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न्यूज़ीलैंड में सिख नगर कीर्तन से जुड़ी घटनाओं पर पुलिस ने दिया सहयोग का भरोसा: केंद्र सरकार
सिख समुदाय और भारतीय उच्चायोग के साथ बैठकों के बाद सुरक्षा को लेकर आश्वासन
न्यूज़ीलैंड में हाल ही में सिख धार्मिक जुलूसों के दौरान हुई दो घटनाओं के बाद वहां की पुलिस ने सिख समुदाय के नेताओं और भारतीय उच्चायोग को पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया है। केंद्र सरकार ने शुक्रवार को संसद में इसकी जानकारी दी।
न्यूज़ीलैंड में सिख समुदाय के धार्मिक नगर कीर्तन के दौरान सामने आई दो घटनाओं को लेकर वहां की पुलिस ने सिख नेताओं और भारतीय उच्चायोग को पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया है। केंद्र सरकार ने शुक्रवार को संसद में यह जानकारी दी।
लोकसभा में शिरोमणि अकाली दल की सांसद हरसिमरत कौर बादल द्वारा पूछे गए प्रश्न के उत्तर में विदेश राज्य मंत्री पबित्र मार्गेरिटा ने बताया कि दोनों घटनाओं के बाद न्यूज़ीलैंड पुलिस ने नगर कीर्तन आयोजकों, स्थानीय सिख नेताओं और भारतीय उच्चायोग के अधिकारियों के साथ बैठकें कीं, ताकि सुरक्षा से जुड़ी चिंताओं का समाधान किया जा सके।
पहली घटना न्यूज़ीलैंड के टौरंगा शहर में सामने आई, जहां गुरुद्वारा सिख संगत द्वारा गुरु गोबिंद सिंह जी के प्रकाश पर्व के उपलक्ष्य में आयोजित नगर कीर्तन को कथित तौर पर “द ट्रू पैट्रियट्स ऑफ न्यूज़ीलैंड” नामक समूह ने बाधित करने की कोशिश की। बताया गया है कि यह समूह सामाजिक रूप से कट्टरपंथी विचारधारा वाला है और इसका संबंध न्यूज़ीलैंड के एक ईसाई संगठन ‘डेस्टिनी चर्च’ से बताया जा रहा है।
मंत्री ने सदन को बताया कि टौरंगा नगर निगम से नगर कीर्तन की पूर्व अनुमति ली गई थी और स्थानीय पुलिस प्रशासन को पहले से इसकी सूचना दी गई थी। पुलिस मौके पर मौजूद रही और यह सुनिश्चित किया कि धार्मिक जुलूस बिना किसी टकराव के शांतिपूर्वक आगे बढ़ सके।
इसी तरह की एक और घटना 20 दिसंबर 2025 को साउथ ऑकलैंड के मैनुरेवा इलाके में सामने आई थी। यहां गुरुद्वारा नानकसर से जुड़े सिख समुदाय द्वारा आयोजित नगर कीर्तन को भी इसी समूह ने बाधित करने की कोशिश की। रिपोर्ट के अनुसार, करीब 50 प्रदर्शनकारियों ने ‘हाका’ नृत्य किया, जिसके बाद पुलिस ने उन्हें इलाके से बाहर निकाल दिया और नगर कीर्तन को सुरक्षित रूप से आगे बढ़ने दिया।
केंद्र सरकार ने स्पष्ट किया कि भारतीय उच्चायोग इन घटनाओं पर लगातार नजर बनाए हुए है और न्यूज़ीलैंड प्रशासन के साथ समन्वय कर सिख समुदाय की सुरक्षा और धार्मिक स्वतंत्रता सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।
