पंजाब में मेडिकल स्टोर से गायब हुईं साइकोट्रॉपिक दवाइयां, मरीजों की बढ़ी परेशानी; दर्द और मानसिक रोगों के मरीज बेहाल

केमिस्ट एसोसिएशन और प्रशासन के बीच टकराव का असर मरीजों पर, Pregabalin और Tramadol जैसी दवाएं नहीं मिलने से बुजुर्गों, कैंसर और ऑपरेशन के बाद इलाज करा रहे लोगों की मुश्किलें बढ़ीं।

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पंजाब में केमिस्ट एसोसिएशन और प्रशासन के बीच चल रहे विवाद के कारण मेडिकल स्टोर पर साइकोट्रॉपिक और आदत डालने वाली दवाओं की उपलब्धता प्रभावित हुई है। वैध डॉक्टर के पर्चे के बावजूद मरीजों को दवाएं नहीं मिल रही हैं। सबसे ज्यादा परेशानी बुजुर्गों, कैंसर मरीजों और पुराने दर्द से जूझ रहे लोगों को हो रही है।

पंजाब में दवाओं की कमी ने मरीजों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। राज्य के कई मेडिकल स्टोर पर साइकोट्रॉपिक और कुछ नियंत्रित दवाएं उपलब्ध नहीं होने से मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। डॉक्टर की वैध पर्ची लेकर मेडिकल स्टोर पहुंचने के बावजूद लोगों को खाली हाथ लौटना पड़ रहा है।

इस पूरे मामले की वजह केमिस्ट एसोसिएशन और प्रशासन के बीच बढ़ता विवाद बताया जा रहा है। पंजाब केमिस्ट एसोसिएशन ने पिछले महीने राज्यभर में Pregabalin समेत आदत डालने वाली दवाओं की बिक्री तत्काल प्रभाव से बंद करने का फैसला लिया था। इसके बाद इन दवाओं की उपलब्धता प्रभावित हुई है।

पंजाब में दवाओं की बिक्री बंद होने से मरीज परेशान

केमिस्ट एसोसिएशन का कहना है कि साइकोट्रॉपिक दवाओं की बिक्री करने वाले लाइसेंसधारी दुकानदारों को लंबी रिकॉर्ड रखने और अन्य कानूनी प्रक्रियाओं का पालन करना पड़ता है। इसके बावजूद उन्हें नशे के कारोबार से जोड़कर देखा जाता है।

केमिस्टों का आरोप है कि पुलिस और प्रशासन की कार्रवाई के कारण दुकानदारों में डर का माहौल है। इसी वजह से उन्होंने ऐसी दवाओं की बिक्री से दूरी बना ली है।

इसका सीधा असर उन मरीजों पर पड़ रहा है, जिन्हें डॉक्टरों ने इलाज के तहत ये दवाएं लेने की सलाह दी है।

Pregabalin नहीं मिलने से ऑपरेशन और नसों के दर्द के मरीज बेहाल

घुटनों का ऑपरेशन कराने वाले मरीज को नहीं मिल रही दवा

साहनेवाल निवासी हरदेव सिंह ने बताया कि करीब दो सप्ताह पहले लुधियाना के एक निजी अस्पताल में उनके दोनों घुटनों का रिप्लेसमेंट हुआ था। डॉक्टर ने ऑपरेशन के बाद दर्द से राहत के लिए Pregabalin लिखी थी, लेकिन उन्हें मेडिकल स्टोर पर यह दवा नहीं मिल रही।

उन्होंने बताया कि पैरों में तेज दर्द के कारण रात को नींद तक नहीं आती। वह दोराहा, साहनेवाल और लुधियाना के कई मेडिकल स्टोर पर दवा तलाश चुके हैं, लेकिन हर जगह निराशा ही हाथ लगी।

डायबिटिक न्यूरोपैथी की मरीज की बढ़ी चिंता

दोराहा निवासी कमलजीत कौर पिछले दो वर्षों से डायबिटिक न्यूरोपैथी की समस्या के लिए Pregabalin ले रही हैं।

