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‘महा हड़ताल’ पर कार्रवाई की चेतावनी से भड़के सरकारी कर्मचारी, अमृतसर में सरकार का पुतला फूंका
विभिन्न विभागों के कर्मचारियों ने जिला प्रशासनिक परिसर में जुटकर सरकार को दी चेतावनी, बोले- दबाव बनाने की कोशिश बर्दाश्त नहीं करेंगे
‘महा हड़ताल’ में शामिल कर्मचारियों पर कार्रवाई की चेतावनी वाले सरकारी पत्र के विरोध में विभिन्न विभागों के कर्मचारी शुक्रवार को जिला प्रशासनिक परिसर में एकत्र हुए। प्रदर्शनकारियों ने सरकार का पुतला फूंककर विरोध जताया और कर्मचारियों को परेशान न करने की चेतावनी दी।
‘महा हड़ताल’ में शामिल कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की चेतावनी को लेकर पंजाब के सरकारी कर्मचारियों में नाराजगी बढ़ती नजर आ रही है। शुक्रवार को विभिन्न सरकारी विभागों के कर्मचारियों ने अमृतसर के जिला प्रशासनिक परिसर में एकत्र होकर राज्य सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। कर्मचारियों ने सरकार को चेताया कि उन्हें दबाव में लेने या परेशान करने की कोशिश से स्थिति और बिगड़ सकती है।
प्रदर्शन के दौरान कर्मचारियों ने सरकार का प्रतीकात्मक पुतला भी फूंका और एक दिन पहले जारी किए गए उस पत्र का विरोध किया, जिसमें ‘महा हड़ताल’ में शामिल होने वाले कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की चेतावनी दी गई थी।
सरकारी पत्र के विरोध में कर्मचारियों का प्रदर्शन
विभिन्न सरकारी विभागों से जुड़े कर्मचारी शुक्रवार को जिला प्रशासनिक परिसर में पहुंचे। उन्होंने राज्य सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए कर्मचारियों पर कार्रवाई की चेतावनी को लेकर अपना विरोध दर्ज कराया।प्रदर्शनकारियों ने सरकार से कर्मचारियों के खिलाफ किसी तरह की दमनात्मक कार्रवाई नहीं करने की अपील की। उनका कहना था कि पहले से ही कर्मचारियों से जुड़े कई मुद्दे लंबित हैं और ऐसे में दबाव बढ़ाने से समस्याओं का समाधान नहीं होगा।
सरकार को दी आगे परेशानी न बढ़ाने की सलाह
प्रदर्शन के दौरान कर्मचारियों ने राज्य सरकार को सलाह दी कि वह कर्मचारियों के लिए और मुश्किलें पैदा करने से बचे। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकारी पत्र के जरिए कर्मचारियों को डराने या दबाव में लेने की कोशिश का वे विरोध करेंगे।
कर्मचारियों ने सरकार का पुतला जलाकर अपना रोष जाहिर किया। प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में विभिन्न विभागों के कर्मचारी मौजूद रहे।
‘दबाव झेलने के लिए पूरी तरह तैयार’: सुखप्रीत सिंह पन्नू
सभा को संबोधित करते हुए सांझा मुलाजिम मंच के जिला संयोजक सुखप्रीत सिंह पन्नू ने राज्य सरकार पर कर्मचारियों को अपमानित और डराने की कोशिश करने का आरोप लगाया।
उन्होंने कहा कि सरकार की ओर से कर्मचारियों पर दबाव बनाने की कोशिश की जा रही है, लेकिन कर्मचारी इस तरह के दबाव का सामना करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।
पन्नू ने कर्मचारियों को एकजुट रहने का आह्वान करते हुए सरकार को संकेत दिया कि कार्रवाई की चेतावनी से कर्मचारी पीछे हटने वाले नहीं हैं।
Key Highlights:
- ‘महा हड़ताल’ में शामिल कर्मचारियों पर कार्रवाई की चेतावनी का विरोध।
- अमृतसर के जिला प्रशासनिक परिसर में विभिन्न विभागों के कर्मचारी जुटे।
- प्रदर्शनकारियों ने राज्य सरकार का प्रतीकात्मक पुतला फूंका।
- कर्मचारियों ने सरकार से आगे परेशानी पैदा नहीं करने की अपील की।
- सांझा मुलाजिम मंच के जिला संयोजक सुखप्रीत सिंह पन्नू ने सरकार पर दबाव और डराने का आरोप लगाया।
- कर्मचारियों ने कहा कि वे किसी भी तरह के दबाव का सामना करने के लिए तैयार हैं।
FAQ Section:
सरकारी कर्मचारियों ने शुक्रवार को प्रदर्शन क्यों किया?
कर्मचारियों ने ‘महा हड़ताल’ में शामिल होने वालों के खिलाफ कार्रवाई की चेतावनी देने वाले राज्य सरकार के पत्र के विरोध में प्रदर्शन किया।
कर्मचारियों ने प्रदर्शन कहां किया?
कर्मचारियों ने अमृतसर के जिला प्रशासनिक परिसर में एकत्र होकर विरोध प्रदर्शन किया।
प्रदर्शन के दौरान कर्मचारियों ने क्या किया?
कर्मचारियों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और विरोध स्वरूप सरकार का प्रतीकात्मक पुतला फूंका।
सुखप्रीत सिंह पन्नू ने क्या कहा?
सांझा मुलाजिम मंच के जिला संयोजक सुखप्रीत सिंह पन्नू ने आरोप लगाया कि सरकार कर्मचारियों को अपमानित और डराने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा कि कर्मचारी ऐसे दबाव का सामना करने के लिए तैयार हैं।
कर्मचारियों की सरकार से क्या मांग है?
कर्मचारियों ने सरकार से उनके खिलाफ दबाव बढ़ाने या नई परेशानियां पैदा करने से बचने की सलाह दी और कार्रवाई की चेतावनी का विरोध किया।
Conclusion:
‘महा हड़ताल’ को लेकर राज्य सरकार और सरकारी कर्मचारियों के बीच तनाव बढ़ता दिखाई दे रहा है। कार्रवाई की चेतावनी वाले पत्र के विरोध में अमृतसर में कर्मचारियों ने प्रदर्शन कर अपना रोष जाहिर किया। पुतला फूंकने के साथ कर्मचारियों ने स्पष्ट किया कि वे सरकारी दबाव के आगे झुकने के बजाय अपने मुद्दों को लेकर संघर्ष जारी रखेंगे।
