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नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर दिखेगी कला की नई उड़ान, परेश मैती की भव्य कलाकृतियां बनीं आकर्षण का केंद्र
‘जागृति’ और ‘मिस्टिक अबोड’ के जरिए उत्तर प्रदेश की संस्कृति और शांति का संदेश देगा नोएडा एयरपोर्ट
प्रसिद्ध कलाकार Paresh Maity की दो भव्य कलाकृतियां जल्द शुरू होने वाले नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर स्थापित की गई हैं। ये कलाकृतियां उत्तर प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत, शांति और सकारात्मकता को दर्शाती हैं।
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर कला और संस्कृति का संगम
जल्द शुरू होने जा रहे Noida International Airport में यात्रियों को केवल आधुनिक सुविधाएं ही नहीं, बल्कि भारतीय कला और संस्कृति की झलक भी देखने को मिलेगी।
देश के मशहूर कलाकार परेश मैती ने एयरपोर्ट के लिए अपनी दो विशेष कलाकृतियां तैयार की हैं, जो यात्रियों के अनुभव को और खास बनाएंगी।
‘जागृति’ में दिखे सूर्योदय के रंग
परेश मैती की पहली कलाकृति “जागृति (Awakening)” छह बड़े पैनलों का एक विशाल आर्टवर्क है।इस कलाकृति की खास बातें:
- ऑयल और एक्रिलिक ऑन कैनवास तकनीक का उपयोग
- नारंगी और पीले रंगों के जरिए सूर्योदय की ऊर्जा का चित्रण
- उत्तर प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को दर्शाने का प्रयास
यह कलाकृति एयरपोर्ट के ट्रांजिट एरिया की दीवारों को जीवंत और आकर्षक बनाती है।
दो साल पहले शुरू हुआ था प्रोजेक्ट
परेश मैती ने बताया कि लगभग दो साल पहले एयरपोर्ट प्रशासन ने उन्हें प्रोजेक्ट के लिए आमंत्रित किया था।
उन्होंने कहा कि एयरपोर्ट अधिकारी शुरुआत से ही चाहते थे कि एयरपोर्ट परिसर में कला को प्रमुख स्थान दिया जाए।
कलाकार के अनुसार, उनकी दोनों सार्वजनिक कलाकृतियां उन्हीं कॉन्सेप्ट्स पर आधारित हैं जिन्हें उन्होंने प्रारंभिक प्रस्तुति के दौरान साझा किया था।
‘मिस्टिक अबोड’ बना यात्रियों के लिए शांति का प्रतीक
परेश मैती की दूसरी इंस्टॉलेशन “Mystic Abode” भी एयरपोर्ट का प्रमुख आकर्षण बनने जा रही है।
यह एक झोपड़ी के आकार की इंस्टॉलेशन है जिसे:
- 8,000 से अधिक पीतल की घंटियों
- और स्टील बार्स की मदद से तैयार किया गया है।
इंस्टॉलेशन का आकार:
12 x 14.5 x 8.5 फीट
स्विट्जरलैंड में भी प्रदर्शित हो चुकी है यह कलाकृति
कलाकार ने बताया कि यह इंस्टॉलेशन वर्ष 2014 में बनाई गई थी और पहले स्विट्जरलैंड के सेंट-मॉरिस में प्रदर्शित की जा चुकी है।
जब एयरपोर्ट अधिकारियों ने इसे देखा तो उन्होंने इसे एयरपोर्ट का हिस्सा बनाने की इच्छा जताई।
कला के जरिए शांति और सकारात्मकता का संदेश
परेश मैती का मानना है कि आज की दुनिया अनिश्चितता और तनाव से भरी हुई है।
उन्होंने कहा कि उनकी कला हमेशा लोगों के जीवन में खुशी, शांति और सौहार्द लाने का प्रयास करती है और यही वजह है कि उनकी कलाकृतियां एयरपोर्ट जैसे सार्वजनिक स्थान के लिए उपयुक्त हैं।
घंटियों की मधुर ध्वनि और विशाल पेंटिंग्स मिलकर यात्रियों को एक अलग अनुभव देने का काम करेंगी।
Key Highlights:
- नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर परेश मैती की कलाकृतियां स्थापित
- “जागृति” में दिखे सूर्योदय और यूपी की संस्कृति के रंग
- “Mystic Abode” में लगी हैं 8,000 से ज्यादा पीतल की घंटियां
- इंस्टॉलेशन पहले स्विट्जरलैंड में भी हो चुकी है प्रदर्शित
- कला के जरिए शांति और सकारात्मकता का संदेश
- एयरपोर्ट पर यात्रियों को मिलेगा सांस्कृतिक अनुभव
FAQ Section:
Q1. नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर किस कलाकार की कलाकृतियां लगाई गई हैं?
प्रसिद्ध कलाकार परेश मैती की कलाकृतियां स्थापित की गई हैं।
Q2. “जागृति” कलाकृति क्या दर्शाती है?
यह कलाकृति सूर्योदय के रंगों और उत्तर प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत को दर्शाती है।
Q3. “Mystic Abode” किससे बनाई गई है?
यह इंस्टॉलेशन 8,000 से अधिक पीतल की घंटियों और स्टील बार्स से बनाई गई है।
Q4. क्या यह इंस्टॉलेशन पहले कहीं प्रदर्शित हुई है?
हाँ, इसे स्विट्जरलैंड के सेंट-मॉरिस में प्रदर्शित किया जा चुका है।
Q5. इन कलाकृतियों का मुख्य उद्देश्य क्या है?
यात्रियों को शांति, सकारात्मकता और सांस्कृतिक जुड़ाव का अनुभव देना।
Conclusion:
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट केवल एक ट्रांसपोर्ट हब नहीं बल्कि कला और संस्कृति का नया केंद्र बनने जा रहा है। परेश मैती की कलाकृतियां यात्रियों को भारतीय विरासत, शांति और सौंदर्य से जोड़ने का काम करेंगी। यह पहल एयरपोर्ट अनुभव को अधिक यादगार और भावनात्मक बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

