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अमृतसर के SRPA Adarsh Bhartiya College में बढ़ा विवाद, सात महीने से वेतन न मिलने का शिक्षकों का दावा
Grant-in-Aid स्टाफ और कार्यवाहक प्रिंसिपल आमने-सामने, शिक्षकों ने लगाया उत्पीड़न का आरोप; प्रिंसिपल ने आरोपों को बताया निराधार
अमृतसर के प्रतिष्ठित SRPA Adarsh Bhartiya College में Grant-in-Aid स्टाफ और कार्यवाहक प्रिंसिपल कुलदीप कुमार गुप्ता के बीच विवाद खुलकर सामने आ गया है। शिक्षकों का दावा है कि उन्हें पिछले सात महीने से वेतन नहीं मिला है, जबकि प्रिंसिपल ने आरोपों से इनकार किया है।
अमृतसर के प्रतिष्ठित SRPA Adarsh Bhartiya (AB) College में Grant-in-Aid स्टाफ और कार्यवाहक प्रिंसिपल के बीच विवाद गहराता जा रहा है। दोनों पक्षों की ओर से अपने-अपने आरोप सार्वजनिक किए जाने के बाद कॉलेज का आंतरिक विवाद अब खुलकर सामने आ गया है।
Grant-in-Aid स्टाफ के शिक्षकों का आरोप है कि कार्यवाहक प्रिंसिपल कुलदीप कुमार गुप्ता उन्हें कथित तौर पर लगातार परेशान और प्रताड़ित कर रहे हैं। शिक्षकों का यह भी दावा है कि उन्हें पिछले सात महीनों से वेतन नहीं मिला है।
Grant-in-Aid स्टाफ ने लगाए गंभीर आरोप
Grant-in-Aid स्टाफ को उनके वेतन का एक बड़ा हिस्सा राज्य सरकार से मिलता है। शिक्षकों का आरोप है कि कार्यवाहक प्रिंसिपल के रवैये के कारण उन्हें कई महीनों से आर्थिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।पंजाब एंड चंडीगढ़ कॉलेज टीचर्स यूनियन (PCCTU) के प्रवक्ता प्रो. हर्ष ने कहा कि यदि aided staff को राहत देनी है तो कार्यवाहक प्रिंसिपल को पद से हटाया जाना चाहिए।
शिक्षकों का आरोप है कि कुलदीप कुमार गुप्ता के कथित मनमाने रवैये के कारण उनका वेतन जारी नहीं हो पाया है।
DPI Colleges के पत्र का भी हवाला
विवाद के बीच शिक्षकों की ओर से DPI (Colleges) के एक पत्र का हवाला दिया जा रहा है। शिक्षकों के अनुसार, इस पत्र में स्पष्ट किया गया है कि unaided staff का कोई सदस्य aided staff का प्रशासन नहीं चला सकता।
शिक्षकों का कहना है कि कार्यवाहक प्रिंसिपल कुलदीप कुमार गुप्ता unaided staff से हैं। इसी आधार पर शिक्षक उनके प्रशासनिक अधिकार को लेकर सवाल उठा रहे हैं।
कार्यवाहक प्रिंसिपल ने आरोपों से किया इनकार
दूसरी ओर, कार्यवाहक प्रिंसिपल कुलदीप कुमार गुप्ता ने शिक्षकों द्वारा लगाए गए आरोपों को सिरे से खारिज किया है।
गुप्ता का कहना है कि स्टाफ ने उनकी अनुमति के बिना विरोध प्रदर्शन शुरू किया है। उन्होंने कहा कि कॉलेज का स्टाफ शहर के SDM के अधीन है, जो बतौर प्रशासक अपनी भूमिका निभाते हैं।
गुप्ता के मुताबिक, प्रदर्शन आयोजित करने से पहले न तो उनकी अनुमति ली गई और न ही SDM की सहमति ली गई। उन्होंने दावा किया कि इस तरह के विरोध से कॉलेज की प्रतिष्ठा प्रभावित हो रही है।
शिक्षकों ने अनुमति पत्र होने की बात कही
हालांकि, स्टाफ का कहना है कि उनके पास संबंधित अधिकारियों से प्रदर्शन की अनुमति लिए जाने का पत्र मौजूद है। इस वजह से प्रदर्शन को लेकर प्रिंसिपल और शिक्षकों के दावों में विरोधाभास सामने आया है।
वेतन खाते को लेकर भी विवाद
