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स्मार्ट ट्रैफिक लाइट्स के बीच शहर की सड़कों पर फैला कबाड़, पुराने पोल बने लोगों की परेशानी
LED स्मार्ट सिग्नल लगाने के बाद पुराने ट्रैफिक पोल और उपकरण सड़कों किनारे पड़े, नगर निगम की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल
शहर में स्मार्ट ट्रैफिक सिग्नल लगाने के बाद पुराने ट्रैफिक पोल और उपकरणों को समय पर नहीं हटाया गया। सड़कों और फुटपाथों पर पड़ा यह कबाड़ अब लोगों के लिए परेशानी और शहर की सुंदरता पर दाग बनता जा रहा है।
स्मार्ट ट्रैफिक सिग्नल परियोजना के बीच लापरवाही उजागर
शहर के कई व्यस्त चौराहों और सड़कों पर पुराने ट्रैफिक लाइट्स को हटाकर नए LED स्मार्ट सिग्नल लगाए गए हैं। हालांकि, आधुनिक ट्रैफिक सिस्टम लगाने के बाद पुराने पोल और उपकरणों को हटाने में नगर निगम की लापरवाही साफ नजर आ रही है।
सड़कों किनारे जंग लगे पोल, टूटे सिग्नल हेड और अन्य कबाड़ बेतरतीब तरीके से पड़े हुए हैं, जिससे लोगों को परेशानी हो रही है।
कई प्रमुख चौराहों पर फैला पड़ा है कबाड़
जानकारी के अनुसार, नगर निगम ने स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत शहर के कई हिस्सों में आधुनिक ट्रैफिक सिग्नल लगाए हैं।लेकिन पुराने ढांचे को हटाने की व्यवस्था नहीं होने के कारण कई इलाकों में ट्रैफिक पोल और उपकरण अब भी पड़े हुए हैं। इनमें प्रमुख स्थान शामिल हैं:
- पवेलियन चौक
- रोज गार्डन के पास ट्रैफिक लाइट्स
- हैबोवाल चौक
- दुर्गा माता मंदिर चौक
लोगों ने जताई नाराजगी
स्थानीय निवासियों और राहगीरों ने कहा कि पुराने ट्रैफिक लाइट्स और पोल को जिस तरह सड़कों के किनारे छोड़ दिया गया है, वह शहर की सुंदरता खराब कर रहा है।
लोगों का कहना है कि जब शहर को आधुनिक और आकर्षक बनाने के लिए नई स्मार्ट लाइट्स लगाई जा रही हैं, तब पुराने कबाड़ को वहीं छोड़ देना अधिकारियों की लापरवाही को दर्शाता है।
रात के समय खराब हो रही शहर की सुंदरता
निवासियों ने बताया कि नई LED लाइट्स चौराहों को आधुनिक और आकर्षक रूप देती हैं, लेकिन उनके पास पड़े पुराने जंग लगे पोल पूरे दृश्य को खराब कर देते हैं।
विशेषकर रात के समय यह अव्यवस्था और अधिक दिखाई देती है।
ट्रैफिक पुलिस ने MC को बताया जिम्मेदार
एक ट्रैफिक पुलिस अधिकारी ने कहा कि पुराने ट्रैफिक लाइट्स और उपकरणों का उचित निपटान करना नगर निगम की जिम्मेदारी है।
उन्होंने बताया कि इस मामले को संबंधित अधिकारियों के संज्ञान में पहले ही लाया जा चुका है।
नगर निगम ने दी सफाई
नगर निगम के एक अधिकारी ने कहा कि नए ट्रैफिक सिग्नल चरणबद्ध तरीके से लगाए जा रहे हैं। इसी कारण पुराने पोल और उपकरणों को तुरंत नहीं हटाया जा सका।
हालांकि, लोगों का कहना है कि स्मार्ट सिटी परियोजनाओं के साथ सफाई और रखरखाव पर भी उतना ही ध्यान दिया जाना चाहिए।
Key Highlights:
- शहर में नए LED स्मार्ट ट्रैफिक सिग्नल लगाए गए
- पुराने ट्रैफिक पोल और उपकरण सड़कों किनारे पड़े
- कई प्रमुख चौराहों पर फैला कबाड़
- लोगों ने नगर निगम की कार्यप्रणाली पर उठाए सवाल
- ट्रैफिक पुलिस ने MC को बताया जिम्मेदार
- स्मार्ट सिटी परियोजना के बीच सफाई व्यवस्था पर चिंता
FAQ Section:
Q1. समस्या किससे जुड़ी हुई है?
पुराने ट्रैफिक लाइट पोल और उपकरणों को हटाने में देरी से यह समस्या पैदा हुई है।
Q2. किन इलाकों में पुराने पोल पड़े हुए हैं?
पवेलियन चौक, रोज गार्डन, हैबोवाल चौक और दुर्गा माता मंदिर चौक जैसे क्षेत्रों में।
Q3. नए ट्रैफिक सिग्नल किस योजना के तहत लगाए गए?
स्मार्ट सिटी पहल के तहत नए LED स्मार्ट ट्रैफिक सिग्नल लगाए गए हैं।
Q4. ट्रैफिक पुलिस ने क्या कहा?
ट्रैफिक पुलिस के अनुसार, पुराने उपकरणों का निपटान नगर निगम की जिम्मेदारी है।
Q5. नगर निगम ने क्या सफाई दी?
MC अधिकारियों ने कहा कि काम चरणबद्ध तरीके से होने के कारण पुराने पोल तुरंत नहीं हटाए जा सके।
Conclusion:
शहर को स्मार्ट और आधुनिक बनाने की दिशा में ट्रैफिक इंफ्रास्ट्रक्चर का अपग्रेड जरूरी कदम है, लेकिन इसके साथ साफ-सफाई और पुराने ढांचे के उचित निपटान पर ध्यान देना भी उतना ही महत्वपूर्ण है। यदि समय रहते इन पुराने ट्रैफिक पोल और उपकरणों को नहीं हटाया गया, तो यह न केवल शहर की सुंदरता को प्रभावित करेगा बल्कि लोगों की सुविधा और सुरक्षा पर भी असर डाल सकता है।

