- Hindi News
- राज्य
- पंजाब
- जालंधर में किसानों का धरना: धान सीजन में 8 घंटे बिजली सप्लाई की मांग, PSPCL कार्यालय के बाहर प्रदर्श...
जालंधर में किसानों का धरना: धान सीजन में 8 घंटे बिजली सप्लाई की मांग, PSPCL कार्यालय के बाहर प्रदर्शन
बिजली कटौती से नाराज BKU (राजेवाल) के किसानों ने जताया विरोध, सिंचाई प्रभावित होने का आरोप
जालंधर में भाकियू (राजेवाल) के किसानों ने PSPCL कार्यालय के बाहर धरना देकर धान सीजन में 8 घंटे लगातार बिजली सप्लाई की मांग की। किसानों ने बिजली कटौती से फसल पर असर का आरोप लगाया।
जालंधर में किसानों का बिजली आपूर्ति को लेकर विरोध
जालंधर में मंगलवार को भारतीय किसान यूनियन (राजेवाल) के सदस्यों ने PSPCL के चीफ इंजीनियर कार्यालय के बाहर धरना प्रदर्शन किया। किसानों ने धान की खेती के दौरान पर्याप्त और निर्बाध बिजली आपूर्ति की मांग उठाई।
लगातार बिजली कटौती से नाराज किसान
प्रदर्शनकारी किसानों ने आरोप लगाया कि पिछले लगभग 10 दिनों से बिजली आपूर्ति अनियमित है और केवल 3 से 4 घंटे ही बिजली मिल रही है। उन्होंने कहा कि इससे धान की सिंचाई और फसल प्रबंधन पर गंभीर असर पड़ रहा है।
8 घंटे बिजली सप्लाई की मांग
किसान नेताओं ने कहा कि सरकार ने धान सीजन के दौरान 8 घंटे निर्बाध बिजली देने का वादा किया था, लेकिन जमीनी स्तर पर स्थिति इसके उलट है। उन्होंने मांग की कि किसानों को तय समय के अनुसार बिजली उपलब्ध कराई जाए।PSPCL अधिकारियों का आश्वासन
धरने के दौरान चीफ इंजीनियर (नॉर्थ) ने किसानों को आश्वासन दिया कि बिजली आपूर्ति में सुधार के प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि उद्योग क्षेत्र में भी बिजली कटौती हो रही है और बारिश होने के बाद स्थिति में सुधार की संभावना है।
किसानों ने सौंपा ज्ञापन
प्रदर्शन के बाद किसानों ने चीफ इंजीनियर को ज्ञापन सौंपकर धान सीजन के दौरान 8 घंटे निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने की मांग दोहराई।
डीजल पंप पर बढ़ेगा खर्च
किसान नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि बिजली आपूर्ति में सुधार नहीं हुआ तो उन्हें सिंचाई के लिए महंगे डीजल पंपों का सहारा लेना पड़ेगा, जिससे आर्थिक नुकसान बढ़ेगा।
Key Highlights:
- जालंधर में PSPCL कार्यालय के बाहर किसानों का धरना
- भाकियू (राजेवाल) ने 8 घंटे बिजली सप्लाई की मांग की
- 10 दिनों से केवल 3–4 घंटे बिजली मिलने का आरोप
- फसल सिंचाई प्रभावित होने की आशंका
- PSPCL ने सुधार और बारिश के बाद राहत का आश्वासन दिया
- किसानों ने ज्ञापन सौंपकर मांग दोहराई
FAQ Section:
Q1: किसानों ने धरना क्यों दिया?
A: धान सीजन में पर्याप्त बिजली आपूर्ति न मिलने के विरोध में।
Q2: किसान कितनी बिजली मिलने का आरोप लगा रहे हैं?
A: केवल 3 से 4 घंटे अनियमित बिजली।
Q3: किसानों की मुख्य मांग क्या है?
A: 8 घंटे निर्बाध बिजली आपूर्ति।
Q4: PSPCL ने क्या कहा?
A: बिजली आपूर्ति सुधारने का प्रयास किया जा रहा है और बारिश के बाद स्थिति सुधर सकती है।
Conclusion:
जालंधर में किसानों का यह प्रदर्शन बिजली आपूर्ति को लेकर बढ़ती असंतोष को दर्शाता है। यदि समस्या का समाधान नहीं हुआ तो धान सीजन में किसानों की मुश्किलें और बढ़ सकती हैं।

