पंजाब में बिजली कटौती पर सियासत तेज: BJP ने किसानों के प्रदर्शन का किया समर्थन, सरकार पर साधा निशाना

अमृतसर BJP नेताओं ने कहा—8 घंटे बिजली सप्लाई का दावा फेल, धान सीजन में बिगड़ी बिजली व्यवस्था

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पंजाब में बिजली कटौती और किसानों के विरोध प्रदर्शन के बीच BJP नेताओं ने सरकार पर हमला बोला है। नेताओं ने किसानों के प्रदर्शन का समर्थन करते हुए बिजली व्यवस्था पर सवाल उठाए।

पंजाब में बिजली कटौती को लेकर बढ़ा विवाद

पंजाब में बिजली कटौती और किसानों के विरोध प्रदर्शनों के बीच राजनीतिक माहौल गर्म हो गया है। भारतीय जनता पार्टी (BJP) के जिला नेताओं ने किसानों के आंदोलन का समर्थन करते हुए राज्य सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं।

किसानों के प्रदर्शन को BJP का समर्थन

अमृतसर BJP जिला अध्यक्ष हरविंदर सिंह संधू सहित कई नेताओं ने किसानों द्वारा बिजली कटौती के खिलाफ किए जा रहे प्रदर्शन, ग्रिड घेराव और सड़क जाम को समर्थन दिया है। नेताओं ने कहा कि इन आंदोलनों ने मुख्यमंत्री भगवंत मान के “8 घंटे निर्बाध बिजली आपूर्ति” के दावों की पोल खोल दी है।

समर्थन करने वाले नेताओं में डॉ. राम चावला, सुखमिंदर सिंह पिंटू, कुमार अमित, सलील कपूर, मोहित महाजन, जसपाल सिंह शंतु, सतपाला डोगरा, गोपाल वर्मा और सुधीर श्रीधर शामिल रहे।

धान सीजन में बढ़ी बिजली मांग

BJP नेता हरविंदर सिंह संधू ने कहा कि धान की रोपाई के दौरान पंजाब में बिजली की मांग 14,000 से 16,000 मेगावाट तक पहुंच जाती है। उन्होंने कहा कि इस समय बिजली व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है।

किसानों को मिल रही कम बिजली

उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार 8 घंटे बिजली देने का दावा करती है, लेकिन किसानों को केवल 3 से 4 घंटे ही अनियमित बिजली मिल रही है। इससे कृषि कार्य बुरी तरह प्रभावित हो रहे हैं।

थर्मल पावर प्लांट पर भी उठे सवाल

BJP नेताओं ने पंजाब के थर्मल पावर प्लांट की स्थिति पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि लेहरा मोहब्बत थर्मल प्लांट की कई यूनिटें बंद हैं, जबकि रोपड़ थर्मल प्लांट की क्षमता भी दबाव में है।

नेताओं का कहना है कि अगर सरकार को पहले से बिजली की मांग का अनुमान था, तो बेहतर तैयारी क्यों नहीं की गई।


Key Highlights:

  • पंजाब में बिजली कटौती पर BJP का सरकार विरोध
  • किसानों के आंदोलन को मिला समर्थन
  • 8 घंटे बिजली सप्लाई के दावे पर सवाल
  • धान सीजन में 14,000–16,000 MW तक मांग
  • किसानों को केवल 3–4 घंटे बिजली मिलने का आरोप
  • थर्मल पावर प्लांट की स्थिति पर चिंता

FAQ Section:

Q1: BJP ने किस मुद्दे पर सरकार का विरोध किया?

A: बिजली कटौती और किसानों को पर्याप्त बिजली न मिलने के मुद्दे पर।

Q2: किसानों को कितनी बिजली मिलने का दावा किया गया?

A: BJP के अनुसार केवल 3 से 4 घंटे अनियमित बिजली मिल रही है।

Q3: पंजाब में बिजली की मांग कितनी बताई गई है?

A: धान सीजन में 14,000 से 16,000 मेगावाट तक।

Q4: किन पावर प्लांट्स का जिक्र किया गया?

A: लेहरा मोहब्बत और रोपड़ थर्मल पावर प्लांट।


Conclusion:

पंजाब में बिजली कटौती को लेकर राजनीतिक तनाव बढ़ता जा रहा है। BJP के आरोपों और किसानों के प्रदर्शन ने राज्य की बिजली व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं, जिससे सरकार पर दबाव बढ़ गया है।Screenshot_2905

Edited By: Karan Singh

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