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लुधियाना के छात्रों ने सरकारी स्कूल में बनवाई AI और रोबोटिक्स लैब, 4,200 विद्यार्थियों को मिलेगा लाभ
निजी स्कूलों के पांच छात्रों की अनोखी पहल, सरकारी स्कूल के बच्चों को मिलेगा आधुनिक तकनीक सीखने का अवसर
लुधियाना में पांच छात्रों ने अपने स्तर पर फंड जुटाकर सरकारी स्कूल में अत्याधुनिक रोबोटिक्स और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) लैब स्थापित करवाई है। इस पहल से 4,200 से अधिक छात्रों को आधुनिक तकनीकी शिक्षा का लाभ मिलेगा।
सरकारी स्कूल में शुरू हुई आधुनिक AI और रोबोटिक्स लैब
लुधियाना के सरकारी सीनियर सेकेंडरी स्कूल (GSSS), पीएयू में अब छात्रों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), रोबोटिक्स और आधुनिक तकनीक की शिक्षा मिलेगी। इस अत्याधुनिक लैब की स्थापना निजी स्कूलों के पांच छात्रों की अनोखी पहल से संभव हो सकी है।
सत पॉल मित्तल स्कूल और दिल्ली पब्लिक स्कूल (DPS) के छात्रों समायरा गुप्ता, प्रिशा, अमाया, नंदिनी और प्रणय ने स्वयं फंड जुटाकर यह सुविधा उपलब्ध करवाई।
डिप्टी कमिश्नर ने किया लैब का उद्घाटन
इस नई रोबोटिक्स और AI लैब का उद्घाटन लुधियाना के डिप्टी कमिश्नर हिमांशु जैन ने किया। इस दौरान अतिरिक्त डिप्टी कमिश्नर पूनम सिंह, असिस्टेंट कमिश्नर पायल गोयल और अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे।डिप्टी कमिश्नर ने इस पहल को छात्रों के तकनीकी विकास और नवाचार को बढ़ावा देने वाला महत्वपूर्ण कदम बताया।
4,200 छात्रों को मिलेगा फायदा
स्कूल के प्रिंसिपल प्रदीप कुमार ने बताया कि आज के डिजिटल दौर में कंप्यूटर शिक्षा और AI, रोबोटिक्स जैसी आधुनिक तकनीकों की जानकारी बेहद जरूरी हो गई है।
उन्होंने कहा कि यह लैब 4,200 से अधिक छात्रों को रोबोटिक्स, AI और STEM शिक्षा में व्यावहारिक अनुभव प्रदान करेगी, जिससे उन्हें भविष्य के लिए तैयार किया जा सकेगा।
छात्रों की पहल बनी प्रेरणा
प्रिंसिपल प्रदीप कुमार ने कहा कि यह छात्र-नेतृत्व वाली पहल समाज में समान अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में एक प्रेरणादायक कदम है।
उन्होंने बताया कि पांचों छात्रों ने खुद संसाधन जुटाए और सरकारी स्कूल के बच्चों तक आधुनिक तकनीक पहुंचाने का फैसला किया, ताकि सभी छात्रों को समान अवसर मिल सकें।
DIY प्रोजेक्ट्स और प्रैक्टिकल लर्निंग पर रहेगा फोकस
डिप्टी कमिश्नर हिमांशु जैन ने कहा कि यह लैब छात्रों के लिए हैंड्स-ऑन लर्निंग सेंटर के रूप में काम करेगी, जहां छात्र प्रैक्टिकल प्रयोग और DIY (Do-It-Yourself) प्रोजेक्ट्स के जरिए अपने आइडिया को वास्तविकता में बदल सकेंगे।
उन्होंने बताया कि इस लैब में छात्रों को AI, रोबोटिक्स, कोडिंग, मेटावर्स और मेकाट्रॉनिक्स जैसे आधुनिक क्षेत्रों की जानकारी दी जाएगी।
आर्यमन फाउंडेशन भी करेगा सहयोग
डिप्टी कमिश्नर ने पांचों छात्रों की सराहना करते हुए आर्यमन फाउंडेशन का भी धन्यवाद किया।
उन्होंने बताया कि फाउंडेशन सप्ताह में दो दिन विशेषज्ञ शिक्षकों को उपलब्ध करवाएगा, जो छात्रों को विशेष कक्षाएं देकर तकनीकी शिक्षा और मार्गदर्शन प्रदान करेंगे।
Key Highlights:
- सरकारी स्कूल में शुरू हुई AI और रोबोटिक्स लैब
- पांच छात्रों ने खुद फंड जुटाकर बनाई लैब
- 4,200 से अधिक छात्रों को मिलेगा लाभ
- AI, रोबोटिक्स, कोडिंग और STEM शिक्षा पर फोकस
- डिप्टी कमिश्नर हिमांशु जैन ने किया उद्घाटन
- आर्यमन फाउंडेशन देगा तकनीकी सहयोग
FAQ Section:
Q1. AI और रोबोटिक्स लैब कहां शुरू की गई है?
यह लैब सरकारी सीनियर सेकेंडरी स्कूल (GSSS), पीएयू, लुधियाना में शुरू की गई है।
Q2. इस पहल को किसने शुरू किया?
सत पॉल मित्तल स्कूल और DPS के पांच छात्रों ने मिलकर यह पहल की।
Q3. कितने छात्रों को इसका लाभ मिलेगा?
करीब 4,200 छात्रों को इस लैब का लाभ मिलेगा।
Q4. लैब में कौन-कौन सी तकनीक सिखाई जाएगी?
AI, रोबोटिक्स, कोडिंग, मेटावर्स, मेकाट्रॉनिक्स और STEM शिक्षा से जुड़ी तकनीक सिखाई जाएगी।
Q5. आर्यमन फाउंडेशन की क्या भूमिका होगी?
फाउंडेशन विशेषज्ञ शिक्षकों को उपलब्ध कराएगा, जो छात्रों को तकनीकी प्रशिक्षण देंगे।
Conclusion:
लुधियाना के पांच छात्रों की यह पहल समाज के लिए प्रेरणादायक उदाहरण बनकर सामने आई है। सरकारी स्कूल के छात्रों को आधुनिक तकनीकी शिक्षा उपलब्ध करवाने का यह प्रयास शिक्षा क्षेत्र में समान अवसर और डिजिटल सशक्तिकरण की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है। आने वाले समय में ऐसी पहलें छात्रों को तकनीकी रूप से आत्मनिर्भर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं।

