UP से पंजाब तक वोटर लिस्ट में बड़ा बदलाव! 5 राज्यों में 2.29 करोड़ मतदाताओं के नाम कम, चुनाव आयोग के आंकड़ों से खुलासा

Special Intensive Revision (SIR) के बाद उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, गोवा, पंजाब और मणिपुर में मतदाताओं की संख्या में करीब 12.2% की गिरावट दर्ज की गई। उत्तर प्रदेश में सबसे ज्यादा 13.24% वोटर कम हुए, जबकि पंजाब में करीब 6.34% की कमी आई।

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अगले साल विधानसभा चुनाव की तैयारी कर रहे पांच राज्यों में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के बाद बड़ा बदलाव सामने आया है। चुनाव आयोग के आंकड़ों के मुताबिक, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, गोवा, पंजाब और मणिपुर में कुल मतदाताओं की संख्या करीब 18.71 करोड़ से घटकर 16.43 करोड़ रह गई। यानी लगभग 2.29 करोड़ मतदाताओं की शुद्ध कमी दर्ज की गई है।

देश के पांच राज्यों में आगामी विधानसभा चुनावों से पहले मतदाता सूची में बड़े स्तर पर बदलाव हुआ है। चुनाव आयोग की ओर से कराए गए Special Intensive Revision (SIR) के बाद उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, गोवा, पंजाब और मणिपुर में मतदाताओं की संख्या में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई है।

चुनाव आयोग और संबंधित राज्यों के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों की ओर से सार्वजनिक किए गए आंकड़ों के अनुसार, इन पांच राज्यों में SIR से पहले करीब 18.71 करोड़ मतदाता दर्ज थे। ड्राफ्ट और अंतिम मतदाता सूची तैयार होने के बाद यह संख्या घटकर लगभग 16.43 करोड़ रह गई।

इस तरह पांच राज्यों में कुल मिलाकर करीब 2.29 करोड़ मतदाताओं की शुद्ध कमी दर्ज हुई, जो शुरुआती मतदाता संख्या का लगभग 12.2 प्रतिशत है।

उत्तर प्रदेश में सबसे ज्यादा 2 करोड़ से अधिक वोटरों की कमी

पांच राज्यों में उत्तर प्रदेश में मतदाताओं की संख्या में सबसे बड़ी गिरावट दर्ज की गई है। देश के सबसे बड़े मतदाता आधार वाले इस राज्य में SIR के बाद करीब 13.24 प्रतिशत मतदाताओं की शुद्ध कमी हुई।

आंकड़ों के अनुसार:

  • SIR से पहले मतदाता: 15.44 करोड़

  • ड्राफ्ट वोटर लिस्ट: 12.56 करोड़

  • अंतिम वोटर लिस्ट: 13.40 करोड़

  • शुद्ध कमी: लगभग 2.04 करोड़

ड्राफ्ट सूची तैयार करते समय करीब 2.89 करोड़ नाम हटाए गए थे। बाद में इनमें से लगभग 84 लाख नाम दोबारा मतदाता सूची में शामिल किए गए।

इस तरह हटाए गए नामों में से करीब 29 प्रतिशत नाम अंतिम सूची में वापस जोड़े गए।

पंजाब में 14 लाख वोटरों की शुद्ध कमी

पंजाब में भी SIR के बाद मतदाता सूची में बदलाव देखने को मिला है। यहां मतदाताओं की संख्या में लगभग 6.34 प्रतिशत की शुद्ध गिरावट दर्ज की गई।

आंकड़ों के मुताबिक:

  • SIR से पहले मतदाता: 2.15 करोड़

  • ड्राफ्ट वोटर लिस्ट: 1.94 करोड़

  • अंतिम वोटर लिस्ट: 2.01 करोड़

  • शुद्ध कमी: लगभग 14 लाख

पंजाब में ड्राफ्ट सूची से हटाए गए करीब 21 लाख नामों में से लगभग 7 लाख नाम अंतिम सूची में वापस शामिल किए गए।

यानी हटाए गए नामों में से करीब 34 प्रतिशत नाम दोबारा जोड़े गए। पांच राज्यों में पंजाब में हटाए गए नामों की वापसी का अनुपात सबसे अधिक रहा।

उत्तराखंड में करीब 8 लाख मतदाताओं की कमी

उत्तराखंड में भी विशेष गहन पुनरीक्षण के बाद मतदाता संख्या में गिरावट दर्ज हुई।

आंकड़ों के अनुसार:

  • SIR से पहले मतदाता: 80 लाख

  • ड्राफ्ट वोटर लिस्ट: 71 लाख

  • अंतिम वोटर लिस्ट: 72 लाख

  • शुद्ध कमी: करीब 8 लाख

  • प्रतिशत में गिरावट: लगभग 10.07 प्रतिशत

ड्राफ्ट सूची से हटाए गए नामों में से करीब 2.5 लाख नाम ही वापस जोड़े गए। यह कुल हटाए गए नामों का लगभग 3 प्रतिशत है।

मणिपुर में भी घटे मतदाताओं के नाम

मणिपुर में SIR के बाद मतदाता संख्या में लगभग 6.33 प्रतिशत की शुद्ध कमी दर्ज की गई।

विवरण इस प्रकार है:

  • SIR से पहले मतदाता: 20.9 लाख

  • ड्राफ्ट वोटर लिस्ट: 19.3 लाख

  • अंतिम वोटर लिस्ट: 19.6 लाख

  • शुद्ध कमी: करीब 1.3 लाख

आंकड़ों के मुताबिक, ड्राफ्ट सूची से हटाए गए नामों में से लगभग 17 प्रतिशत नाम दोबारा शामिल किए गए।

