अमृतसर की 450वीं वर्षगांठ से पहले सफाई की मांग तेज, कचरे और प्रदूषण पर बढ़ी चिंता

लाखों श्रद्धालुओं के पहुंचने की उम्मीद, ‘चलो अमृतसर’ अभियान ने वैज्ञानिक कचरा प्रबंधन और स्वच्छता व्यवस्था सुधारने की उठाई मांग

On

अमृतसर की स्थापना के 450 वर्ष पूरे होने के अवसर पर अगले साल जून में होने वाले आयोजनों से पहले शहर में बढ़ते कचरे, खराब स्वच्छता और प्रदूषण को लेकर चिंता बढ़ गई है। धार्मिक नेताओं, पर्यावरण कार्यकर्ताओं और स्थानीय निवासियों ने प्रशासन से स्थायी समाधान की मांग की है।

अमृतसर की 450वीं वर्षगांठ से पहले सफाई व्यवस्था पर सवाल

अमृतसर: शहर की स्थापना की 450वीं वर्षगांठ अगले साल जून में मनाई जाएगी। इस अवसर पर लाखों श्रद्धालुओं और पर्यटकों के अमृतसर पहुंचने की उम्मीद है। इससे पहले शहर में बढ़ते कचरे, खराब स्वच्छता व्यवस्था और प्रदूषण को लेकर सिख धार्मिक नेताओं, पर्यावरण कार्यकर्ताओं और स्थानीय निवासियों ने तत्काल कार्रवाई की मांग की है।

शहर को स्वच्छ बनाने की मुहिम ‘चलो अमृतसर’ अभियान के माध्यम से तेज हुई है। महिलाओं की अगुवाई में चल रही इस पहल ने पर्यावरण संगठनों, सामाजिक समूहों और स्थानीय निवासियों को एक मंच पर लाकर शहर के पर्यावरण में स्थायी सुधार की मांग उठाई है।

अभियान की मांगें केवल शहर की सुंदरता बढ़ाने तक सीमित नहीं हैं। इनमें वैज्ञानिक तरीके से कचरे का प्रबंधन, लंबे समय से जमा कूड़े को हटाना, एकल-उपयोग वाले प्लास्टिक पर प्रतिबंध और हरित क्षेत्रों को दोबारा विकसित करना शामिल है।

स्वर्ण मंदिर की सुरक्षा को लेकर भी चिंता

इस मुद्दे पर सिख धार्मिक संस्थानों ने भी चिंता जताई है। अकाल तख्त के जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज्ज ने हाल ही में भगतांवाला डंपिंग ग्राउंड से निकलने वाली जहरीली गैसों के कारण स्वर्ण मंदिर की सोने की परत चढ़ी सतहों और संगमरमर को होने वाले संभावित नुकसान पर चिंता व्यक्त की थी। उन्होंने पवित्र धार्मिक स्थलों की सुरक्षा के लिए जरूरी कदम उठाने की मांग की।

‘चलो अमृतसर’ अभियान के सदस्यों के साथ बातचीत के दौरान गड़गज्ज ने कहा था, “हमारे पवित्र स्थलों को कचरे के ढेरों के कारण बर्बाद नहीं होने दिया जा सकता।”

स्वर्ण मंदिर की ओर जाने वाली सड़कों की सफाई की मांग

शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC) की धर्म प्रचार कमेटी के सदस्यों ने वर्षगांठ से जुड़े कार्यक्रमों का शेड्यूल जारी करते समय स्वर्ण मंदिर की ओर जाने वाली सड़कों की सफाई की जरूरत पर भी जोर दिया।

उन्होंने रात के समय सफाई व्यवस्था मजबूत करने और सड़कों से कचरा हटाने की मांग की, ताकि श्रद्धालुओं को स्वच्छ वातावरण मिल सके।

हालांकि, ‘चलो अमृतसर’ अभियान से जुड़ीं और ‘वॉयस ऑफ अमृतसर’ की पूर्व अध्यक्ष इंदु अरोड़ा ने कहा कि शहर की सफाई केवल चुनिंदा इलाकों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। उन्होंने कहा, “शहर की नागरिक सुविधाओं में सुधार चुनिंदा इलाकों तक सीमित नहीं होना चाहिए। इसके लिए व्यापक और दीर्घकालिक समाधान जरूरी है।”

वायु प्रदूषण का स्तर बढ़ने पर चिंता

पर्यावरण कार्यकर्ता पीएस भट्टी ने शहर में बढ़ते वायु प्रदूषण पर चिंता जताई। उन्होंने बताया कि दशहरे की पूर्व संध्या पर अमृतसर का वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 206 दर्ज किया गया था, जो अगले दिन बढ़कर 263 हो गया।

उन्होंने कहा कि जहरीली गैसें न केवल लोगों के स्वास्थ्य को प्रभावित करती हैं, बल्कि ऐतिहासिक इमारतों और विरासत स्थलों को भी नुकसान पहुंचा सकती हैं।

नगर निगम ने कचरा प्रबंधन में सुधार का दिया भरोसा

नगर निगम ने भी कचरा प्रबंधन और नागरिक बुनियादी ढांचे में सुधार की जरूरत को स्वीकार किया है। मेयर जतिंदर सिंह मोती भाटिया ने हाल ही में बताया कि भगतांवाला डंपिंग ग्राउंड में काम चल रहा है।

उन्होंने कहा कि चाबल डंपिंग साइट पर कचरे के निस्तारण से जुड़ा काम जनवरी तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।

वर्षगांठ से पहले सफाई व्यवस्था में सुधार करना प्रशासन के लिए महत्वपूर्ण होगा, क्योंकि इस दौरान शहर में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं और पर्यटकों के पहुंचने की संभावना है।Screenshot_154

Edited By: Atul Sharma

खबरें और भी हैं

अमृतसर की 450वीं वर्षगांठ से पहले सफाई की मांग तेज, कचरे और प्रदूषण पर बढ़ी चिंता

Advertisement

नवीनतम

Copyright (c) Undekhi Khabar All Rights Reserved.
Powered By Vedanta Software