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जालंधर में SIR के खिलाफ वामपंथी संगठनों का प्रदर्शन, मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को हटाने की मांग
देश भगत मेमोरियल में आयोजित रैली में RSS, BJP और केंद्र सरकार पर लगाए आरोप, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमित शाह के इस्तीफे की भी उठाई मांग।
जालंधर में RMPI, CPI (ML) न्यू डेमोक्रेसी और CPI (ML) लिबरेशन के संयुक्त मोर्चे ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के खिलाफ प्रदर्शन किया। रैली में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को हटाने और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व अमित शाह के इस्तीफे की मांग की गई।
जालंधर में SIR के खिलाफ वामपंथी संगठनों की रैली
पंजाब के जालंधर में मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर वामपंथी संगठनों ने विरोध प्रदर्शन किया। रिवोल्यूशनरी मार्क्सिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया (RMPI), CPI (ML) न्यू डेमोक्रेसी और CPI (ML) लिबरेशन के संयुक्त मोर्चे की ओर से देश भगत मेमोरियल में विरोध रैली आयोजित की गई।
रैली में RSS, BJP और केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की गई। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि SIR के माध्यम से देश के करोड़ों नागरिकों को मतदान के अधिकार से वंचित किया जा सकता है। संगठनों ने इस प्रक्रिया को लेकर अपनी चिंता जाहिर की और इसे लेकर विरोध दर्ज कराया।
तीन नेताओं की अध्यक्षता में हुई रैली
देश भगत मेमोरियल में आयोजित इस रैली की अध्यक्षता दर्शन नाहर, कुलविंदर सिंह वाराइच और अश्विनी कुमार लखन कलां ने की। इस दौरान कॉमरेड मंगत राम पासला, दर्शन खटकड़, सुखदर्शन नट्ट, परगट सिंह जमराई, हंस राज पबवान और सुरिंदर शर्मा ने उपस्थित लोगों को संबोधित किया।रैली की कार्यवाही कॉमरेड महिपाल ने संचालित की। वक्ताओं ने SIR की प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए इसके संभावित प्रभावों को लेकर अपनी बात रखी।
RSS और केंद्र सरकार पर लगाए आरोप
रैली को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने आरोप लगाया कि RSS अपनी स्थापना के समय से ही गरीबों, अल्पसंख्यकों, दलितों, महिलाओं, आदिवासी समुदायों और समाज के अन्य वंचित वर्गों को मतदान का अधिकार दिए जाने के खिलाफ रही है।
उन्होंने SIR की प्रक्रिया को लेकर भी चिंता जताई और आशंका व्यक्त की कि इससे बड़ी संख्या में लोगों के मतदान के अधिकार पर असर पड़ सकता है। हालांकि, ये वक्ताओं द्वारा रैली में लगाए गए आरोप थे।
ज्ञानेश कुमार को हटाने और प्रधानमंत्री के इस्तीफे की मांग
प्रदर्शन के दौरान संगठनों ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को तत्काल पद से हटाने की मांग की। इसके साथ ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के इस्तीफे की भी मांग उठाई गई।
वक्ताओं ने केंद्र सरकार और चुनाव आयोग से जुड़े मुद्दों पर अपनी नाराजगी व्यक्त करते हुए SIR के खिलाफ विरोध जारी रखने की बात कही।
Key Highlights
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जालंधर के देश भगत मेमोरियल में वामपंथी संगठनों ने विरोध रैली आयोजित की।
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RMPI, CPI (ML) न्यू डेमोक्रेसी और CPI (ML) लिबरेशन के संयुक्त मोर्चे ने प्रदर्शन किया।
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SIR के कारण करोड़ों लोगों के मतदान के अधिकार पर असर पड़ने की आशंका जताई गई।
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रैली में RSS, BJP और केंद्र सरकार के खिलाफ आरोप लगाए गए।
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मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने की मांग की गई।
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमित शाह के इस्तीफे की मांग भी उठाई गई।
FAQ Section
1. जालंधर में SIR के खिलाफ प्रदर्शन किसने किया?
जालंधर में RMPI, CPI (ML) न्यू डेमोक्रेसी और CPI (ML) लिबरेशन के संयुक्त मोर्चे ने विरोध रैली आयोजित की।
2. विरोध रैली कहां आयोजित की गई?
यह रैली जालंधर स्थित देश भगत मेमोरियल में आयोजित की गई।
3. प्रदर्शनकारियों ने SIR को लेकर क्या आरोप लगाए?
प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण से करोड़ों भारतीयों के मतदान के अधिकार पर असर पड़ सकता है।
4. रैली में किनके इस्तीफे की मांग की गई?
रैली में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमित शाह के इस्तीफे की मांग की गई।
Conclusion
जालंधर में वामपंथी संगठनों की संयुक्त रैली में SIR को लेकर विरोध दर्ज कराया गया। प्रदर्शनकारियों ने मतदान के अधिकार पर संभावित प्रभाव को लेकर चिंता जताई और मुख्य चुनाव आयुक्त को हटाने के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तथा अमित शाह के इस्तीफे की मांग की। रैली में लगाए गए आरोप संगठनों और उनके वक्ताओं के बयानों पर आधारित हैं।
