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कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी के रत्नावली महोत्सव में हरियाणवी फैशन शो की धूम, 50 से अधिक छात्रों ने बिखेरा जलवा
पारंपरिक घाघरा, धोती-कुर्ता, चुनरी और पगड़ी ने बढ़ाई सांस्कृतिक कार्यक्रम की रौनक; महोत्सव में 42 स्टॉल के जरिए छात्रों को उद्यमिता और स्वरोजगार का मंच भी मिला।
कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी के राज्य स्तरीय रत्नावली महोत्सव के दूसरे दिन हरियाणवी फैशन शो आकर्षण का केंद्र रहा। इसमें 15 से अधिक संस्थानों के 50 से ज्यादा विद्यार्थियों ने हरियाणा की पारंपरिक वेशभूषा को रैंप पर प्रदर्शित किया।
रत्नावली महोत्सव में हरियाणवी संस्कृति की दिखी झलक
कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी में आयोजित राज्य स्तरीय रत्नावली महोत्सव के दूसरे दिन हरियाणवी फैशन शो ने दर्शकों का ध्यान खींचा। इस शो में हरियाणा की पारंपरिक वेशभूषा को आधुनिक अंदाज के साथ प्रस्तुत किया गया।
कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने अपने पारंपरिक परिधानों के जरिए प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और लोक परंपराओं को प्रदर्शित किया। फैशन शो में 15 से अधिक शिक्षण संस्थानों के 50 से ज्यादा विद्यार्थियों ने हिस्सा लिया।
घाघरा, धोती-कुर्ता और पगड़ी ने बिखेरा रंग
फैशन शो में महिला और पुरुषों दोनों की पारंपरिक वेशभूषा को शामिल किया गया। विद्यार्थियों ने घाघरा, धोती-कुर्ता, चुनरी, वायल, दामन, खयार, दुपट्टा, कुर्ती, गाती, पगड़ी, घाघरी, सौंफली और दुकनिया सहित कई पारंपरिक परिधानों को रैंप पर प्रस्तुत किया।
इन परिधानों के डिजाइन, रंग और सांस्कृतिक महत्व के माध्यम से हरियाणा की लोक पहचान को सामने लाने का प्रयास किया गया।
युवा एवं सांस्कृतिक मामलों के निदेशक विवेक चावला ने कहा कि फैशन शो ने हरियाणा की सांस्कृतिक विरासत की व्यापक झलक पेश की। इसमें विद्यार्थियों ने अपने-अपने संस्थानों का प्रतिनिधित्व करते हुए पारंपरिक परिधान प्रदर्शित किए।
पारंपरिक पहनावे को लोकप्रिय बनाने में मददगार बना फैशन शो
यूनिवर्सिटी के रजिस्ट्रार वीरेंद्र पाल ने कहा कि संस्थान का उद्देश्य युवाओं को हरियाणा की समृद्ध सांस्कृतिक परंपराओं से जोड़ना है।
जनसंपर्क निदेशक महा सिंह पूनिया ने बताया कि रत्नावली महोत्सव में हरियाणवी फैशन शो की शुरुआत पांच साल पहले की गई थी। उनके अनुसार, इस पहल से प्रदेश में पारंपरिक परिधानों की लोकप्रियता बढ़ाने में मदद मिली है।
उन्होंने कहा कि पारंपरिक कपड़ों के निर्माण और बिक्री को भी प्रोत्साहन मिला है, जिससे सैकड़ों युवक-युवतियों के लिए रोजगार के अवसर तैयार हुए हैं।
42 स्टॉल पर छात्रों ने दिखाए बिजनेस आइडिया
रत्नावली महोत्सव अब केवल सांस्कृतिक प्रस्तुतियों तक सीमित नहीं रह गया है। यह विद्यार्थियों के लिए उद्यमिता, रचनात्मकता और नए प्रयोगों का मंच भी बन रहा है।
महोत्सव में 42 स्टॉल लगाए गए हैं, जहां विद्यार्थियों ने अलग-अलग उत्पाद, खाने-पीने के व्यवसाय, हस्तशिल्प और तकनीक आधारित पहल प्रदर्शित कीं।