गोवा में ड्राफ्ट लिस्ट के मुकाबले अंतिम सूची में भी घटे वोटर

गोवा में भी मतदाता सूची के पुनरीक्षण के बाद संख्या में गिरावट दर्ज हुई।

आंकड़ों के अनुसार:

  • SIR से पहले मतदाता: 11.85 लाख

  • ड्राफ्ट वोटर लिस्ट: 10.85 लाख

  • अंतिम वोटर लिस्ट: 10.58 लाख

  • शुद्ध कमी: करीब 1.27 लाख

  • प्रतिशत में गिरावट: लगभग 10.76 प्रतिशत

गोवा इन पांच राज्यों में एकमात्र ऐसा राज्य रहा, जहां अंतिम मतदाता सूची में ड्राफ्ट सूची के मुकाबले भी मतदाताओं की संख्या कम हो गई। यानी ड्राफ्ट से अंतिम सूची तक कुल मिलाकर कोई शुद्ध बढ़ोतरी दर्ज नहीं हुई।

अगले साल पांच राज्यों में हो सकते हैं विधानसभा चुनाव

चुनाव आयोग ने हाल ही में 17 राज्यों में विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण (Special Summary Revision) की प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दिए थे।

आयोग ने संकेत दिया था कि उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, गोवा, पंजाब और मणिपुर में विधानसभा चुनाव अगले साल की शुरुआत में हो सकते हैं।

चुनाव से पहले मतदाता सूची को अपडेट करने की प्रक्रिया का उद्देश्य छूटे हुए पात्र मतदाताओं को सूची में नाम शामिल कराने का एक और अवसर देना भी है।

SIR के बाद मतदाताओं को क्या करना चाहिए?

मतदाता सूची में नाम की स्थिति की जांच करना हर पात्र नागरिक के लिए महत्वपूर्ण है। जिन लोगों का नाम सूची से हट गया है या जिनका विवरण गलत है, वे निर्वाचन आयोग की निर्धारित प्रक्रिया के तहत सुधार और नाम जोड़ने के लिए आवेदन कर सकते हैं।

मतदाता अपने नाम की जानकारी आधिकारिक मतदाता सेवा पोर्टल पर भी जांच सकते हैं।

आधिकारिक वेबसाइट: Election Commission Voter Services Portal

 

Key Highlights

  • पांच राज्यों में SIR के बाद करीब 2.29 करोड़ मतदाताओं की शुद्ध कमी।

  • कुल मतदाता संख्या 18.71 करोड़ से घटकर लगभग 16.43 करोड़ हुई।

  • उत्तर प्रदेश में सबसे ज्यादा 13.24% की गिरावट।

  • पंजाब में करीब 14 लाख मतदाताओं की शुद्ध कमी।

  • पंजाब में हटाए गए नामों में से लगभग 34% वापस जोड़े गए।

  • उत्तराखंड में करीब 10.07% वोटर कम हुए।

  • मणिपुर में लगभग 6.33% की गिरावट।

  • गोवा में अंतिम वोटर लिस्ट ड्राफ्ट सूची से भी छोटी रही।

  • पांचों राज्यों में अगले साल की शुरुआत में विधानसभा चुनाव संभावित।

FAQ Section

Q1. SIR के बाद पांच राज्यों में कितने वोटर कम हुए?

उत्तर प्रदेश, पंजाब, उत्तराखंड, गोवा और मणिपुर में कुल मिलाकर करीब 2.29 करोड़ मतदाताओं की शुद्ध कमी दर्ज की गई।

Q2. सबसे ज्यादा वोटर किस राज्य में कम हुए?

उत्तर प्रदेश में सबसे ज्यादा करीब 2.04 करोड़ मतदाताओं की शुद्ध कमी दर्ज हुई, जो लगभग 13.24 प्रतिशत है।

Q3. पंजाब में SIR के बाद कितने वोटर कम हुए?

पंजाब में मतदाताओं की संख्या में करीब 14 लाख यानी लगभग 6.34 प्रतिशत की शुद्ध कमी दर्ज हुई।

Q4. किस राज्य में सबसे ज्यादा हटाए गए नाम वापस जोड़े गए?

इन पांच राज्यों में पंजाब में हटाए गए नामों में से लगभग 34 प्रतिशत नाम अंतिम मतदाता सूची में वापस शामिल किए गए।

Q5. SIR का पूरा नाम क्या है?

SIR का पूरा नाम Special Intensive Revision है। हिंदी में इसे विशेष गहन पुनरीक्षण कहा जाता है।

Q6. मतदाता सूची में अपना नाम कैसे चेक करें?

आप चुनाव आयोग की आधिकारिक वेबसाइट https://voters.eci.gov.in/ पर जाकर अपना नाम और मतदाता संबंधी विवरण जांच सकते हैं।

Q7. इन पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव कब हो सकते हैं?

चुनाव आयोग के संकेतों के अनुसार, इन राज्यों में विधानसभा चुनाव अगले साल की शुरुआत में हो सकते हैं।

 

Conclusion

पांच राज्यों में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण के बाद सामने आए आंकड़े चुनाव से पहले महत्वपूर्ण बदलाव को दर्शाते हैं। उत्तर प्रदेश में सबसे ज्यादा मतदाताओं की शुद्ध कमी दर्ज हुई, जबकि पंजाब में हटाए गए नामों की वापसी का अनुपात सबसे अधिक रहा। अब चुनाव से पहले पात्र मतदाताओं के नाम सूची में शामिल करने और मतदाता विवरण सही रखने की प्रक्रिया महत्वपूर्ण होगी।Screenshot_335

Edited By: Atul Sharma

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