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श्रम कानूनों के विरोध में कर्मचारियों का प्रदर्शन, ‘काला दिवस’ घोषित
केंद्र सरकार के नए श्रम कोड्स के खिलाफ जिला भर में विरोध, पंजाब सरकार की नीति पर भी सवाल
कर्मचारियों, मजदूरों और पेंशनर्स ने 29 श्रम कानूनों को खत्म कर चार नए लेबर कोड लागू करने के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने इसे मजदूर विरोधी कदम बताते हुए ‘काला दिवस’ करार दिया।
कर्मचारियों, मजदूरों और अन्य कामगार वर्ग के लोगों ने आज से केंद्र सरकार द्वारा 29 श्रम कानूनों को समाप्त कर चार नए श्रम कोड लागू करने के विरोध में पूरे जिले में प्रदर्शन किया। उन्होंने इस कदम को बेहद निंदनीय और मजदूर विरोधी बताया।
कर्मचारी और पेंशनर्स पीएसपीसीएल (PSPCL) सर्कल कार्यालय के सामने एकत्र हुए, जहां विभिन्न संगठनों के नेताओं — गुरप्रीत सिंह गांदीविंड, गुरभेज सिंह ढिल्लों, हरदेव सिंह नगोके, कुलविंदर सिंह बगरियां, पूरन दास, लखबीर सिंह राशियाना, कवलजीत कौर, अजमेर सिंह और स्वर्ण सिंह कोहार्डका समेत अन्य — ने सभा को संबोधित किया।
वक्ताओं ने कहा कि यह दिन कामगार वर्ग के इतिहास में “काला दिवस” के रूप में याद रखा जाएगा।
नेताओं ने पंजाब सरकार द्वारा अदालत में दिए गए उस हलफनामे की भी आलोचना की, जिसमें कहा गया है कि सरकार कर्मचारियों और पेंशनर्स को महंगाई भत्ता (DA) और वेतन आयोग के लाभ देने के लिए बाध्य नहीं है। उन्होंने इस रुख को कर्मचारी विरोधी करार दिया।

