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मन की बात में पीएम मोदी ने की पंजाब की ‘नव-त्रिंजन’ पहल की तारीफ, स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा देने की अपील
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने त्योहारों के मौसम में स्थानीय उत्पाद खरीदने का आह्वान किया। पंजाब के मालवा क्षेत्र में जैविक कपास, पारंपरिक बुनाई और महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की पहल को भी सराहा।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘मन की बात’ के 139वें एपिसोड में पंजाब के खेत विरासत मिशन की ‘नव-त्रिंजन’ पहल का जिक्र किया। यह अभियान जैविक कपास की खेती, पारंपरिक हथकरघा बुनाई और ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने पर केंद्रित है।
मन की बात में पीएम मोदी ने की स्वदेशी उत्पाद अपनाने की अपील
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को अपने मासिक रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ के 139वें एपिसोड में देशवासियों से आगामी त्योहारों के दौरान स्थानीय स्तर पर बने उत्पादों को प्राथमिकता देने की अपील की। उन्होंने कहा कि स्थानीय उत्पादों को अपनाने से पारंपरिक कौशल, ग्रामीण आजीविका और देश की सांस्कृतिक विरासत को बढ़ावा मिलता है।
कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री ने समुदाय के सहयोग से पारंपरिक खेती को पुनर्जीवित करने, हथकरघा बुनाई को प्रोत्साहित करने और पर्यावरण संरक्षण के लिए किए जा रहे प्रयासों का उल्लेख किया।
पंजाब की ‘नव-त्रिंजन’ पहल की सराहना
प्रधानमंत्री मोदी ने पंजाब के खेत विरासत मिशन (Kheti Virasat Mission) के काम की तारीफ की। संगठन की ‘नव-त्रिंजन’ पहल मालवा क्षेत्र में जैविक कपास की खेती और पारंपरिक बुनाई को बढ़ावा देने का प्रयास कर रही है।
इस पहल का उद्देश्य पारंपरिक कृषि पद्धतियों को फिर से लोकप्रिय बनाना और ग्रामीण महिलाओं को बुनाई का प्रशिक्षण देकर आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाना है।
अभियान के तहत कपास की खेती में रासायनिक पदार्थों के इस्तेमाल से बचने पर जोर दिया जाता है। साथ ही, प्राकृतिक रंगों वाली कपास का उपयोग किया जाता है, ताकि धागे और कपड़े को रंगने के लिए अतिरिक्त रासायनिक रंगों की जरूरत कम हो सके।
मजदूरी से हुनरमंद बुनकर बनीं महिलाएं
प्रधानमंत्री ने इस पहल से जुड़ी महिलाओं की प्रेरणादायक कहानियां भी साझा कीं। उन्होंने रामनदीप कौर का उदाहरण दिया, जिन्होंने मजदूरी करने के बाद बुनाई का कौशल सीखा और इस क्षेत्र में अपनी पहचान बनाई।
इसी तरह, रेखा रानी ने बुनाई स्कूल में दाखिला लेने से पहले कभी हथकरघा नहीं देखा था। प्रशिक्षण के बाद उन्होंने शॉल तैयार की, जिसे आगे चलकर राष्ट्रपति को भेंट किया गया।
पीएम मोदी ने सुनेहा देवी का भी उल्लेख किया, जो पहले घरेलू सहायिका के रूप में काम करती थीं और अब कपड़े बुन रही हैं। वहीं, रजनी कौर ने खेतों में मजदूरी करने के बाद बुनाई का हुनर सीखा और अब अपने परिवार की आर्थिक मदद कर रही हैं।
इन उदाहरणों से पता चलता है कि पारंपरिक कौशल का प्रशिक्षण महिलाओं के लिए आजीविका के नए अवसर पैदा कर सकता है।
वैज्ञानिक नरिंदर सिंह कपानी को दी श्रद्धांजलि
‘मन की बात’ के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने प्रसिद्ध वैज्ञानिक नरिंदर सिंह कपानी को भी याद किया। उन्हें व्यापक रूप से ‘फाइबर ऑप्टिक्स का जनक’ कहा जाता है। कपानी का जन्म पंजाब के मोगा जिले में हुआ था।