यूनियन की प्रवक्ता आंचल ने कार्यवाहक प्रिंसिपल पर कॉलेज के हितों से जुड़े मामलों को अदालत में प्रभावी तरीके से आगे न बढ़ाने का आरोप लगाया।
उनका दावा है कि कार्यवाहक प्रिंसिपल के कथित अड़ियल रवैये के कारण अदालत ने aided staff के वेतन खाते को अटैच कर दिया।
आंचल के अनुसार, aided staff को पिछले कई महीनों से वेतन नहीं मिला है, जबकि इसी अवधि के दौरान कार्यवाहक प्रिंसिपल ने छह महीने का वेतन प्राप्त किया है।
इन आरोपों पर कॉलेज प्रशासन और संबंधित अधिकारियों का पक्ष मामले के आगे बढ़ने के साथ महत्वपूर्ण रहेगा।
Key Highlights:
• अमृतसर के SRPA Adarsh Bhartiya College में स्टाफ और कार्यवाहक प्रिंसिपल के बीच विवाद बढ़ा।
• Grant-in-Aid स्टाफ ने कार्यवाहक प्रिंसिपल कुलदीप कुमार गुप्ता पर कथित उत्पीड़न का आरोप लगाया।
• शिक्षकों का दावा है कि उन्हें पिछले सात महीने से वेतन नहीं मिला।
• शिक्षकों ने DPI (Colleges) के एक पत्र का हवाला दिया है।
• पत्र के अनुसार, शिक्षकों का दावा है कि unaided staff aided staff का प्रशासन नहीं चला सकता।
• PCCTU ने कार्यवाहक प्रिंसिपल को हटाने की मांग की है।
• कुलदीप कुमार गुप्ता ने शिक्षकों के आरोपों से इनकार किया है।
• गुप्ता ने कहा कि स्टाफ ने बिना अनुमति प्रदर्शन किया।
• यूनियन ने दावा किया कि उसके पास संबंधित अधिकारियों से प्रदर्शन की अनुमति का पत्र है।
• वेतन खाते को अदालत द्वारा अटैच किए जाने को लेकर भी आरोप-प्रत्यारोप सामने आए हैं।
FAQ Section:
SRPA Adarsh Bhartiya College में विवाद किसके बीच है?
विवाद कॉलेज के Grant-in-Aid स्टाफ और कार्यवाहक प्रिंसिपल कुलदीप कुमार गुप्ता के बीच है।
शिक्षकों ने कार्यवाहक प्रिंसिपल पर क्या आरोप लगाया है?
शिक्षकों का आरोप है कि उन्हें कथित तौर पर परेशान और प्रताड़ित किया जा रहा है। उनका दावा है कि पिछले सात महीनों से वेतन भी नहीं मिला है।
कार्यवाहक प्रिंसिपल ने आरोपों पर क्या कहा?
कुलदीप कुमार गुप्ता ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि स्टाफ ने उनकी और SDM की अनुमति के बिना विरोध प्रदर्शन किया, जिससे कॉलेज की प्रतिष्ठा प्रभावित हो रही है।
DPI Colleges के पत्र को लेकर क्या दावा किया गया है?
शिक्षकों के अनुसार, DPI (Colleges) के पत्र में कहा गया है कि unaided staff का सदस्य aided staff को govern नहीं कर सकता।
शिक्षकों के वेतन को लेकर क्या स्थिति है?
यूनियन के अनुसार, Grant-in-Aid स्टाफ को पिछले कई महीनों से वेतन नहीं मिला है। शिक्षकों ने दावा किया है कि वेतन खाते को अदालत द्वारा अटैच किए जाने की स्थिति भी बनी।
Conclusion:
SRPA Adarsh Bhartiya College में Grant-in-Aid स्टाफ और कार्यवाहक प्रिंसिपल के बीच विवाद फिलहाल आरोप-प्रत्यारोप तक पहुंच गया है। शिक्षकों ने वेतन में देरी और कथित उत्पीड़न को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं, जबकि कार्यवाहक प्रिंसिपल ने इन आरोपों को खारिज करते हुए प्रदर्शन को कॉलेज की प्रतिष्ठा के लिए नुकसानदायक बताया है। अब विवाद के समाधान के लिए संबंधित प्रशासनिक और शैक्षणिक अधिकारियों की भूमिका महत्वपूर्ण होगी।
