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पंजाब में Jhota हत्याकांड पर 21वें दिन भी प्रदर्शन जारी, पहली बार AAP मंत्री पहुंचे परिवार से मिलने, 5 नवंबर को CM आवास घेरने का ऐलान
कृषि मंत्री गुरमीत सिंह खुड्डियां ने विधायक गुरप्रीत सिंह बनावाली के साथ दिवंगत नशा विरोधी कार्यकर्ता परविंदर सिंह झोटा के परिवार से मुलाकात की। परिवार को मदद का भरोसा, एक्शन कमेटी ने सरकार के सामने रखीं 14 मांगें।
पंजाब में नशा विरोधी कार्यकर्ता परविंदर सिंह झोटा की हत्या के बाद शुरू हुआ विरोध प्रदर्शन लगातार जारी है। सोमवार को कृषि मंत्री गुरमीत सिंह खुड्डियां और सरदूलगढ़ के विधायक गुरप्रीत सिंह बनावाली ने पहली बार झोटा के परिवार से मुलाकात कर संवेदना जताई। उधर, एक्शन कमेटी ने 5 नवंबर को संगरूर में मुख्यमंत्री आवास का घेराव करने का ऐलान किया है।
पंजाब में नशे के खिलाफ आवाज उठाने वाले कार्यकर्ता परविंदर सिंह झोटा की हत्या का मामला लगातार तूल पकड़ता जा रहा है। घटना के बाद से राज्य में विरोध प्रदर्शन जारी हैं और आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार पर कार्रवाई का दबाव बढ़ रहा है।
सोमवार शाम पंजाब के कृषि मंत्री गुरमीत सिंह खुड्डियां सरदूलगढ़ के विधायक गुरप्रीत सिंह बनावाली के साथ झोटा के परिवार से मिलने पहुंचे। उन्होंने परिवार के सदस्यों से मुलाकात कर दुख व्यक्त किया और हर संभव सहायता का भरोसा दिया।
13 अक्टूबर को झोटा की हत्या के बाद परिवार से मिलने पहुंचने वाले ये पहले दो AAP नेता हैं। इस दौरान मानसा में सुरक्षा के मद्देनजर बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई थी।
झोटा के परिवार से मिले कृषि मंत्री, बेटों की मदद का दिया भरोसा
परिवार से मुलाकात के बाद मंत्री गुरमीत सिंह खुड्डियां ने कहा कि उन्होंने पीड़ित परिवार का दुख साझा किया है।
वहीं, झोटा के पिता भीम सिंह ने बताया कि मंत्री ने परिवार के साथ सम्मानपूर्वक बातचीत की और संवेदना व्यक्त की।
भीम सिंह के मुताबिक, मंत्री ने झोटा के बेटों की मदद करने का आश्वासन दिया। उन्होंने यह भी कहा कि वह खुद अपने पिता और पूर्व सांसद जगदेव सिंह खुड्डियां को खोने का दर्द समझते हैं।
परिवार ने मंत्रियों के पैनल और मुख्य सचिव के साथ बैठक कराने की मांग भी रखी। इस पर मंत्री ने कहा कि इस विषय पर चर्चा की जाएगी।
झोटा के पिता ने बताया कि परिवार सरकार के साथ बातचीत के लिए तैयार है और अब इस बारे में एक्शन कमेटी के सदस्यों से चर्चा की जाएगी।
21वें दिन भी जारी रहा विरोध प्रदर्शन, सरकार पर बढ़ा दबाव
परविंदर सिंह झोटा की हत्या के बाद शुरू हुआ आंदोलन सोमवार को 21वें दिन में प्रवेश कर गया।
एक्शन कमेटी लगातार सरकार से अपनी मांगों पर कार्रवाई करने की मांग कर रही है। संगठन का कहना है कि जब तक सभी मांगें पूरी नहीं होतीं, आंदोलन जारी रहेगा।
रविवार को नए सरकारी पैनल के साथ हुई बैठक में भी एक्शन कमेटी ने अपनी मांगें दोहराईं।
कमेटी ने अगली बैठक पंजाब विधानसभा के स्पीकर कुलतार सिंह संधवां, कृषि मंत्री गुरमीत सिंह खुड्डियां, स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बलबीर सिंह और मुख्य सचिव केएपी सिन्हा की अगुवाई में कराने की मांग की है।
5 नवंबर को मुख्यमंत्री आवास के घेराव का ऐलान
एक्शन कमेटी ने 5 नवंबर को संगरूर में मुख्यमंत्री भगवंत मान के आवास का घेराव करने का आह्वान दोहराया है।
कमेटी की मांग है कि सरकार उसकी ओर से उठाई गई मांगों को औपचारिक रूप से स्वीकार करे और इसकी अधिसूचना जारी करे।
इसके अलावा प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज सभी मामलों को वापस लेने की मांग भी रखी गई है।
कमेटी ने मुख्यमंत्री और पंजाब के पुलिस महानिदेशक (DGP) के इस्तीफे की मांग भी उठाई है। संगठन ने स्पष्ट किया है कि मांगें पूरी होने तक आंदोलन समाप्त नहीं किया जाएगा।
13 अक्टूबर को गोली मारकर हुई थी परविंदर सिंह झोटा की हत्या
परविंदर सिंह झोटा की 13 अक्टूबर को कथित प्रतिबंधित नशीले पदार्थों की बिक्री को लेकर हुए विवाद के बाद गोली मारकर हत्या कर दी गई थी।
इस घटना के बाद मानसा सहित पंजाब के कई हिस्सों में विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए।
मामले की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) कर रही है। रिपोर्ट के अनुसार, झोटा का शव अभी भी स्थानीय सिविल अस्पताल में रखा हुआ है और पोस्टमार्टम की प्रक्रिया लंबित है।