उनका कहना है कि पैरों में जलन और लगातार झनझनाहट के कारण चलना भी मुश्किल हो जाता है। उनके पास दवा की केवल दो स्ट्रिप बची हैं और उन्हें चिंता है कि दवा खत्म होने के बाद इलाज कैसे जारी रहेगा।

उन्होंने प्रशासन से अपील की है कि दवाओं के गलत इस्तेमाल और डॉक्टर की सलाह पर होने वाले वैध इस्तेमाल के बीच अंतर समझा जाए।

कैंसर मरीजों के लिए भी बढ़ी मुश्किलें

इस विवाद का असर गंभीर बीमारियों से जूझ रहे मरीजों पर भी पड़ रहा है।

लुधियाना के एक अस्पताल में अंतिम चरण के कैंसर का इलाज करा रहे मरीज की पत्नी ने बताया कि उनके पति को असहनीय दर्द रहता है। उनके मुताबिक, दूसरी दर्द निवारक दवाओं से किडनी पर असर पड़ने की चिंता है, जबकि Tramadol उपलब्ध नहीं हो रही।

परिवार का कहना है कि मरीज को दर्द में देखकर उनकी परेशानी लगातार बढ़ रही है।

डॉक्टरों ने जताई चिंता, इलाज और रिकवरी पर पड़ सकता है असर

लुधियाना के ऑर्थोपेडिक सर्जन डॉ. हरप्रीत गिल के अनुसार, Tramadol और Pregabalin का इस्तेमाल घुटने के ऑपरेशन, फ्रैक्चर और पुराने दर्द के इलाज में किया जाता है।

उन्होंने बताया कि इन दवाओं का इस्तेमाल कई तरह की समस्याओं में किया जाता है, जिनमें शामिल हैं:

  • घुटनों के रिप्लेसमेंट के बाद होने वाला दर्द।

  • फ्रैक्चर के बाद दर्द का प्रबंधन।

  • ऑस्टियोआर्थराइटिस और जोड़ों का पुराना दर्द।

  • डायबिटिक न्यूरोपैथी।

  • कमर दर्द और साइटिका।

  • कुछ मरीजों में ऑपरेशन से पहले और बाद की चिंता तथा मानसिक स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं।

डॉ. गिल ने यह भी चिंता जताई कि इन दवाओं की उपलब्धता प्रभावित होने से ऑपरेशन के बाद मरीजों की रिकवरी और पुनर्वास प्रक्रिया पर असर पड़ सकता है।

उनके मुताबिक, Alprazolam जैसी दवाएं कुछ मरीजों को चिंता संबंधी समस्याओं के लिए दी जाती हैं। लंबे समय से ऐसी दवाएं ले रहे मरीजों को इन्हें अचानक बंद करने पर गंभीर विदड्रॉल लक्षण हो सकते हैं।

चिकित्सकीय सावधानी: ऐसी दवाओं को डॉक्टर की सलाह के बिना बंद न करें और न ही उनकी जगह कोई दूसरी दवा खुद से लें।

केमिस्टों ने पुलिस कार्रवाई पर उठाए सवाल

साहनेवाल केमिस्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष विजय पुरी ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं।

उनका आरोप है कि कई बार पुलिस ड्रग इंस्पेक्टर के बिना ही मेडिकल स्टोर की जांच करने पहुंच जाती है। उनके अनुसार, कुछ मामलों में अतिरिक्त स्ट्रिप मिलने पर भी दुकानदारों के खिलाफ केस दर्ज करने और दुकान सील करने जैसी कार्रवाई की जाती है।

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कुछ मामलों में पुलिसकर्मियों को दवाओं के नाम और उनके इस्तेमाल की पर्याप्त जानकारी नहीं होती।

झोटा हत्याकांड के बाद बढ़ा केमिस्टों का डर

दोराहा के केमिस्ट जंदीप कौशल ने दावा किया कि नशा विरोधी कार्यकर्ता परविंदर सिंह झोटा की हत्या के बाद मेडिकल स्टोर संचालकों पर दबाव और बढ़ गया है।

