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कैबिनेट विस्तार पर अखिलेश यादव का सवाल: 9 महीने में क्या कर लेगी भाजपा सरकार?
सपा प्रमुख ने योगी सरकार को बताया भ्रष्ट, कहा- महंगाई, बेरोजगारी और भ्रष्टाचार चरम पर
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने उत्तर प्रदेश में हुए मंत्रिमंडल विस्तार पर सवाल उठाते हुए कहा कि सरकार के कार्यकाल में केवल नौ महीने बचे हैं, ऐसे में नए मंत्री जनता के लिए क्या कर पाएंगे। उन्होंने भाजपा सरकार पर भ्रष्टाचार, बेरोजगारी और विकास कार्य ठप होने के आरोप लगाए।
Akhilesh Yadav ने रविवार को उत्तर प्रदेश में भाजपा सरकार के मंत्रिमंडल विस्तार की प्रासंगिकता पर सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि सरकार के मौजूदा कार्यकाल में केवल नौ महीने बचे हैं और ऐसे में नए मंत्री जनता के लिए क्या कर पाएंगे।
रविवार को जारी एक बयान में सपा प्रमुख ने कहा,
“अगर भाजपा सरकार ने पिछले नौ वर्षों में प्रदेश की जनता के लिए कुछ नहीं किया, तो ये मंत्री बचे हुए नौ महीनों में क्या उपलब्धि हासिल करेंगे?”
अखिलेश यादव ने कहा,
“ये नए मंत्री भी वही करेंगे जो अब तक होता आया है।”
कन्नौज से सांसद अखिलेश यादव ने दावा किया कि भाजपा शासन में भ्रष्टाचार और अत्याचार चरम पर पहुंच गए हैं, जबकि विकास कार्य पूरी तरह ठप हो चुके हैं।
उन्होंने आरोप लगाया,
“एक तरफ सरकार जनता के खजाने को लूट रही है और दूसरी तरफ आम लोगों की जेब काट रही है।”
सपा प्रमुख ने सरकार की प्रमुख योजनाओं को भी निशाने पर लिया। उन्होंने आरोप लगाया कि जल जीवन मिशन के तहत बनाए गए पानी के टैंक भी “भाजपा के भ्रष्टाचार के बोझ” से गिर रहे हैं।
उन्होंने आगे कहा कि स्वास्थ्य और शिक्षा व्यवस्था बर्बाद हो चुकी है, जबकि वृक्षारोपण अभियान “भ्रष्टाचार-रोपण” बनकर रह गए हैं।
स्मार्ट बिजली मीटरों की स्थापना को लेकर भी अखिलेश यादव ने सरकार पर हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार उपभोक्ताओं से पैसा वसूलकर उद्योगपतियों को फायदा पहुंचा रही है।
उन्होंने कहा,
“भाजपा उत्तर प्रदेश की जनता को हर स्तर पर और हर तरीके से लूटने में लगी हुई है।”
सपा प्रमुख ने यह भी आरोप लगाया कि भाजपा सरकार सरकारी नौकरियों में आरक्षण को लेकर “घोटाला” कर रही है, जिससे लोगों को उनके संवैधानिक अधिकारों से वंचित किया जा रहा है।
अपनी पार्टी की PDA (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) रणनीति का उल्लेख करते हुए अखिलेश यादव ने दावा किया कि पिछड़ों, दलितों और अल्पसंख्यकों की बढ़ती एकजुटता से भाजपा घबराई हुई है।