हत्या के मामले में जांच जारी रहने के बीच परिवार और एक्शन कमेटी न्याय तथा सरकार से ठोस कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
दलजीत सिंह की मौत का मामला भी बना विवाद
इस बीच, 32 वर्षीय सीमांत किसान दलजीत सिंह की मौत का मामला भी चर्चा में है। वह मानसा जिले के भम्मे कलां गांव के रहने वाले थे और मंगलवार को संदिग्ध परिस्थितियों में मृत पाए गए थे।
उनका शव बठिंडा स्थित AIIMS में रखा गया था। बुधवार को पोस्टमार्टम किया गया, लेकिन अंतिम संस्कार को लेकर परिवार के सदस्यों के बीच मतभेद सामने आए।
जानकारी के अनुसार, दलजीत सिंह के पिता अंतिम संस्कार के लिए तैयार हैं, जबकि उनकी पत्नी, मां और बहन इसका विरोध कर रही हैं।
परिवार के कुछ सदस्यों की मांग है कि दलजीत सिंह के शव को प्रदर्शन स्थल तक ले जाने के दौरान गिरफ्तार या हिरासत में लिए गए लोगों के खिलाफ दर्ज मामले वापस लिए जाएं।
लखा सिधाना और मोहन्जीत सिंह शेरों की पुलिस रिमांड बढ़ी
इस पूरे घटनाक्रम के बीच गैंगस्टर से सामाजिक कार्यकर्ता बने लखवीर सिंह उर्फ लखा सिधाना और मोहन्जीत सिंह शेरों को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से अदालत में पेश किया गया।
अदालत ने दोनों की पुलिस रिमांड एक दिन के लिए बढ़ा दी।
लखा सिधाना के वकील हरपाल सिंह खारा ने बताया कि उनके मुवक्किल ने अदालत में कुछ शिकायतें भी रखीं। उपलब्ध रिपोर्ट में उनकी शिकायत का पूरा विवरण नहीं दिया गया है।
Key Highlights
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परविंदर सिंह झोटा के परिवार से मिलने पहुंचे कृषि मंत्री गुरमीत सिंह खुड्डियां।
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सरदूलगढ़ विधायक गुरप्रीत सिंह बनावाली भी रहे मौजूद।
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हत्या के बाद परिवार से मिलने वाले पहले AAP नेता।
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मंत्री ने झोटा के बेटों की मदद का भरोसा दिया।
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नशा विरोधी आंदोलन 21वें दिन भी जारी।
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एक्शन कमेटी ने 5 नवंबर को CM आवास घेरने का ऐलान किया।
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अगली बैठक विधानसभा स्पीकर और वरिष्ठ मंत्रियों की अगुवाई में कराने की मांग।
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झोटा की हत्या की जांच CBI कर रही है।
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दलजीत सिंह की मौत और अंतिम संस्कार को लेकर परिवार में मतभेद।
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लखा सिधाना और मोहन्जीत सिंह शेरों की पुलिस रिमांड एक दिन बढ़ी।
FAQ Section
Q1. परविंदर सिंह झोटा कौन थे?
परविंदर सिंह झोटा पंजाब में नशे के खिलाफ आवाज उठाने वाले सामाजिक कार्यकर्ता थे।
Q2. परविंदर सिंह झोटा की हत्या कब हुई थी?
उनकी हत्या 13 अक्टूबर को गोली मारकर की गई थी।
Q3. झोटा के परिवार से कौन मिलने पहुंचा?
कृषि मंत्री गुरमीत सिंह खुड्डियां और सरदूलगढ़ के विधायक गुरप्रीत सिंह बनावाली परिवार से मिलने पहुंचे।
Q4. एक्शन कमेटी ने 5 नवंबर को क्या ऐलान किया है?
एक्शन कमेटी ने संगरूर में मुख्यमंत्री भगवंत मान के आवास का घेराव करने का ऐलान किया है।
Q5. झोटा हत्याकांड की जांच कौन कर रहा है?
इस मामले की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) कर रही है।
Q6. एक्शन कमेटी की मुख्य मांगें क्या हैं?
कमेटी सरकार की मांगों को औपचारिक अधिसूचना के माध्यम से स्वीकार करने, प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज मामले वापस लेने और मुख्यमंत्री तथा DGP के इस्तीफे की मांग कर रही है।
Conclusion
परविंदर सिंह झोटा हत्याकांड को लेकर पंजाब में जारी आंदोलन अब राजनीतिक और प्रशासनिक स्तर पर भी महत्वपूर्ण मुद्दा बन गया है। 21 दिनों से चल रहे विरोध के बीच पहली बार AAP के वरिष्ठ नेता परिवार से मिलने पहुंचे हैं। हालांकि, परिवार और एक्शन कमेटी की मांगों पर अंतिम सहमति अभी नहीं बनी है। अब सबकी नजर 5 नवंबर को प्रस्तावित मुख्यमंत्री आवास घेराव और सरकार के अगले कदम पर रहेगी।
