सेना में देश सेवा के बाद वेटलिफ्टिंग के चैंपियन तैयार कर रहे राजिंदर सिंह, खिलाड़ियों को मुफ्त ट्रेनिंग देकर बनाई खास पहचान

गुरु नानक स्टेडियम में खिलाड़ियों को प्रशिक्षण दे रहे राजिंदर सिंह की मेहनत का असर, उनके शिष्य ने एशियन यूथ वेटलिफ्टिंग चैंपियनशिप में जीते तीन पदक

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सेना में सेवा देने के बाद राजिंदर सिंह ने वेटलिफ्टिंग खिलाड़ियों को मुफ्त प्रशिक्षण देने का बीड़ा उठाया। उनकी मेहनत और प्रशिक्षण से कई खिलाड़ी राज्य, राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक जीत चुके हैं।

सेना में देश की सेवा करने के बाद अब युवा वेटलिफ्टरों का भविष्य संवार रहे राजिंदर सिंह

अमृतसर के धपई गांव निवासी राजिंदर सिंह ने सेना में सेवा देने के बाद अपना जीवन युवा वेटलिफ्टिंग खिलाड़ियों को तैयार करने के लिए समर्पित कर दिया है। उनका प्रशिक्षण देने का जुनून, सहज व्यवहार और हर अभ्यास सत्र में खिलाड़ियों में जोश भरने की क्षमता जिला खेल विभाग का ध्यान अपनी ओर खींच चुकी है।

राजिंदर सिंह लंबे समय से खिलाड़ियों को मुफ्त प्रशिक्षण दे रहे हैं। उनकी ट्रेनिंग का असर अब प्रतियोगिताओं में भी दिखाई दे रहा है। उनके प्रशिक्षण का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद उनकी पहचान और मजबूत हुई।

2004 में आर्मी स्पोर्ट्स इंस्टीट्यूट से शुरू किया कोचिंग सफर

राजिंदर सिंह ने वर्ष 1989 में भारतीय सेना ज्वाइन की थी। सेना में रहते हुए उन्होंने विभिन्न एथलेटिक प्रतियोगिताओं में हिस्सा लिया। वर्ष 2004 में उन्होंने पुणे स्थित आर्मी स्पोर्ट्स इंस्टीट्यूट (ASI) से बतौर कोच अपने प्रशिक्षण करियर की शुरुआत की।

सेना से जुड़े अनुभव और खेल के प्रति उनकी समझ ने उन्हें खिलाड़ियों को बेहतर तरीके से तैयार करने में मदद की। बाद में उन्होंने युवाओं को बिना किसी शुल्क के वेटलिफ्टिंग प्रशिक्षण देना शुरू किया।

गुरु नानक स्टेडियम में 22 खिलाड़ियों को दे रहे प्रशिक्षण

वर्तमान में राजिंदर सिंह जिला वेटलिफ्टिंग सेंटर में 22 खिलाड़ियों को प्रशिक्षण दे रहे हैं। उनके मार्गदर्शन में अभ्यास करने वाले कई खिलाड़ियों ने विभिन्न प्रतियोगिताओं में स्वर्ण और रजत पदक हासिल किए हैं।

उनके शिष्यों में सुरेंद्र पाल सिंह का नाम भी शामिल है। सुरेंद्र पाल ने 2023 में आयोजित खेलो इंडिया प्रतियोगिता में रजत पदक जीता था। वहीं, विदुषी शर्मा ने पिछले साल दिसंबर में पंजाब यूनिवर्सिटी में आयोजित प्रतियोगिता में रजत पदक अपने नाम किया।

राजिंदर सिंह की ट्रेनिंग से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी मिली सफलता

राजिंदर सिंह के प्रशिक्षण का सबसे उल्लेखनीय उदाहरण उनके शिष्य सुनील सिंह हैं। गुरु नानक स्टेडियम में उनसे प्रशिक्षण लेने वाले सुनील ने पिछले साल जुलाई में कजाकिस्तान में आयोजित एशियन यूथ वेटलिफ्टिंग चैंपियनशिप में 65 किलोग्राम से कम भार वर्ग में दो रजत और एक कांस्य पदक जीता।

