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9 दिन बाद गांव में हुआ दलजीत सिंह का अंतिम संस्कार, हाईकोर्ट के आदेश के बाद भामे कलां में दी गई अंतिम विदाई
मानसा के 32 वर्षीय किसान का शव 27 अक्टूबर को संदिग्ध परिस्थितियों में मिला था। पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट के संशोधित आदेश के बाद गांव में अंतिम संस्कार हुआ। पत्नी को 50 लाख रुपये मुआवजा और सरकारी नौकरी देने का ऐलान।
पंजाब के मानसा जिले में 32 वर्षीय सीमांत किसान दलजीत सिंह का अंतिम संस्कार उनके पैतृक गांव भामे कलां में गुरुवार को किया गया। उनका शव नौ दिन पहले संदिग्ध परिस्थितियों में मिला था। पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के निर्देशों के बाद परिवार की इच्छा के अनुसार गांव में अंतिम संस्कार की अनुमति मिली। वहीं, सरकार ने उनकी पत्नी को 50 लाख रुपये मुआवजा और DC कार्यालय में नौकरी देने की घोषणा की है।
पंजाब के मानसा जिले से एक दुखद मामला सामने आया है। संदिग्ध परिस्थितियों में मृत मिले 32 वर्षीय सीमांत किसान दलजीत सिंह का नौ दिन बाद गुरुवार को उनके पैतृक गांव भामे कलां में अंतिम संस्कार कर दिया गया। परिवार की इच्छा थी कि दलजीत सिंह का अंतिम संस्कार उनके अपने गांव में ही किया जाए।
यह अंतिम संस्कार पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के संशोधित निर्देशों के बाद संभव हो पाया। इससे पहले अंतिम संस्कार को लेकर विवाद की स्थिति बनी हुई थी। अदालत ने गांव में अंतिम संस्कार की अनुमति देते हुए राजनीतिक दलों, नेताओं और संगठनों को अंतिम संस्कार की व्यवस्था में शामिल होने या किसी तरह का हस्तक्षेप करने से रोक दिया था।
गुरुवार को अंतिम संस्कार में मृतक के परिजनों के अलावा गांव के कई लोग शामिल हुए और नम आंखों से दलजीत सिंह को अंतिम विदाई दी।
हाईकोर्ट के आदेश के बाद गांव में हुआ अंतिम संस्कार
दलजीत सिंह के अंतिम संस्कार को लेकर पिछले कई दिनों से विवाद चल रहा था। परिवार की मांग थी कि उनका अंतिम संस्कार पैतृक गांव में किया जाए।
मामले में पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के संशोधित आदेश के बाद चंडीगढ़ के बजाय भामे कलां गांव में अंतिम संस्कार की अनुमति दी गई।
अदालत ने स्पष्ट निर्देश दिए थे कि राजनीतिक पार्टियां, नेता और संगठन अंतिम संस्कार की व्यवस्थाओं में भाग नहीं लेंगे और न ही किसी प्रकार का हस्तक्षेप करेंगे।
इसके बाद गुरुवार को गांव में अंतिम संस्कार की प्रक्रिया पूरी की गई।
बहन ने गांव में नशे के बढ़ते प्रभाव पर जताई चिंता
अंतिम संस्कार के दौरान दलजीत सिंह की बहन ने गांव में नशे की समस्या को लेकर गंभीर चिंता जताई।
उन्होंने आरोप लगाया कि उनका गांव नशे का केंद्र बनता जा रहा है। उनके इस बयान ने ग्रामीण इलाकों में नशे के बढ़ते प्रभाव और युवाओं पर पड़ने वाले असर को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े कर दिए हैं।
हालांकि, दलजीत सिंह की मौत के वास्तविक कारणों को लेकर जांच और पोस्टमार्टम से जुड़ी जानकारी महत्वपूर्ण रहेगी।
पत्नी को 50 लाख रुपये मुआवजा और सरकारी नौकरी का ऐलान
इस मामले में बुधवार रात पंजाब विधानसभा के स्पीकर कुलतार सिंह संधवां ने एक महत्वपूर्ण घोषणा की।
उन्होंने बताया कि सरकार की ओर से दलजीत सिंह की पत्नी को 50 लाख रुपये का मुआवजा दिया जाएगा। इसके अलावा उन्हें डिप्टी कमिश्नर (DC) कार्यालय में नौकरी भी प्रदान की जाएगी।
इस घोषणा के बाद पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता और रोजगार उपलब्ध कराने का आश्वासन मिला है।
