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भीषण गर्मी के बीच यूपी में बिजली आपूर्ति पर दबाव, ट्रांसमिशन फॉल्ट से 950 मेगावाट बिजली प्रभावित
सिंगरौली में हाई-वोल्टेज लाइन ट्रिप होने से कई बिजली उत्पादन इकाइयां प्रभावित, बढ़ती मांग के बीच UPPCL की चुनौती बढ़ी
उत्तर प्रदेश में भीषण गर्मी के कारण बिजली की मांग बढ़ने के बीच सिंगरौली क्षेत्र में ट्रांसमिशन फॉल्ट से बिजली आपूर्ति प्रभावित हुई। NTPC रिहंद परियोजना सहित कई उत्पादन इकाइयों में तकनीकी बाधा आने से राज्य के हिस्से की करीब 950 मेगावाट बिजली प्रभावित हुई।
भीषण गर्मी में बिजली व्यवस्था पर बढ़ा दबाव
उत्तर प्रदेश में लगातार बढ़ती गर्मी के कारण बिजली की मांग रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच रही है। इसी बीच सिंगरौली क्षेत्र में ट्रांसमिशन सिस्टम में आई तकनीकी खराबी के चलते राज्य की बिजली आपूर्ति पर अतिरिक्त दबाव बन गया।
उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (UPPCL) के अनुसार, इस व्यवधान से कई बिजली उत्पादन इकाइयों का संचालन प्रभावित हुआ, जिससे राज्य को मिलने वाली बिजली में कमी आई।
ट्रांसमिशन लाइन ट्रिप होने से NTPC रिहंद की तीनों यूनिट प्रभावित
UPPCL के प्रवक्ता ने बताया कि 18 जून की शाम सिंगरौली क्षेत्र में दो हाई-वोल्टेज ट्रांसमिशन लाइनें अर्थ फॉल्ट (Earth Fault) के कारण ट्रिप हो गईं।इस घटना का असर NTPC के रिहंद तापीय विद्युत स्टेशन की तीनों उत्पादन इकाइयों पर पड़ा। इससे लगभग 3,000 मेगावाट बिजली उत्पादन प्रभावित हुआ, जिसमें उत्तर प्रदेश के हिस्से की करीब 950 मेगावाट बिजली शामिल थी।
कई अन्य बिजली परियोजनाओं में भी तकनीकी दिक्कत
स्थिति उस समय और चुनौतीपूर्ण हो गई जब राज्य और अन्य क्षेत्रों की कई बिजली उत्पादन इकाइयों में भी तकनीकी कारणों से उत्पादन प्रभावित हुआ।
प्रभावित प्रमुख परियोजनाएं
केंद्रीय एवं संयुक्त उपक्रम परियोजनाएं:
- घाटमपुर यूनिट-2 (660 मेगावाट)
- खुर्जा यूनिट-2 (660 मेगावाट)
निजी क्षेत्र की परियोजनाएं:
- ललितपुर थर्मल पावर प्रोजेक्ट यूनिट-3 (660 मेगावाट)
- अनपरा-सी यूनिट-1 (600 मेगावाट)
- रोजा यूनिट-1 (300 मेगावाट)
राज्य की इकाइयों में भी आई बाधा, दो यूनिट फिर से शुरू
UPPCL ने बताया कि राज्य की अपनी बिजली उत्पादन इकाइयों में भी तकनीकी समस्या आई थी।
ओबरा-सी यूनिट-2 और हरदुआगंज-डी यूनिट-9 प्रभावित हुई थीं, लेकिन दोनों इकाइयों को सफलतापूर्वक दोबारा चालू कर दिया गया है।
बिजली आपूर्ति सामान्य करने के प्रयास जारी
बिजली निगम ने स्वीकार किया कि कई उत्पादन इकाइयों में एक साथ आई तकनीकी समस्याओं के कारण बढ़ती मांग को पूरा करना चुनौतीपूर्ण रहा।
हालांकि, निगम का कहना है कि बिजली उत्पादन और आपूर्ति को जल्द से जल्द सामान्य करने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं ताकि उपभोक्ताओं को न्यूनतम परेशानी हो।
Key Highlights:
- भीषण गर्मी के बीच यूपी में बिजली की मांग बढ़ी।
- सिंगरौली में ट्रांसमिशन फॉल्ट से बिजली उत्पादन प्रभावित।
- NTPC रिहंद की तीनों यूनिट प्रभावित, यूपी के हिस्से की 950 मेगावाट बिजली पर असर।
- घाटमपुर, खुर्जा, ललितपुर, अनपरा और रोजा की इकाइयों में भी तकनीकी बाधा।
- ओबरा और हरदुआगंज की प्रभावित यूनिटें दोबारा चालू।
- UPPCL ने बिजली आपूर्ति सामान्य करने के प्रयास तेज किए।
FAQ Section:
Q1. बिजली संकट की मुख्य वजह क्या रही?
सिंगरौली क्षेत्र में हाई-वोल्टेज ट्रांसमिशन लाइन ट्रिप होने और कई बिजली उत्पादन इकाइयों में तकनीकी खराबी।
Q2. उत्तर प्रदेश के हिस्से की कितनी बिजली प्रभावित हुई?
करीब 950 मेगावाट बिजली प्रभावित हुई।
Q3. NTPC की कौन-सी परियोजना प्रभावित हुई?
NTPC की रिहंद तापीय विद्युत परियोजना की तीनों यूनिट प्रभावित हुईं।
Q4. किन अन्य परियोजनाओं में उत्पादन प्रभावित हुआ?
घाटमपुर, खुर्जा, ललितपुर, अनपरा-सी और रोजा बिजली परियोजनाओं में तकनीकी बाधा आई।
Q5. क्या प्रभावित इकाइयों को फिर से चालू किया गया है?
ओबरा-सी यूनिट-2 और हरदुआगंज-डी यूनिट-9 को दोबारा चालू कर दिया गया है।
Conclusion:
भीषण गर्मी के बीच बढ़ती बिजली मांग और एक साथ कई बिजली उत्पादन इकाइयों में आई तकनीकी समस्याओं ने उत्तर प्रदेश की बिजली व्यवस्था पर दबाव बढ़ा दिया है। हालांकि, UPPCL का कहना है कि प्रभावित इकाइयों को बहाल करने और बिजली आपूर्ति सामान्य बनाए रखने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।