उनका कहना है कि अब कई केमिस्टों को नशे के कारोबार से जुड़ा समझकर देखा जा रहा है। उन्होंने आशंका जताई कि दवाओं की बिक्री बंद होने से जरूरतमंद मरीज प्रभावित होंगे, जबकि इनका गलत इस्तेमाल करने वाले लोग दूसरे माध्यमों से अधिक कीमत पर दवाएं हासिल कर सकते हैं।

 

Key Highlights:

  • पंजाब में साइकोट्रॉपिक दवाओं की उपलब्धता प्रभावित।

  • केमिस्ट एसोसिएशन ने पिछले महीने आदत डालने वाली दवाओं की बिक्री बंद करने का फैसला लिया।

  • Pregabalin और Tramadol नहीं मिलने से मरीज परेशान।

  • घुटनों का ऑपरेशन कराने वाले और डायबिटिक न्यूरोपैथी के मरीज सबसे ज्यादा प्रभावित।

  • कैंसर मरीजों के परिवारों ने भी दर्द नियंत्रण को लेकर चिंता जताई।

  • डॉक्टरों ने इलाज और ऑपरेशन के बाद रिकवरी प्रभावित होने की आशंका जताई।

  • केमिस्टों ने पुलिस और प्रशासन पर उत्पीड़न के आरोप लगाए।

  • मरीजों ने सरकार और केमिस्ट एसोसिएशन से विवाद सुलझाने की मांग की।

 

FAQ Section:

Q1. पंजाब में साइकोट्रॉपिक दवाओं की कमी क्यों हो रही है?

पंजाब केमिस्ट एसोसिएशन द्वारा Pregabalin समेत कुछ आदत डालने वाली और नियंत्रित दवाओं की बिक्री बंद करने के फैसले के बाद इनकी उपलब्धता प्रभावित हुई है।

Q2. कौन-कौन सी दवाओं की उपलब्धता प्रभावित हुई है?

खबर के अनुसार, Pregabalin और Tramadol जैसी दवाओं की उपलब्धता को लेकर मरीजों को परेशानी हो रही है। Alprazolam जैसी दवाओं को लेकर भी डॉक्टरों ने चिंता जताई है।

Q3. Pregabalin का इस्तेमाल किन बीमारियों में होता है?

Pregabalin का इस्तेमाल डायबिटिक न्यूरोपैथी, नसों से जुड़े दर्द और कुछ अन्य चिकित्सकीय स्थितियों में डॉक्टर की सलाह पर किया जाता है।

Q4. Tramadol किन मरीजों को दी जाती है?

Tramadol एक नियंत्रित दर्द निवारक दवा है, जिसका इस्तेमाल कुछ मरीजों में मध्यम से गंभीर दर्द के उपचार के लिए किया जाता है।

Q5. क्या मरीज इन दवाओं को अचानक लेना बंद कर सकते हैं?

नहीं। कुछ दवाओं को अचानक बंद करने से विदड्रॉल या अन्य समस्याएं हो सकती हैं। मरीजों को दवा में बदलाव केवल डॉक्टर की सलाह पर करना चाहिए।

Q6. पंजाब में दवाओं की उपलब्धता कब सामान्य होगी?

फिलहाल केमिस्ट एसोसिएशन और प्रशासन के बीच विवाद के समाधान तथा दवाओं की सामान्य उपलब्धता बहाल होने की कोई निश्चित समय-सीमा इस रिपोर्ट में नहीं दी गई है।

 

Conclusion:

पंजाब में केमिस्ट एसोसिएशन और प्रशासन के बीच जारी विवाद का सबसे बड़ा खामियाजा उन मरीजों को भुगतना पड़ रहा है, जिन्हें नियमित इलाज के लिए इन दवाओं की जरूरत है। नशे के खिलाफ कार्रवाई जरूरी है, लेकिन वैध डॉक्टर की पर्ची पर दवा लेने वाले मरीजों के इलाज में बाधा नहीं आनी चाहिए। अब जरूरत है कि सरकार, स्वास्थ्य विभाग और केमिस्ट एसोसिएशन बातचीत के जरिए जल्द समाधान निकालें, ताकि नियंत्रित दवाओं के दुरुपयोग पर रोक लगाने के साथ जरूरतमंद मरीजों को भी इलाज मिलता रहे।Screenshot_350

Edited By: Atul Sharma

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