31 अक्टूबर को उनकी 100वीं जयंती से पहले प्रधानमंत्री ने उनके वैज्ञानिक योगदान को नमन किया। कपानी ने पतले फाइबर के माध्यम से प्रकाश के संचार पर महत्वपूर्ण शोध किया था। उनके काम ने आधुनिक फाइबर-ऑप्टिक संचार नेटवर्क के विकास की नींव रखने में योगदान दिया।
प्रधानमंत्री ने अपने मासिक रेडियो कार्यक्रम को एक ‘तीर्थयात्रा’ जैसा अनुभव बताते हुए इसके माध्यम से लोगों और समाज के सकारात्मक प्रयासों से जुड़ने की बात भी कही।
IIT मद्रास के ब्रेन रिसर्च प्रोजेक्ट का भी जिक्र
प्रधानमंत्री मोदी ने भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) मद्रास के सुधा गोपालकृष्णन ब्रेन सेंटर के कार्यों का भी उल्लेख किया।
यह केंद्र मानव मस्तिष्क की कार्यप्रणाली और तंत्रिका संबंधी स्थितियों पर शोध को आगे बढ़ाने के उद्देश्य से 100 मानव मस्तिष्कों की उच्च-रिजॉल्यूशन वाली त्रि-आयामी डिजिटल छवियां तैयार करने की दिशा में काम कर रहा है।
इस तरह के शोध से मस्तिष्क की संरचना और उसके काम करने के तरीके को बेहतर ढंग से समझने में मदद मिल सकती है।
Key Highlights
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पीएम मोदी ने ‘मन की बात’ के 139वें एपिसोड में स्थानीय उत्पाद खरीदने की अपील की।
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पंजाब के खेत विरासत मिशन की ‘नव-त्रिंजन’ पहल का उल्लेख किया।
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मालवा क्षेत्र में जैविक कपास और पारंपरिक बुनाई को बढ़ावा दिया जा रहा है।
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ग्रामीण महिलाओं को बुनाई का प्रशिक्षण देकर आत्मनिर्भर बनाने पर जोर।
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मोगा में जन्मे वैज्ञानिक नरिंदर सिंह कपानी को उनकी 100वीं जयंती से पहले श्रद्धांजलि।
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IIT मद्रास के ब्रेन सेंटर के 100 मानव मस्तिष्कों की डिजिटल इमेजिंग संबंधी शोध का जिक्र।
FAQ Section
1. पीएम मोदी ने ‘मन की बात’ में किस पहल की तारीफ की?
प्रधानमंत्री ने पंजाब के खेत विरासत मिशन की ‘नव-त्रिंजन’ पहल का उल्लेख किया, जो जैविक कपास की खेती और पारंपरिक बुनाई को बढ़ावा देती है।
2. ‘नव-त्रिंजन’ पहल का मुख्य उद्देश्य क्या है?
इसका उद्देश्य पारंपरिक कृषि पद्धतियों को प्रोत्साहित करना, हथकरघा बुनाई को पुनर्जीवित करना और ग्रामीण महिलाओं को कौशल प्रशिक्षण के जरिए आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है।
3. नरिंदर सिंह कपानी कौन थे?
नरिंदर सिंह कपानी प्रसिद्ध वैज्ञानिक थे, जिन्हें ‘फाइबर ऑप्टिक्स का जनक’ कहा जाता है। उन्होंने फाइबर के माध्यम से प्रकाश के संचार पर महत्वपूर्ण शोध किया।
4. ‘नव-त्रिंजन’ पहल से महिलाओं को क्या लाभ मिल रहा है?
महिलाएं बुनाई का कौशल सीखकर कपड़े और शॉल तैयार कर रही हैं। इससे उन्हें आजीविका के अवसर मिल रहे हैं और परिवार की आय में योगदान देने में मदद मिल रही है।
5. IIT मद्रास का ब्रेन सेंटर किस पर काम कर रहा है?
सुधा गोपालकृष्णन ब्रेन सेंटर 100 मानव मस्तिष्कों की उच्च-रिजॉल्यूशन वाली 3D डिजिटल छवियां तैयार करने की दिशा में काम कर रहा है, ताकि मस्तिष्क और तंत्रिका संबंधी स्थितियों पर शोध को आगे बढ़ाया जा सके।
Conclusion
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘मन की बात’ कार्यक्रम में पंजाब की ‘नव-त्रिंजन’ पहल का उल्लेख स्थानीय कौशल, जैविक खेती और महिला सशक्तीकरण के महत्व को सामने लाता है। स्वदेशी उत्पादों को प्राथमिकता देने और पारंपरिक हुनर को नई पीढ़ी तक पहुंचाने के प्रयास ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में अहम भूमिका निभा सकते हैं।

