्य मंडी बोर्ड के अधिकारियों के अनुसार, गिद्दड़पिंडी से फिल्लौर तक सड़क निर्माण कार्य तीन चरणों में पूरा किया जाएगा।
पहला चरण
- लंबाई: 37.93 किलोमीटर
- मार्ग: गिद्दड़पिंडी से शाहकोट
- लागत: 61.82 करोड़ रुपये
दूसरा चरण
- लंबाई: 25.10 किलोमीटर
तीसरा चरण
- लंबाई: 32 किलोमीटर
- धुस्सी बांध के शेष हिस्से पर पक्की सड़क का निर्माण किया जाएगा।
75 वर्षों से कर रहे थे सड़क का इंतजार
सतलुज नदी के किनारे स्थित धुस्सी बांध का निर्माण 1950 और 1960 के दशक में किया गया था। पूर्व मुख्यमंत्री प्रताप सिंह कैरों को इन बांधों के निर्माण की शुरुआत का श्रेय दिया जाता है।
पिछले करीब 75 वर्षों में गिद्दड़पिंडी क्षेत्र के लोगों ने 10 बड़ी और छोटी बाढ़ों का सामना किया है। ऐसे में बांध को मजबूत करने और उस पर स्थायी सड़क बनाने की मांग लंबे समय से उठती रही थी।
ग्रामीणों ने जताई खुशी
गट्टा मुंडी कस्सू गांव के पूर्व सरपंच सुखविंदर सिंह ने कहा कि क्षेत्र के लोग वर्षों से धुस्सी बांध पर सड़क बनने का सपना देख रहे थे, लेकिन किसी भी सरकार ने इस मांग को गंभीरता से नहीं लिया।
उन्होंने उम्मीद जताई कि सड़क बनने से बाढ़ प्रभावित गांवों के लोगों को लंबे समय से चली आ रही समस्याओं से राहत मिलेगी।
Key Highlights:
- मुख्यमंत्री भगवंत मान ने धुस्सी बांध पर सड़क परियोजना का शिलान्यास किया।
- गिद्दड़पिंडी से फिल्लौर तक तीन चरणों में बनेगी सड़क।
- पहले चरण में 37.93 किलोमीटर सड़क 61.82 करोड़ रुपये की लागत से बनेगी।
- परियोजना से शाहकोट सहित बाढ़ प्रभावित गांवों को मिलेगा लाभ।
- राज्यसभा सांसद बलबीर सिंह सीचेवाल लंबे समय से उठा रहे थे यह मांग।
- 75 वर्षों बाद धुस्सी बांध पर स्थायी सड़क निर्माण का कार्य शुरू।
FAQ Section:
Q1. सड़क परियोजना की शुरुआत किसने की?
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने पहले चरण का शिलान्यास किया।
Q2. सड़क किस मार्ग पर बनाई जाएगी?
गिद्दड़पिंडी से फिल्लौर तक सतलुज नदी के धुस्सी बांध पर।
Q3. पहले चरण में कितनी सड़क बनेगी?
पहले चरण में 37.93 किलोमीटर सड़क का निर्माण होगा।
Q4. पहले चरण की लागत कितनी है?
करीब 61.82 करोड़ रुपये।
Q5. इस परियोजना से किसे लाभ मिलेगा?
शाहकोट और आसपास के बाढ़ प्रभावित दर्जनों गांवों के लोगों को बेहतर संपर्क और राहत मिलेगी।
Conclusion:
सतलुज नदी के धुस्सी बांध पर सड़क निर्माण परियोजना बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के लिए एक महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचा विकास पहल है। इसके पूरा होने से आवागमन आसान होगा, रा
75 वर्षों का इंतजार खत्म, धुस्सी बांध पर सड़क निर्माण से बाढ़ प्रभावित गांवों को मिलेगी नई राहत एवं बचाव कार्यों को मजबूती मिलेगी और दशकों से सड़क की मांग कर रहे ग्रामीणों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।

