गन्ना भुगतान में गड़बड़ी पर किसानों का प्रदर्शन, कई किसानों को नहीं मिली रकम तो कुछ को हुआ डबल भुगतान

दोआबा किसान कमेटी ने कृषि विभाग कार्यालय के बाहर लगाया धरना, पोर्टल में लापरवाही का लगाया आरोप

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पंजाब में गन्ना किसानों के भुगतान को लेकर बड़ा विवाद सामने आया है। किसानों ने आरोप लगाया कि नए ऑनलाइन पोर्टल की खामियों के कारण हजारों किसानों को भुगतान नहीं मिला, जबकि कई किसानों के खातों में डबल रकम पहुंच गई।

कृषि विभाग कार्यालय के बाहर किसानों का धरना

दोआबा किसान कमेटी पंजाब ने जालंधर के लाडोवाली रोड स्थित कृषि विभाग कार्यालय के बाहर धरना प्रदर्शन किया। किसानों ने आरोप लगाया कि 6 और 7 मई को सरकार द्वारा ऑनलाइन माध्यम से किए गए गन्ना भुगतान में भारी गड़बड़ी हुई है।

प्रदर्शन का नेतृत्व संगठन के प्रदेश अध्यक्ष जगवीर सिंह चौहान ने किया। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार ने किसानों के लंबित गन्ना भुगतान की राशि बैंक खातों में जमा की थी, लेकिन भुगतान प्रक्रिया में कई गंभीर त्रुटियां सामने आईं।

विभिन्न चीनी मिलों ने जमा कराई करोड़ों की राशि

जगवीर सिंह चौहान ने बताया कि कई चीनी मिलों द्वारा किसानों के खातों में भुगतान भेजा गया।

किसानों के खातों में जमा की गई राशि:

  • एबी शुगर दसूहा – 20.8 करोड़ रुपये
  • इंडियन सुक्रोज मुकेरियां – 27.42 करोड़ रुपये
  • नाहर शुगर मिल अमलोह – 5.13 करोड़ रुपये
  • चड्ढा शुगर मिल किरी अफगाना – 5.13 करोड़ रुपये
  • राणा शुगर मिल बुट्टर सिविया – 3.39 करोड़ रुपये
  • फगवाड़ा शुगर मिल – 58.33 लाख रुपये

उन्होंने कहा कि कुल मिलाकर 62.48 करोड़ रुपये किसानों के खातों में जमा किए गए, जबकि 2025-26 सीजन के करीब 250 करोड़ रुपये अभी भी लंबित हैं।

नए पोर्टल में लापरवाही का आरोप

किसानों का आरोप है कि इस वर्ष गन्ना विभाग के अधिकारियों द्वारा नया ऑनलाइन पोर्टल तैयार किया गया, जिसमें भारी लापरवाही बरती गई।

किसानों ने कहा कि कई किसानों के खातों में एक भी रुपया नहीं पहुंचा, जबकि हजारों किसानों को डबल भुगतान कर दिया गया।

हजारों किसानों को हुआ डबल भुगतान

किसानों के अनुसार:

  • केवल दसूहा शुगर मिल से जुड़े करीब 1,300 किसानों को लगभग 3.85 करोड़ रुपये का डबल भुगतान हुआ।
  • मुकेरियां और अन्य निजी चीनी मिलों से जुड़े किसानों को भी करोड़ों रुपये अतिरिक्त भेज दिए गए।
  • वहीं कई किसान ऐसे रहे जिन्हें कोई भुगतान नहीं मिला।

किसानों ने इसे प्रशासनिक लापरवाही और किसानों के साथ अन्याय बताया।

किसानों ने उठाई जांच और भुगतान की मांग

धरने के दौरान किसानों ने मांग की कि जिन किसानों को अब तक भुगतान नहीं मिला है, उन्हें तुरंत राशि जारी की जाए।

इसके साथ ही उन्होंने यह भी मांग की कि अधिकारियों की गलती की जांच कर जिम्मेदारी तय की जाए।

