बालाचौर में AAP-BJP कार्यकर्ताओं में टकराव, विरोध प्रदर्शन के दौरान बढ़ा तनाव

संजीव अरोड़ा पर ईडी कार्रवाई के विरोध में प्रदर्शन, दोनों दलों ने एक-दूसरे पर लगाए गंभीर आरोप

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Balachaur में रविवार को Aam Aadmi Party के प्रदर्शन के दौरान AAP और Bharatiya Janata Party नेताओं व कार्यकर्ताओं के बीच तीखी झड़प हो गई। दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर बदसलूकी, उकसावे और हंगामे के आरोप लगाए।

Balachaur में रविवार को AAP नेता Sanjeev Arora पर हुई ईडी कार्रवाई के विरोध में किए जा रहे प्रदर्शन के दौरान तनाव की स्थिति पैदा हो गई।

Aam Aadmi Party और Bharatiya Janata Party के नेताओं और समर्थकों के बीच तीखी बहस और टकराव देखने को मिला।

Dr Sukhwinder Kumar Sukhi और भाजपा के एसबीएस नगर जिला अध्यक्ष Rajwinder Singh Lucky के बीच गर्मागर्म बहस हुई।

भाजपा ने आरोप लगाया कि AAP कार्यकर्ताओं ने डराने-धमकाने, तोड़फोड़ और गुंडागर्दी की। भाजपा नेताओं ने यह भी दावा किया कि विधायक सुखी ने बहस के दौरान मोबाइल फोन छीनने की कोशिश की।

वहीं AAP नेताओं का कहना था कि उन्हें “समझौते” के लिए बुलाया गया था, लेकिन भाजपा कार्यकर्ताओं ने वीडियो बनाना शुरू कर दिया और आरोप लगाने लगे, जिससे विवाद बढ़ गया।

स्थिति तब बिगड़ी जब AAP नेता बालाचौर स्थित भाजपा कार्यालय के बाहर प्रदर्शन कर रहे थे। शुरुआत में प्रदर्शन शांतिपूर्ण था, लेकिन बाद में दोनों दलों के कार्यकर्ताओं के बीच बहस और धक्का-मुक्की शुरू हो गई।

भाजपा ने आरोप लगाया कि विधायक सुखी भाजपा कार्यालय के अंदर घुस गए और वहां तोड़फोड़ की।

भाजपा नेता राजविंदर सिंह लक्की ने दावा किया कि उन्होंने प्रदर्शन कर रहे AAP कार्यकर्ताओं का पानी और चाय देकर स्वागत किया था और भीड़ को लेकर हल्की-फुल्की टिप्पणी की थी।

उन्होंने आरोप लगाया कि इसके बाद AAP कार्यकर्ताओं ने कार्यालय के बाहर धक्का-मुक्की शुरू कर दी और एक स्पीकर उठा ले गए।

लक्की ने कहा, “जब मैंने इसका विरोध किया तो सुखी कार्यालय के अंदर आ गए और विवाद बढ़ गया। उन्होंने मोबाइल फोन छीनने की कोशिश की और भाजपा कार्यकर्ताओं पर बिना किसी उकसावे के हमला किया गया।”

इन आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए विधायक सुखी ने कहा कि AAP कार्यकर्ता भाजपा कार्यालय से करीब 20 फीट दूर शांतिपूर्वक प्रदर्शन कर रहे थे और उनके पास कोई झंडे या बैनर नहीं थे।

उन्होंने दावा किया कि भाजपा नेताओं ने उन्हें बातचीत के लिए बुलाया, लेकिन बाद में लाउडस्पीकर पर भड़काऊ बातें और आरोप लगाए जाने लगे।

सुखी ने कहा, “बाद में मुझे अकेले शांतिपूर्ण समझौते के लिए बुलाया गया, लेकिन जैसे ही मैं बैठने लगा, वीडियो रिकॉर्डिंग शुरू कर दी गई। मैंने इसका विरोध किया और रिकॉर्डिंग रोकने की कोशिश की, जिसके बाद स्थिति बिगड़ गई और दोनों पक्षों के कार्यकर्ता वहां जमा हो गए।”

राजविंदर सिंह लक्की ने कहा, “जब कोई लड़ाई ही नहीं हुई थी, तो समझौते का सवाल ही नहीं उठता।”

पूरी घटना कैमरे में रिकॉर्ड हो गई और इसके वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गए।

इस घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए पंजाब भाजपा अध्यक्ष Sunil Jakhar ने इसे “AAP की गुंडागर्दी” करार दिया।Screenshot_1193

Edited By: Karan Singh

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