अयोध्या राम मंदिर ट्रस्ट में चंदा घोटाले का आरोप: जांच तेज, ₹2,100 करोड़ के फंड मैनेजमेंट पर उठे सवाल

कैश हैंडलिंग, SOP और निगरानी व्यवस्था पर जांच एजेंसियों की नजर, SBI की चेतावनी पर भी सवाल

On

अयोध्या राम मंदिर ट्रस्ट में दान राशि के कथित दुरुपयोग मामले में जांच तेज हो गई है। ₹82.78 करोड़ की दान राशि और ₹2,100 करोड़ के निवेश प्रबंधन पर सवाल उठे हैं।

राम मंदिर ट्रस्ट में कथित अनियमितताओं पर जांच तेज

अयोध्या स्थित श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट में दान राशि के कथित दुरुपयोग को लेकर जांच तेज हो गई है। मामला अब केवल व्यक्तिगत गड़बड़ी तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि बड़े स्तर पर निगरानी और जवाबदेही पर सवाल खड़े हो रहे हैं।

करोड़ों के दान और निवेश प्रबंधन पर नजर

ट्रस्ट को अप्रैल 2025 से फरवरी 2026 के बीच लगभग ₹82.78 करोड़ का दान प्राप्त हुआ है, जबकि यह संस्था करीब ₹2,100 करोड़ के निवेश का प्रबंधन भी करती है। इसी बड़े फंड मैनेजमेंट को लेकर अब जांच एजेंसियां सवाल उठा रही हैं।

कैश हैंडलिंग प्रक्रिया पर सवाल

जांच एजेंसियों के अनुसार, मंदिर के डोनेशन बॉक्स से प्राप्त नकदी कई चरणों—संग्रह, परिवहन, छंटाई, गिनती, बंडलिंग और बैंक जमा—से होकर गुजरती थी। SIT यह जांच कर रही है कि क्या इन सभी चरणों में पर्याप्त सुरक्षा और पारदर्शिता थी या नहीं।

SOP और सुरक्षा नियमों के उल्लंघन का आरोप

जांच में यह भी सामने आया है कि कैश हैंडलिंग के दौरान मानक संचालन प्रक्रियाओं (SOP) का पालन ठीक से नहीं किया गया। आरोप हैं कि कर्मचारियों को पॉकेट-लेस यूनिफॉर्म पहनने की अनिवार्यता नहीं थी और सुरक्षा जांच निजी एजेंसी को सौंपी गई थी।

CCTV निगरानी और ऑडिट सिस्टम पर सवाल

हालांकि गिनती क्षेत्र में CCTV कैमरे लगे थे, लेकिन जांच में यह देखा जा रहा है कि क्या निगरानी प्रभावी थी। रिपोर्ट के अनुसार, फुटेज 45 दिन बाद ऑटो-डिलीट हो जाता था, जिससे ऑडिट ट्रेल कमजोर हो गया।

SBI की चेतावनी की भी जांच

मामले में यह भी सवाल उठ रहा है कि क्या स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) की किसी चेतावनी को नजरअंदाज किया गया था। जांच एजेंसियां इस पहलू की भी गहराई से पड़ताल कर रही हैं।


Key Highlights:

  • राम मंदिर ट्रस्ट में दान राशि पर अनियमितता के आरोप
  • ₹82.78 करोड़ दान और ₹2,100 करोड़ फंड मैनेजमेंट पर सवाल
  • कैश हैंडलिंग प्रक्रिया की जांच जारी
  • SOP और सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर आरोप
  • CCTV और ऑडिट सिस्टम की खामियां उजागर
  • SBI की चेतावनी की भी जांच

FAQ Section:

Q1: मामला किससे जुड़ा है?

A: अयोध्या राम मंदिर ट्रस्ट में दान राशि के कथित दुरुपयोग से।

Q2: ट्रस्ट के पास कितना फंड है?

A: लगभग ₹2,100 करोड़ का निवेश प्रबंधन।

Q3: जांच किन पहलुओं पर हो रही है?

A: कैश हैंडलिंग, SOP, CCTV निगरानी और ऑडिट सिस्टम पर।

Q4: क्या SBI की भूमिका की भी जांच हो रही है?

A: हां, SBI की कथित चेतावनी को लेकर भी सवाल उठे हैं।


Conclusion:

राम मंदिर ट्रस्ट से जुड़े कथित अनियमितता मामले ने अब व्यापक जांच का रूप ले लिया है। जांच एजेंसियां वित्तीय प्रक्रियाओं और सुरक्षा व्यवस्था की गहराई से समीक्षा कर रही हैं, जिससे आगे कई बड़े खुलासे संभव हैं।Screenshot_2915

Edited By: Karan Singh

खबरें और भी हैं

लुधियाना में मानसून से पहले प्रशासन अलर्ट: बाढ़ नियंत्रण को लेकर DC ने दिए सख्त निर्देश, कंट्रोल रूम 24×7 सक्रिय

Advertisement

नवीनतम

लुधियाना में मानसून से पहले प्रशासन अलर्ट: बाढ़ नियंत्रण को लेकर DC ने दिए सख्त निर्देश, कंट्रोल रूम 24×7 सक्रिय लुधियाना में मानसून से पहले प्रशासन अलर्ट: बाढ़ नियंत्रण को लेकर DC ने दिए सख्त निर्देश, कंट्रोल रूम 24×7 सक्रिय
लुधियाना में आगामी मानसून को देखते हुए जिला प्रशासन ने बाढ़ से निपटने की तैयारियों की समीक्षा की। डीसी ने...
SKM का बड़ा ऐलान: 22 जुलाई को पंजाब में टोल फ्री आंदोलन, FTA और BTA के खिलाफ BJP नेताओं के घरों के बाहर धरना
नगर निगम पर विपक्षी पार्षदों का हमला: वार्ड 82 में विकास कार्यों में देरी पर कांग्रेस पार्षद अरुण शर्मा नाराज
जालंधर में किसानों का धरना: धान सीजन में 8 घंटे बिजली सप्लाई की मांग, PSPCL कार्यालय के बाहर प्रदर्शन
राम मंदिर दान घोटाले में नया खुलासा: SBI ने स्टाफ बदलने की दी थी सलाह, ट्रस्ट पर रोक लगाने का आरोप
Copyright (c) Undekhi Khabar All Rights Reserved.
Powered By Vedanta Software