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जालंधर स्वास्थ्य विभाग की दिवाली पर एडवाइजरी जारी, पटाखों के धुएं और शोर से बचने की अपील; 24 घंटे इमरजेंसी सेवाएं रहेंगी चालू
सिविल सर्जन डॉ. राजेश गर्ग ने लोगों से पर्यावरण अनुकूल, प्रदूषण मुक्त और सुरक्षित दिवाली मनाने की अपील की। अस्पतालों में डॉक्टर, एंबुलेंस और जरूरी दवाइयां तैयार रखी गई हैं।
दिवाली और बंदी छोड़ दिवस से पहले जालंधर स्वास्थ्य विभाग ने लोगों के लिए विशेष एडवाइजरी जारी की है। विभाग ने पटाखों से निकलने वाले धुएं और तेज आवाज से होने वाले स्वास्थ्य नुकसान को लेकर सावधान किया है। साथ ही जिला सिविल अस्पताल, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में 24 घंटे इमरजेंसी सेवाएं उपलब्ध रखने का आश्वासन दिया है।
पंजाब के जालंधर में दिवाली और बंदी छोड़ दिवस के मद्देनजर स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से सुरक्षित और पर्यावरण अनुकूल तरीके से त्योहार मनाने की अपील की है। स्वास्थ्य विभाग ने शुक्रवार को विस्तृत एडवाइजरी जारी करते हुए पटाखों से होने वाले वायु और ध्वनि प्रदूषण के प्रति लोगों को जागरूक किया।
विभाग ने स्पष्ट किया कि दिवाली के दौरान किसी भी अप्रिय घटना या स्वास्थ्य संबंधी आपात स्थिति से निपटने के लिए सभी जरूरी इंतजाम कर लिए गए हैं। अस्पतालों में आवश्यक दवाइयों और मेडिकल सामान का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध कराया गया है।
सिविल सर्जन डॉ. राजेश गर्ग ने जिले के लोगों को दिवाली और बंदी छोड़ दिवस की शुभकामनाएं देते हुए प्रदूषण मुक्त, सुरक्षित और हरित दिवाली मनाने की अपील की।
पटाखों का धुआं और तेज आवाज सेहत के लिए खतरनाक
स्वास्थ्य विभाग की एडवाइजरी में बताया गया है कि पटाखों से निकलने वाला धुआं और तेज आवाज कई लोगों के स्वास्थ्य पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकते हैं।
खासतौर पर बुजुर्गों, सांस संबंधी बीमारियों से पीड़ित लोगों, गर्भवती महिलाओं और नवजात शिशुओं को इससे अधिक परेशानी हो सकती है।
विभाग ने लोगों से अपील की है कि त्योहार के दौरान शांतिपूर्ण और स्वच्छ वातावरण बनाए रखें तथा ऐसे पटाखों से बचें जो अधिक धुआं और शोर पैदा करते हैं।
इन लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह
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बुजुर्ग नागरिक
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अस्थमा और अन्य सांस की बीमारियों से पीड़ित लोग
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गर्भवती महिलाएं
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नवजात शिशु और छोटे बच्चे
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, इन वर्गों को पटाखों के धुएं और तेज आवाज से विशेष रूप से बचाकर रखना जरूरी है।
जालंधर में 24 घंटे चालू रहेंगी इमरजेंसी सेवाएं
दिवाली के दौरान किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए जालंधर स्वास्थ्य विभाग ने अस्पतालों में विशेष व्यवस्था की है।
सिविल सर्जन डॉ. राजेश गर्ग ने बताया कि जिला सिविल अस्पताल के साथ-साथ जिले के सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (CHCs) और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (PHCs) में आपातकालीन सेवाएं चौबीसों घंटे उपलब्ध रहेंगी।
इसके लिए डॉक्टरों, पैरामेडिकल स्टाफ और एंबुलेंस सेवाओं को तैयार रखा गया है।
