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कपूरथला में अतिक्रमण पर नगर निगम का एक्शन, 60 मरले जमीन खाली कराने पहुंची JCB; दो दिन की मोहलत
जालंधर रोड पर वर्षों से मिट्टी के बर्तन बनाने वालों के कब्जे का आरोप, कोर्ट में याचिका खारिज होने के बाद निगम ने शुरू की कार्रवाई
कपूरथला नगर निगम ने शहर में अतिक्रमण के खिलाफ अभियान के तहत मंगलवार को जालंधर रोड पर कार्रवाई शुरू की। निगम की करीब 60 मरले जमीन पर वर्षों से मिट्टी के बर्तन बनाने वालों द्वारा कथित कब्जा किए जाने का मामला सामने आया था। कब्जाधारियों के अनुरोध पर उन्हें सामान हटाने और जमीन खाली करने के लिए दो दिन की मोहलत दी गई।
कपूरथला में अतिक्रमण के खिलाफ नगर निगम की कार्रवाई मंगलवार को जालंधर रोड तक पहुंची। नगर निगम के अनुसार, यहां करीब 60 मरले निगम की जमीन पर पिछले कई वर्षों से मिट्टी के बर्तन बनाने वाले लोगों द्वारा कथित रूप से कब्जा किया गया था।
नगर निगम कमिश्नर अनुपम क्लेर के निर्देश और अदालत के आदेश के बाद निगम की टीम JCB मशीन और पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंची। हालांकि, कार्रवाई शुरू होने से पहले ही जमीन पर मौजूद लोगों ने अपना सामान स्वयं हटाने और जगह खाली करने के लिए दो दिन का समय मांगा। इसके बाद निगम ने तत्काल कार्रवाई को अस्थायी रूप से टाल दिया।
नोटिस के बावजूद जारी रहा था कथित अतिक्रमण
नगर निगम इंस्पेक्टर भजन सिंह ने बताया कि जमीन खाली करने के लिए कब्जाधारियों को कई बार नोटिस जारी किए जा चुके थे। नोटिस में उन्हें निगम की जमीन खाली करने के निर्देश दिए गए थे।निगम के अनुसार, नोटिस जारी होने के बावजूद अतिक्रमण नहीं हटाया गया। इसके बाद नगर निगम ने मामले को अदालत में ले जाने का फैसला किया।
कोर्ट में याचिका खारिज होने के बाद कार्रवाई का रास्ता साफ
मामले की सुनवाई के दौरान अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनीं। इसके बाद कब्जाधारियों की याचिका खारिज कर दी गई। नगर निगम के अनुसार, अदालत के इस फैसले के बाद जमीन खाली कराने की कार्रवाई का रास्ता साफ हो गया।
इसी आदेश के आधार पर मंगलवार को निगम की टीम जालंधर रोड पहुंची।
पुलिस बल और JCB के साथ पहुंची निगम की टीम
मंगलवार दोपहर निगम की टीम ड्यूटी मजिस्ट्रेट और कृषि अधिकारी विशाल कौशल की निगरानी में मौके पर पहुंची। टीम के साथ सिटी पुलिस स्टेशन के पुलिसकर्मी भी मौजूद थे।
JCB मशीन की मदद से कथित अतिक्रमण हटाने की तैयारी की गई। निगम की कार्रवाई शुरू होने से पहले मौके पर मौजूद लोगों ने अधिकारियों से अनुरोध किया कि उन्हें अपना सामान हटाने के लिए कुछ अतिरिक्त समय दिया जाए।
दो दिन में खुद सामान हटाने का भरोसा
कब्जाधारियों ने नगर निगम अधिकारियों से कहा कि वे दो दिनों के भीतर अपना सामान खुद हटा लेंगे और निगम की जमीन खाली कर देंगे।
उनके अनुरोध के बाद निगम की टीम ने तत्काल JCB कार्रवाई को अस्थायी रूप से रोक दिया। अब आगे की कार्रवाई इस बात पर निर्भर करेगी कि संबंधित लोग निर्धारित समय में जमीन खाली करते हैं या नहीं।
Key Highlights:
• कपूरथला नगर निगम ने जालंधर रोड पर अतिक्रमण के खिलाफ कार्रवाई शुरू की।
• करीब 60 मरले निगम की जमीन पर कथित कब्जे का मामला था।
• जमीन पर वर्षों से मिट्टी के बर्तन बनाने वालों के कब्जे का आरोप है।
• निगम की टीम JCB और पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंची।
• कार्रवाई नगर निगम कमिश्नर अनुपम क्लेर के निर्देश और कोर्ट के आदेश के बाद शुरू हुई।
• कब्जाधारियों को पहले कई बार नोटिस जारी किए जा चुके थे।
• अदालत ने कब्जाधारियों की याचिका खारिज कर दी थी।
• ड्यूटी मजिस्ट्रेट और कृषि अधिकारी विशाल कौशल की निगरानी में कार्रवाई की गई।
• कब्जाधारियों ने खुद सामान हटाने के लिए दो दिन का समय मांगा।
• अनुरोध के बाद तत्काल कार्रवाई अस्थायी रूप से टाल दी गई।
FAQ Section:
कपूरथला में नगर निगम ने कहां कार्रवाई की?
नगर निगम ने जालंधर रोड पर कथित अतिक्रमण के खिलाफ कार्रवाई शुरू की।
कितनी जमीन पर अतिक्रमण का आरोप था?
नगर निगम के अनुसार, करीब 60 मरले निगम की जमीन पर कथित कब्जा किया गया था।
जमीन पर किसका कब्जा था?
नगर निगम के अनुसार, इस जमीन पर कई वर्षों से मिट्टी के बर्तन बनाने वाले लोगों द्वारा कथित रूप से कब्जा किया गया था।
अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई क्यों रोकी गई?
मौके पर मौजूद लोगों ने अपना सामान स्वयं हटाने और जमीन खाली करने के लिए दो दिन का समय मांगा। इसके बाद निगम ने तत्काल कार्रवाई को अस्थायी रूप से रोक दिया।
क्या इस मामले में कोर्ट का आदेश था?
हां। नगर निगम के अनुसार, मामले में अदालत ने दोनों पक्षों की सुनवाई के बाद कब्जाधारियों की याचिका खारिज कर दी थी, जिसके बाद निगम को कार्रवाई का रास्ता मिला।
Conclusion:
कपूरथला में नगर निगम ने अदालत के आदेश के बाद जालंधर रोड पर कथित अतिक्रमण के खिलाफ कार्रवाई शुरू की। करीब 60 मरले निगम की जमीन को खाली कराने के लिए JCB और पुलिस बल के साथ टीम मौके पर पहुंची थी। हालांकि, कब्जाधारियों के अनुरोध पर उन्हें दो दिन में सामान हटाकर जमीन खाली करने का अवसर दिया गया है। अब देखना होगा कि निर्धारित समय में जमीन खाली होती है या निगम को आगे फिर से कार्रवाई करनी पड़ती है।
