लुधियाना में 5 हरे पेड़ों की अवैध कटाई पर नोटिस, एफआईआर दर्ज करने की मांग

पब्लिक एक्शन कमेटी ने सरकार, नगर निगम और पुलिस को भेजा कानूनी नोटिस, हाईकोर्ट के आदेश के उल्लंघन का आरोप

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लुधियाना के रानी झांसी रोड पर पांच हरे-भरे पेड़ों की कथित अवैध कटाई को लेकर पब्लिक एक्शन कमेटी ने पंजाब सरकार, नगर निगम और पुलिस अधिकारियों को कानूनी नोटिस भेजकर एफआईआर दर्ज करने और जिम्मेदार लोगों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है।

लुधियाना के सिविल लाइंस क्षेत्र में रानी झांसी रोड पर पांच पूरी तरह विकसित हरे पेड़ों की कथित अवैध कटाई को गंभीरता से लेते हुए Public Action Committee Mattewara-Sutlej-Buddha Darya (PAC) ने पंजाब सरकार, लुधियाना नगर निगम और पंजाब पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों को कानूनी नोटिस भेजा है। नोटिस में इस मामले में तुरंत एफआईआर दर्ज करने और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की गई है।

आरोप है कि 2 और 3 मार्च की रात के बीच इन पेड़ों को काट दिया गया, जो कि Punjab and Haryana High Court के 3 फरवरी 2026 के अंतरिम आदेश का स्पष्ट उल्लंघन है। इस आदेश में अदालत की पूर्व अनुमति के बिना राज्यभर में पेड़ काटने पर रोक लगाई गई थी।

कानूनी नोटिस के अनुसार, पेड़ों को कथित तौर पर सड़क पर बैरिकेड लगाकर अवैध तरीके से काटा गया और इसके लिए न तो किसी सक्षम प्राधिकारी से अनुमति ली गई और न ही अदालत से।

नोटिस में यह भी कहा गया है कि पेड़ों की कटाई नगर निगम के कुछ अधिकारियों की मिलीभगत से की गई हो सकती है। PAC ने बागवानी विभाग द्वारा इन पेड़ों को “खतरनाक” घोषित किए जाने पर भी सवाल उठाए हैं। समिति का कहना है कि ये पेड़ पूरी तरह स्वस्थ थे और कई दशकों से वहां खड़े थे।

समिति ने आरोप लगाया कि छंटाई (प्रूनिंग) के नाम पर पेड़ों को काट दिया गया, जिससे पर्यावरण को अपूरणीय नुकसान हुआ है।

नोटिस में यह भी कहा गया है कि ट्री प्रिजर्वेशन पॉलिसी 2024 के अनुसार किसी भी पेड़ को काटने से पहले उप-मंडल मजिस्ट्रेट (एसडीएम) की अध्यक्षता वाली सक्षम समिति की मंजूरी और जिला वन अधिकारी (DFO) की तकनीकी स्वीकृति अनिवार्य होती है। लेकिन इस मामले में ऐसा कोई अनुमोदन लिया गया प्रतीत नहीं होता।

PAC ने आशंका जताई है कि इन पेड़ों को संभवतः उस स्थान पर प्रस्तावित किसी व्यावसायिक परियोजना को आसान बनाने के लिए हटाया गया है, जिससे प्रशासनिक शक्तियों के दुरुपयोग और पर्यावरणीय नियमों के उल्लंघन की गंभीर चिंताएं पैदा होती हैं।

कानूनी नोटिस के जरिए समिति ने दोषियों और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ तुरंत एफआईआर दर्ज करने, समयबद्ध जांच कराने और जिम्मेदारी तय करने की मांग की है। साथ ही इसमें शामिल सभी लोगों के खिलाफ आपराधिक और विभागीय कार्रवाई करने की भी मांग की गई है।

समिति ने पर्यावरणीय मानकों के अनुसार उसी स्थान पर क्षतिपूरक वृक्षारोपण करने की मांग भी की है। PAC ने चेतावनी दी है कि यदि तीन दिनों के भीतर उचित कार्रवाई नहीं की गई तो वह अदालत में अवमानना याचिका दायर करने के लिए बाध्य होगी।

 
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Edited By: Karan Singh

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