राम मंदिर दान घोटाले में नया खुलासा: SBI ने स्टाफ बदलने की दी थी सलाह, ट्रस्ट पर रोक लगाने का आरोप

₹12,000–₹15,000 वेतन पर तैनात कैश काउंटिंग स्टाफ हटाने की सिफारिश, कथित हस्तक्षेप से जांच के घेरे में ट्रस्ट

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राम मंदिर दान घोटाले से जुड़े मामले में नया दावा सामने आया है कि SBI ने तीन महीने पहले कैश काउंटिंग स्टाफ बदलने की सलाह दी थी, जिसे ट्रस्ट ने रोक दिया था।

राम मंदिर दान मामले में SBI की सिफारिश पर नया विवाद

अयोध्या में राम मंदिर दान घोटाले से जुड़े मामले में अब स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) की कथित भूमिका पर भी सवाल उठने लगे हैं। बैंक से जुड़े सूत्रों के अनुसार, SBI ने कथित अनियमितताओं की आशंका के चलते कैश काउंटिंग स्टाफ को बदलने की सिफारिश की थी।

तीन महीने पहले दी गई थी स्टाफ बदलने की सलाह

सूत्रों के मुताबिक, SBI को शक था कि मंदिर के डोनेशन बॉक्स से धन के गबन की संभावना हो सकती है। इसी के चलते बैंक ने कैश काउंटिंग स्टाफ को हटाने की सलाह दी थी, जो आउटसोर्सिंग एजेंसी के माध्यम से तैनात थे।

हालांकि, ट्रस्ट के कुछ सदस्यों द्वारा इस प्रक्रिया को कथित रूप से रोक दिया गया, जिससे स्टाफ बदलाव लागू नहीं हो सका।

₹12,000–₹15,000 वेतन पर तैनात कर्मचारी

रिपोर्ट के अनुसार, SBI द्वारा आउटसोर्सिंग एजेंसी के जरिए नियुक्त किए गए कर्मचारियों को ₹12,000 से ₹15,000 मासिक वेतन दिया जाता था। इन्हीं कर्मचारियों पर डोनेशन काउंटिंग का काम जिम्मेदारी से किया जाता था।

जांच के घेरे में ट्रस्ट की भूमिका

अब आरोपों के बाद ट्रस्ट की भूमिका पर भी जांच एजेंसियों की नजर है। सवाल उठ रहे हैं कि यदि बैंक ने बदलाव की सिफारिश की थी तो उसे लागू क्यों नहीं किया गया।

पुलिस जांच और पूछताछ जारी

इस मामले में पुलिस जांच जारी है और कई लोगों से पूछताछ की जा रही है। पहले से ही यह मामला वित्तीय अनियमितताओं और निगरानी व्यवस्था को लेकर गंभीर जांच के दायरे में है।


Key Highlights:

  • SBI ने कैश काउंटिंग स्टाफ बदलने की कथित सिफारिश की थी
  • ट्रस्ट पर बदलाव रोकने का आरोप
  • ₹12,000–₹15,000 वेतन पर आउटसोर्स कर्मचारी तैनात
  • दान राशि में गड़बड़ी की आशंका पर जांच
  • पुलिस और एजेंसियां मामले की जांच में जुटी

FAQ Section:

Q1: SBI ने क्या सिफारिश की थी?

A: दान गिनती करने वाले स्टाफ को बदलने की सलाह दी थी।

Q2: आरोप किस पर लगे हैं?

A: श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट पर कथित हस्तक्षेप के आरोप हैं।

Q3: कर्मचारी किस तरह नियुक्त थे?

A: आउटसोर्सिंग एजेंसी के माध्यम से ₹12,000–₹15,000 वेतन पर।

Q4: मामला किससे जुड़ा है?

A: राम मंदिर में दान राशि के कथित घोटाले से।


Conclusion:

राम मंदिर दान मामले में SBI की कथित सिफारिश और ट्रस्ट की भूमिका को लेकर नए सवाल खड़े हो गए हैं। जांच एजेंसियां अब इस पूरे घटनाक्रम की बारीकी से जांच कर रही हैं।Screenshot_2917

Edited By: Karan Singh

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