छात्र अपने उत्पाद तैयार करने, उन्हें प्रदर्शित करने और बेचने का अनुभव हासिल कर रहे हैं। इससे उन्हें ग्राहकों की पसंद समझने, उत्पादों की प्रस्तुति करने और अपने व्यावसायिक विचारों में आत्मविश्वास विकसित करने का अवसर मिल रहा है।
स्टार्टअप और तकनीकी नवाचार भी बने आकर्षण
कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी के कुलपति सोम नाथ सचदेवा ने कहा कि रत्नावली महोत्सव विद्यार्थियों को अपनी प्रतिभा दिखाने के साथ-साथ व्यावसायिक विचारों को विकसित करने का अवसर भी देता है।
उन्होंने बताया कि महोत्सव के माध्यम से छात्र उद्यमिता और नवाचार का व्यावहारिक अनुभव प्राप्त कर रहे हैं।
उप निदेशक जनसंपर्क डॉ. जिमी शर्मा के अनुसार, महोत्सव में यूनिवर्सिटी इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी (UIET) के विद्यार्थियों द्वारा विकसित नए स्टार्टअप भी प्रदर्शित किए जा रहे हैं।
मुख्य बातें
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कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी के रत्नावली महोत्सव के दूसरे दिन हरियाणवी फैशन शो आयोजित हुआ।
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15 से अधिक संस्थानों के 50 से ज्यादा विद्यार्थियों ने हिस्सा लिया।
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पारंपरिक घाघरा, धोती-कुर्ता, चुनरी और पगड़ी सहित कई परिधान प्रदर्शित किए गए।
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रत्नावली में फैशन शो की शुरुआत पांच साल पहले हुई थी।
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महोत्सव में 42 स्टॉल के जरिए छात्रों ने अपने उत्पाद और बिजनेस आइडिया पेश किए।
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UIET के विद्यार्थियों के स्टार्टअप और तकनीकी नवाचार भी प्रदर्शित किए गए।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
1. रत्नावली महोत्सव कहां आयोजित किया जा रहा है?
यह महोत्सव कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी में आयोजित किया जा रहा है।
2. हरियाणवी फैशन शो में कितने विद्यार्थियों ने भाग लिया?
इसमें 15 से अधिक संस्थानों के 50 से ज्यादा विद्यार्थियों ने हिस्सा लिया।
3. फैशन शो में कौन-कौन से पारंपरिक परिधान दिखाए गए?
घाघरा, धोती-कुर्ता, चुनरी, दामन, कुर्ती, पगड़ी और कई अन्य पारंपरिक परिधान प्रदर्शित किए गए।
4. रत्नावली महोत्सव में कितने स्टॉल लगाए गए हैं?
महोत्सव में विद्यार्थियों के उत्पादों, खाद्य व्यवसायों, हस्तशिल्प और तकनीकी पहलों को प्रदर्शित करने के लिए 42 स्टॉल लगाए गए हैं।
5. हरियाणवी फैशन शो की शुरुआत कब हुई थी?
जनसंपर्क निदेशक महा सिंह पूनिया के अनुसार, रत्नावली महोत्सव में इस फैशन शो की शुरुआत पांच साल पहले हुई थी।
निष्कर्ष
कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी का रत्नावली महोत्सव हरियाणा की सांस्कृतिक विरासत को नई पीढ़ी तक पहुंचाने के साथ विद्यार्थियों को उद्यमिता के अवसर भी दे रहा है। हरियाणवी फैशन शो में पारंपरिक परिधानों की प्रस्तुति और 42 स्टॉल पर छात्रों के व्यावसायिक प्रयोग इस आयोजन को सांस्कृतिक उत्सव के साथ-साथ सीखने और आगे बढ़ने का मंच बना रहे हैं।
