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हरियाणा के 90 वर्षीय बनवारीलाल बने पांचवीं पीढ़ी के पूर्वज, परिवार में बेटी के जन्म से जश्न
सिरसा के नेजिया खेड़ा गांव में 21 साल बाद परिवार में बच्चे का जन्म हुआ। परपोती की बेटी के जन्म के साथ चौधरी बनवारीलाल बुडानिया बने परनाती की भी पांचवीं पीढ़ी के पूर्वज।
हरियाणा के सिरसा जिले में एक परिवार के लिए खुशी का अनोखा अवसर आया है। 90 वर्षीय चौधरी बनवारीलाल बुडानिया की पांचवीं पीढ़ी में बेटी का जन्म हुआ है। 28 अक्टूबर को जन्मी इस बच्ची ने पूरे परिवार में खुशियां भर दी हैं।
90 साल की उम्र में पांचवीं पीढ़ी को देखने का सौभाग्य
हरियाणा के सिरसा जिले के नेजिया खेड़ा गांव में चौधरी बनवारीलाल बुडानिया इन दिनों परिवार में खुशियों का केंद्र बने हुए हैं। 90 वर्ष की उम्र में वह पांचवीं पीढ़ी के पूर्वज बन गए हैं।
उनकी परपोती की बेटी दीपाली बुडानिया झोरड़ ने 28 अक्टूबर को एक बच्ची को जन्म दिया। इस तरह बनवारीलाल ने अपने बाद की पांच पीढ़ियों को देखने का अनोखा सौभाग्य हासिल किया है।
बनवारीलाल का कहना है कि वह खुद को बेहद भाग्यशाली मानते हैं कि उन्हें अपने परिवार की पांच पीढ़ियों को एक साथ देखने का अवसर मिला है।
दो बेटे भी बने परदादा
इस परिवार में बच्ची के जन्म के साथ कई रिश्तों को नई पहचान मिली है। बनवारीलाल के दोनों बेटे प्रभु राम और राधेश्याम बुडानिया भी अब परदादा बन गए हैं।
वहीं, उनके तीन परपोते सतबीर, जयवीर और नीरज अब दादा बन गए हैं। परिवार में पीढ़ियों का यह अनोखा सिलसिला रिश्तेदारों और गांव के लोगों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है।
21 साल बाद परिवार में गूंजी बच्चे की किलकारी
परिवार के सदस्यों के अनुसार, करीब 21 साल के अंतराल के बाद घर में बच्चे का जन्म हुआ है। दीपाली की शादी के पांच साल बाद बेटी का जन्म हुआ, जिससे परिवार की खुशी और भी बढ़ गई।
दीपाली और उनके पति सोहन लाल झोरड़ ने बताया कि बेटी के आने की खुशी तो पहले से ही थी, लेकिन जब उन्होंने बनवारीलाल के चेहरे पर खुशी देखी तो यह पल उनके लिए और भी खास बन गया।
परिवार को याद आईं दिवंगत शांति देवी
इस खुशी के मौके पर परिवार ने बनवारीलाल की पत्नी शांति देवी को भी याद किया। उनका करीब 18 महीने पहले निधन हो गया था।
परिवार के सदस्यों का कहना है कि अगर शांति देवी आज उनके बीच होतीं, तो वह भी परनानी की पांचवीं पीढ़ी तक पहुंचने की इस खुशी में शामिल होतीं।
मुख्य बातें
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सिरसा के नेजिया खेड़ा गांव के 90 वर्षीय बनवारीलाल बुडानिया बने पांचवीं पीढ़ी के पूर्वज।
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उनकी परपोती दीपाली बुडानिया झोरड़ ने 28 अक्टूबर को बेटी को जन्म दिया।
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परिवार में 21 साल बाद बच्चे का जन्म हुआ।
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बनवारीलाल के दोनों बेटे भी परदादा बन गए।
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उनके तीन परपोते अब दादा बन गए हैं।
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परिवार ने इस खुशी के मौके पर दिवंगत शांति देवी को याद किया।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
1. चौधरी बनवारीलाल बुडानिया कहां के रहने वाले हैं?
वह हरियाणा के सिरसा जिले के नेजिया खेड़ा गांव के निवासी हैं।
2. बनवारीलाल की उम्र कितनी है?
चौधरी बनवारीलाल बुडानिया की उम्र 90 साल है।
3. उनके परिवार में पांचवीं पीढ़ी में बच्ची का जन्म कब हुआ?
उनकी परपोती दीपाली बुडानिया झोरड़ ने 28 अक्टूबर को बेटी को जन्म दिया।
4. कितने साल बाद परिवार में बच्चे का जन्म हुआ है?
परिवार के अनुसार, करीब 21 साल बाद घर में बच्चे की किलकारी गूंजी है।
5. बनवारीलाल की पत्नी का नाम क्या था?
उनकी पत्नी का नाम शांति देवी था, जिनका करीब 18 महीने पहले निधन हो गया था।
निष्कर्ष
सिरसा के बुडानिया परिवार में बेटी के जन्म ने खुशियों का खास अवसर ला दिया है। 90 वर्षीय चौधरी बनवारीलाल बुडानिया का पांचवीं पीढ़ी तक पहुंचना परिवार के लिए यादगार पल बन गया है। 21 साल बाद घर में आई नन्ही बच्ची ने कई पीढ़ियों को एक साथ खुशियां मनाने का मौका दिया है।