27 अक्टूबर को गांव के बाहर मिला था दलजीत सिंह का शव
जानकारी के अनुसार, 27 अक्टूबर को 32 वर्षीय दलजीत सिंह का शव उनके गांव के बाहरी इलाके में मिला था।
उनकी मौत के बाद कुछ प्रदर्शनकारी शव को मानसा में विरोध प्रदर्शन स्थल पर ले जाने की कोशिश कर रहे थे। प्रदर्शनकारियों का दावा था कि दलजीत सिंह की मौत नशे की ओवरडोज के कारण हुई है।
इसी दौरान पुलिस पर शव को अपने कब्जे में लेने के आरोप लगे।
इसके बाद मृतक के पिता जरनैल सिंह की सहमति से बठिंडा स्थित AIIMS में पोस्टमार्टम करवाया गया।
पोस्टमार्टम के बाद अंतिम संस्कार को लेकर परिवार और अन्य पक्षों के बीच स्थिति बनी रही। आखिरकार हाईकोर्ट के संशोधित निर्देशों के बाद परिवार की इच्छा के अनुसार गांव में अंतिम संस्कार संपन्न हुआ।
Key Highlights
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32 वर्षीय किसान दलजीत सिंह का नौ दिन बाद अंतिम संस्कार हुआ।
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मानसा जिले के भामे कलां गांव में दी गई अंतिम विदाई।
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दलजीत सिंह का शव 27 अक्टूबर को गांव के बाहर मिला था।
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पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने गांव में अंतिम संस्कार की अनुमति दी।
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अदालत ने राजनीतिक दलों और संगठनों के हस्तक्षेप पर रोक लगाई।
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मृतक की बहन ने गांव में नशे की समस्या को लेकर चिंता जताई।
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पंजाब विधानसभा स्पीकर कुलतार सिंह संधवां ने 50 लाख रुपये मुआवजे की घोषणा की।
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मृतक की पत्नी को DC कार्यालय में नौकरी देने का भी ऐलान किया गया।
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पिता जरनैल सिंह की सहमति से AIIMS बठिंडा में पोस्टमार्टम हुआ।
FAQ Section
1. दलजीत सिंह का अंतिम संस्कार कहां हुआ?
दलजीत सिंह का अंतिम संस्कार मानसा जिले के उनके पैतृक गांव भामे कलां में किया गया।
2. दलजीत सिंह की उम्र कितनी थी?
दलजीत सिंह 32 वर्ष के थे और सीमांत किसान के रूप में जीवनयापन करते थे।
3. दलजीत सिंह का शव कब मिला था?
उनका शव 27 अक्टूबर को गांव के बाहरी इलाके में मिला था।
4. दलजीत सिंह की पत्नी को सरकार ने क्या सहायता देने की घोषणा की?
पंजाब सरकार की ओर से उनकी पत्नी को 50 लाख रुपये मुआवजा और DC कार्यालय में नौकरी देने की घोषणा की गई है।
5. दलजीत सिंह का पोस्टमार्टम कहां हुआ था?
उनके पिता जरनैल सिंह की सहमति से AIIMS बठिंडा में पोस्टमार्टम करवाया गया था।
6. हाईकोर्ट ने अंतिम संस्कार को लेकर क्या निर्देश दिए थे?
हाईकोर्ट ने परिवार की इच्छा के अनुसार गांव में अंतिम संस्कार की अनुमति दी और राजनीतिक दलों, नेताओं तथा संगठनों को इसमें हस्तक्षेप करने से रोक दिया।
Conclusion
मानसा के भामे कलां गांव में दलजीत सिंह का नौ दिन बाद अंतिम संस्कार होने के साथ परिवार की एक बड़ी मांग पूरी हुई। इस मामले ने ग्रामीण पंजाब में नशे की समस्या, संदिग्ध मौतों की जांच और पीड़ित परिवारों को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों को फिर चर्चा में ला दिया है। अब परिवार को पोस्टमार्टम और जांच से जुड़े तथ्यों के स्पष्ट होने का इंतजार रहेगा।

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