अस्पतालों में दवाइयों और जरूरी मेडिकल सामान का पर्याप्त स्टॉक
स्वास्थ्य विभाग ने त्योहार के दौरान संभावित दुर्घटनाओं और अन्य स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं को देखते हुए जरूरी तैयारियां पूरी कर ली हैं।
अधिकारियों के अनुसार, अस्पतालों में आवश्यक दवाइयों और मेडिकल सप्लाई का पर्याप्त भंडार रखा गया है, ताकि किसी भी आपात स्थिति में मरीजों को समय पर उपचार मिल सके।
विभाग ने लोगों से अपील की है कि त्योहार का आनंद लेते समय अपनी और अपने परिवार की सेहत का भी ध्यान रखें।
सिविल सर्जन ने की ग्रीन दिवाली मनाने की अपील
डॉ. राजेश गर्ग ने कहा कि दिवाली खुशियों और रोशनी का त्योहार है। इसे सुरक्षित और स्वच्छ वातावरण में मनाना सभी की जिम्मेदारी है।
उन्होंने लोगों से पटाखों के अत्यधिक इस्तेमाल से बचने और पर्यावरण को नुकसान पहुंचाए बिना त्योहार मनाने का आग्रह किया।
स्वास्थ्य विभाग का उद्देश्य दिवाली और बंदी छोड़ दिवस के दौरान जिले के लोगों को सुरक्षित रखना और किसी भी आपात स्थिति में तुरंत चिकित्सा सहायता उपलब्ध करवाना है।
Key Highlights
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जालंधर स्वास्थ्य विभाग ने दिवाली को लेकर विशेष एडवाइजरी जारी की।
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लोगों से ग्रीन और प्रदूषण मुक्त दिवाली मनाने की अपील की गई।
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पटाखों के धुएं और तेज आवाज से स्वास्थ्य संबंधी नुकसान की चेतावनी।
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बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं और नवजात शिशुओं को विशेष सावधानी की सलाह।
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जिला सिविल अस्पताल में 24 घंटे इमरजेंसी सेवाएं उपलब्ध रहेंगी।
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सभी CHC और PHC में भी आपातकालीन सेवाएं चालू रहेंगी।
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डॉक्टर, पैरामेडिकल स्टाफ और एंबुलेंस तैयार रखी गई हैं।
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अस्पतालों में दवाइयों और जरूरी मेडिकल सामान का पर्याप्त स्टॉक मौजूद है।
FAQ Section
1. जालंधर स्वास्थ्य विभाग ने दिवाली पर क्या एडवाइजरी जारी की है?
विभाग ने लोगों से पर्यावरण अनुकूल, सुरक्षित और प्रदूषण मुक्त दिवाली मनाने की अपील की है।
2. पटाखों से किन लोगों को ज्यादा खतरा हो सकता है?
बुजुर्गों, सांस की बीमारियों से पीड़ित लोगों, गर्भवती महिलाओं और नवजात शिशुओं को अधिक परेशानी हो सकती है।
3. क्या दिवाली पर जालंधर के अस्पताल खुले रहेंगे?
हां, जिला सिविल अस्पताल, सभी CHC और PHC में 24 घंटे इमरजेंसी सेवाएं चालू रहेंगी।
4. जालंधर के सिविल सर्जन कौन हैं?
डॉ. राजेश गर्ग जालंधर के सिविल सर्जन हैं।
5. क्या अस्पतालों में जरूरी दवाइयों की व्यवस्था की गई है?
हां, स्वास्थ्य विभाग के अनुसार अस्पतालों में आवश्यक दवाइयों और मेडिकल सप्लाई का पर्याप्त स्टॉक रखा गया है।
Conclusion
दिवाली और बंदी छोड़ दिवस के अवसर पर जालंधर स्वास्थ्य विभाग ने लोगों की सुरक्षा के लिए जरूरी तैयारियां की हैं। विभाग की ओर से 24 घंटे इमरजेंसी सेवाएं उपलब्ध रखने और अस्पतालों में मेडिकल स्टाफ एवं दवाइयों की व्यवस्था करने का आश्वासन दिया गया है। लोगों से भी अपील की गई है कि वे पटाखों के धुएं और शोर से बचें तथा परिवार के साथ सुरक्षित और पर्यावरण अनुकूल दिवाली मनाएं।