30 मई तक 142 करोड़ रुपये जारी करने का आश्वासन

प्रदर्शन के दौरान प्रोजेक्ट ऑफिसर केन जालंधर, मंदीप सिंह ने किसानों को आश्वासन दिया कि पंजाब की सभी निजी चीनी मिलों के 142 करोड़ रुपये 30 मई तक किसानों के खातों में जमा कर दिए जाएंगे।

धरने में रंजीत सिंह बाजवा, बलबीर सिंह सोहिया, अमरजीत सिंह कुरला, ओंकार सिंह देविदास, गुरप्रीत सिंह संधू, मेहताब सिंह हुंदल, परमिंदर सिंह समरा और रंजीत सिंह गिद्दड़पिंडी सहित कई किसान नेता मौजूद रहे।

किसानों के प्रतिनिधिमंडल ने केन कमिश्नर से की मुलाकात

गुरु नानक सेवा सोसायटी के अध्यक्ष कृपाल सिंह गेरा के नेतृत्व में किसानों के प्रतिनिधिमंडल ने मोहाली स्थित कृषि मुख्यालय में पंजाब केन कमिश्नर डॉ. अमरीक सिंह से मुलाकात की।

प्रतिनिधिमंडल ने ज्ञापन सौंपते हुए बताया कि सरकार द्वारा घोषित 68.40 रुपये प्रति क्विंटल बोनस अब तक किसानों को नहीं मिला है।

मुकेरियां शुगर मिल पर भुगतान में देरी का आरोप

किसानों ने बताया कि मुकेरियां शुगर मिल पर करीब 25 करोड़ रुपये का भुगतान लंबित है।

उन्होंने कहा कि दसूहा शुगर मिल 14 दिनों के भीतर किसानों को भुगतान कर देती है, जबकि मुकेरियां शुगर मिल प्रबंधन हर सीजन में भुगतान में देरी करता है, जिससे किसानों में नाराजगी है।


Key Highlights:

  • गन्ना भुगतान में गड़बड़ी को लेकर किसानों का धरना
  • हजारों किसानों को नहीं मिला भुगतान
  • कई किसानों के खातों में पहुंची डबल राशि
  • 62.48 करोड़ रुपये किसानों के खातों में जमा
  • करीब 250 करोड़ रुपये अभी भी लंबित
  • 30 मई तक 142 करोड़ रुपये जारी करने का आश्वासन
  • किसानों ने पोर्टल में लापरवाही का लगाया आरोप

FAQ Section:

Q1. किसानों ने धरना क्यों दिया?

किसानों ने गन्ना भुगतान में हुई गड़बड़ी और भुगतान न मिलने के विरोध में धरना दिया।

Q2. कितनी राशि किसानों के खातों में जमा की गई?

कुल 62.48 करोड़ रुपये किसानों के खातों में जमा किए गए।

Q3. किसानों की मुख्य शिकायत क्या है?

कई किसानों को भुगतान नहीं मिला, जबकि कुछ किसानों के खातों में डबल भुगतान पहुंच गया।

Q4. सरकार ने क्या आश्वासन दिया है?

30 मई तक 142 करोड़ रुपये किसानों के खातों में जमा कराने का आश्वासन दिया गया है।

Q5. किस शुगर मिल पर भुगतान में देरी का आरोप लगा?

मुकेरियां शुगर मिल पर भुगतान में देरी का आरोप लगाया गया है।


Conclusion:

पंजाब में गन्ना किसानों के भुगतान को लेकर सामने आई गड़बड़ी ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। ऑनलाइन पोर्टल में कथित खामियों के कारण कई किसानों को आर्थिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। किसानों ने सरकार से लंबित भुगतान जल्द जारी करने और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। आने वाले दिनों में सरकार की कार्रवाई पर किसानों की नजर बनी रहेगी।Screenshot_1492

Edited By: Karan Singh

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