ईरान–इजराइल संघर्ष के बीच जालंधर के कुछ उद्योगपति, जो जर्मनी में होने वाली एक प्रमुख हैंड-टूल प्रदर्शनी में भाग लेने के लिए जा रहे थे, फिलहाल कतर में फंस गए हैं और सुरक्षित रूप से भारत लौटने का इंतजार कर रहे हैं।
हैंड-टूल उद्योग के प्रमुख उद्योगपति और निर्यातक तथा फेडरेशन ऑफ इंडियन एक्सपोर्ट ऑर्गनाइजेशन (FIEO) के सक्रिय सदस्य अश्विनी कुमार ने बताया कि उनके भतीजे अर्जुन कुमार भी उन लोगों में शामिल हैं जो कई अन्य उद्योगपतियों के साथ कतर में फंसे हुए हैं। उन्होंने भारत सरकार से सभी की जल्द से जल्द सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करने की अपील की है।
कुमार ने बताया कि कतर में फंसे अन्य उद्योगपतियों में वैभव मल्होत्रा, राघव शूर, केशव शूर, जोतिंदर सिंह भाटिया, इंदर पाल सिंह और गुरजीत सिंह भाटिया सहित कई अन्य लोग शामिल हैं।
इस कार्यक्रम को उद्योग के लिए बेहद महत्वपूर्ण बताते हुए कुमार ने कहा कि यह प्रदर्शनी हैंड-टूल क्षेत्र के लिए दुनिया के सबसे बड़े मंचों में से एक है। उन्होंने कहा, “ऐसी प्रदर्शनियों में शामिल होने से निर्यातकों को नए ग्राहकों से जुड़ने और अपने बाजार का विस्तार करने का अवसर मिलता है। दुर्भाग्य से, उद्योगपति जर्मनी नहीं पहुंच पाए, जिससे व्यापारिक अवसरों पर काफी असर पड़ेगा।”
कुमार के अनुसार, यह समूह पिछले पांच दिनों से कतर में फंसा हुआ है और फिलहाल होटलों में ठहरा हुआ है। जर्मनी में यह प्रदर्शनी 3 से 6 मार्च तक आयोजित की जा रही है। उन्होंने बताया कि फिलहाल उनके रहने और खाने की व्यवस्था वहां की अथॉरिटीज द्वारा की जा रही है।
उन्होंने कहा, “हम सरकार से अनुरोध करते हैं कि इस मुद्दे पर ध्यान दिया जाए और आवश्यक सहायता प्रदान की जाए। या तो उन्हें 6 मार्च से पहले प्रदर्शनी में भाग लेने के लिए जर्मनी पहुंचाया जाए या फिर भारत वापस लाने की व्यवस्था की जाए।”

