जिले के सरकारी अस्पतालों में गुरुवार दोपहर स्वास्थ्य सेवाएं पूरी तरह ठप हो गईं, जब डॉक्टरों ने ड्यूटी के दौरान एक डॉक्टर से कथित मारपीट की घटना के विरोध में अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी। यह हड़ताल Haryana Civil Medical Services Association (HCMSA) के बैनर तले की जा रही है।
डॉक्टरों ने इमरजेंसी सेवाएं, ओपीडी, लैब सेवाएं, प्रसूति देखभाल और यहां तक कि पोस्टमार्टम सेवाएं भी बंद कर दी हैं। डॉक्टरों की मांग है कि घरौंडा थाना प्रभारी (SHO) और इस घटना में शामिल अन्य पुलिस कर्मियों के खिलाफ तुरंत एफआईआर दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार किया जाए।
हालांकि पुलिस अधीक्षक (SP) ने SHO को निलंबित कर दिया है, लेकिन डॉक्टरों का कहना है कि केवल निलंबन पर्याप्त नहीं है। इस मामले में एफआईआर दर्ज होना जरूरी है।
जिला उपायुक्त (DC) उत्तम सिंह और पुलिस अधीक्षक (SP) नरेंद्र बिजारनिया ने बताया कि मामले की जांच के लिए एसडीएम को जिम्मेदारी दी गई है।
इस बीच Haryana Civil Medical Services Association की राज्य इकाई ने भी चेतावनी दी है कि यदि जल्द एफआईआर दर्ज नहीं हुई तो पूरे राज्य में डॉक्टर हड़ताल पर जा सकते हैं। स्वास्थ्य सेवाओं को सामान्य करने के प्रयास जारी हैं और स्वास्थ्य सेवा निदेशक Dr Anil Birla भी मौके पर पहुंच चुके हैं।
घरौंडा के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में तैनात Dr Parshant Chauhan ने बताया कि होली के मद्देनजर अस्पताल में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस टीम तैनात की गई थी। उस दिन बड़ी संख्या में मेडिको-लीगल मामलों के कारण अस्पताल में भीड़ बढ़ गई थी, जिससे अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
डॉ. चौहान का आरोप है कि उस समय पुलिस वाहन मौके पर नहीं था। उन्होंने कई बार SHO को फोन कर पुलिस भेजने को कहा, लेकिन SHO का जवाब उचित नहीं था।
डॉक्टर के अनुसार, “पुलिस टीम भेजने के बजाय SHO चार अन्य पुलिसकर्मियों के साथ अस्पताल पहुंचे, मेरे साथ धक्का-मुक्की की और मुझे जबरन थाने ले गए।”
बताया जा रहा है कि यह पूरी घटना अस्पताल के सीसीटीवी कैमरों में रिकॉर्ड हो गई और वहां मौजूद लोगों ने इसे मोबाइल फोन में भी रिकॉर्ड किया, जिसके बाद वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। सीसीटीवी फुटेज में SHO द्वारा डॉक्टर को थप्पड़ मारते हुए भी देखा गया है।
इस घटना को “दुर्भाग्यपूर्ण” बताते हुए सिविल सर्जन Dr Poonam Chaudhary ने कहा कि इस मामले में वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों के साथ बुधवार रात से ही बातचीत जारी है।
वहीं, SHO Deepak ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि फोन पर बातचीत के दौरान डॉक्टर ने अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया था। उन्होंने कहा कि बाद में डॉक्टर ने घटना पर खेद व्यक्त किया, जिसके बाद उन्हें छोड़ दिया गया।
इस बीच HCMSA के जिला अध्यक्ष Dr Sanjay Verma भी मौके पर पहुंचे और घटना की कड़ी निंदा की। उन्होंने कहा कि उच्च अधिकारियों के हस्तक्षेप के बाद ही डॉ. चौहान को रिहा किया गया।