सुनील ने पिछले साल अप्रैल में पेरू में आयोजित इंटरनेशनल वेटलिफ्टिंग फेडरेशन की यूथ वर्ल्ड चैंपियनशिप में भी हिस्सा लिया और छठा स्थान हासिल किया।

2025 में पंजाब राज्य प्रतियोगिता में टीम को दिलाई जीत

राजिंदर सिंह की कोचिंग क्षमता का असर जिला टीम के प्रदर्शन में भी देखने को मिला। उनके मार्गदर्शन में जिला वेटलिफ्टिंग टीम ने वर्ष 2025 में पंजाब स्टेट यूथ, जूनियर और सीनियर स्टेट ट्रॉफियों में जीत हासिल की।

उनकी ट्रेनिंग से तैयार हुए खिलाड़ियों का लगातार पदक जीतना दिखाता है कि सीमित संसाधनों के बावजूद सही मार्गदर्शन और मेहनत से युवा खिलाड़ी ऊंचे स्तर तक पहुंच सकते हैं।

Key Highlights:

• राजिंदर सिंह वर्ष 1989 में भारतीय सेना में शामिल हुए थे।
• वर्ष 2004 में उन्होंने पुणे के आर्मी स्पोर्ट्स इंस्टीट्यूट से कोचिंग करियर शुरू किया।
• वह खिलाड़ियों को मुफ्त वेटलिफ्टिंग प्रशिक्षण दे रहे हैं।
• वर्तमान में जिला वेटलिफ्टिंग सेंटर में 22 खिलाड़ियों को ट्रेनिंग दे रहे हैं।
• उनके शिष्य सुनील सिंह ने एशियन यूथ वेटलिफ्टिंग चैंपियनशिप में तीन पदक जीते।
• सुनील सिंह ने पेरू में आयोजित यूथ वर्ल्ड चैंपियनशिप में छठा स्थान हासिल किया।
• राजिंदर सिंह के मार्गदर्शन में जिला टीम ने 2025 में पंजाब राज्य ट्रॉफियों में जीत दर्ज की।
• उनके कई शिष्य स्वर्ण और रजत पदक जीत चुके हैं।

FAQ Section:

राजिंदर सिंह कौन हैं?
राजिंदर सिंह भारतीय सेना में सेवा दे चुके खिलाड़ी और वेटलिफ्टिंग कोच हैं। वह अमृतसर में युवा खिलाड़ियों को प्रशिक्षण दे रहे हैं।

राजिंदर सिंह ने कोचिंग कब शुरू की?
उन्होंने वर्ष 2004 में पुणे स्थित आर्मी स्पोर्ट्स इंस्टीट्यूट से कोच के रूप में अपना सफर शुरू किया था।

राजिंदर सिंह के शिष्य सुनील सिंह की उपलब्धि क्या है?
सुनील सिंह ने कजाकिस्तान में आयोजित एशियन यूथ वेटलिफ्टिंग चैंपियनशिप में 65 किलोग्राम से कम भार वर्ग में दो रजत और एक कांस्य पदक जीता था।

राजिंदर सिंह वर्तमान में कितने खिलाड़ियों को प्रशिक्षण दे रहे हैं?
वह वर्तमान में जिला वेटलिफ्टिंग सेंटर में 22 खिलाड़ियों को प्रशिक्षण दे रहे हैं।

राजिंदर सिंह के अन्य प्रमुख शिष्यों में कौन शामिल हैं?
उनके शिष्यों में सुरेंद्र पाल सिंह और विदुषी शर्मा शामिल हैं, जिन्होंने विभिन्न प्रतियोगिताओं में रजत पदक जीते हैं।

Conclusion:

राजिंदर सिंह की कहानी देश सेवा से खेल सेवा तक के समर्पण की मिसाल है। सेना में अपने अनुभव और खेल के प्रति जुनून को उन्होंने युवा प्रतिभाओं को निखारने में लगाया। मुफ्त प्रशिक्षण के जरिए वह अमृतसर और पंजाब के उभरते वेटलिफ्टरों को आगे बढ़ने का अवसर दे रहे हैं। उनके शिष्यों की राज्य से लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर तक की उपलब्धियां उनके प्रशिक्षण और मेहनत की सफलता को दर्शाती हैं।Screenshot_1029

Edited By: Atul Sharma

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