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पंजाब चुनाव से पहले BJP का बड़ा दलित आउटरीच, नितिन नबीन बोले- संत रविदास के विचारों ने सनातन परंपराओं की रक्षा की
संत रविदास की 650वीं जयंती से पहले दिल्ली में समरसता संकल्प दिवस कार्यक्रम, पंजाब में ‘कलश यात्रा’ के जरिए रैदासिया समुदाय तक पहुंच बनाने की कोशिश
2027 के विधानसभा चुनावों से पहले BJP ने पंजाब समेत पांच चुनावी राज्यों में दलित समुदाय के बीच अपनी पहुंच बढ़ाने की कवायद तेज कर दी है। BJP अध्यक्ष नितिन नबीन ने संत रविदास के विचारों और योगदान को याद करते हुए पार्टी के सामाजिक समरसता अभियान को आगे बढ़ाया।
2027 के विधानसभा चुनावों की तैयारियों के बीच BJP ने पंजाब और उत्तर प्रदेश समेत पांच राज्यों में दलित समुदाय तक अपनी पहुंच मजबूत करने की रणनीति पर काम तेज कर दिया है। इसी कड़ी में BJP के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन ने संत रविदास के जीवन और शिक्षाओं को याद करते हुए कहा कि विदेशी आक्रमणों और बड़े पैमाने पर धर्मांतरण के प्रयासों के दौर में संत रविदास के विचारों और संघर्ष ने भारतीय समाज तथा सनातन परंपराओं की रक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
नितिन नबीन ने यह बात दिल्ली में संत रविदास की 650वीं जयंती से पहले आयोजित ‘समरसता संकल्प दिवस’ कार्यक्रम के दौरान कही।
संत रविदास के विचारों को BJP के अभियान से जोड़ानितिन नबीन ने संत रविदास की शिक्षाओं का उल्लेख करते हुए धर्मांतरण के मुद्दे को भी उठाया। पंजाब में BJP जिन प्रमुख चुनावी मुद्दों को आगे बढ़ाने की तैयारी कर रही है, उनमें धर्मांतरण को लेकर चिंता भी शामिल है।
नबीन ने कहा कि भारत पर विदेशी आक्रमणों के दौर में बड़े पैमाने पर धर्मांतरण के प्रयास हुए थे। ऐसे समय में गुरु रविदास के मूल्यों और संघर्ष ने भारतीय समाज और उसकी सनातन परंपराओं को बचाने में योगदान दिया।
‘समरसता संकल्प अभियान’ के तहत निकाली जा रही कलश यात्रा
कार्यक्रम में वाराणसी स्थित संत रविदास की जन्मस्थली से लाई गई पवित्र मिट्टी को दिल्ली के विभिन्न हिस्सों तक पहुंचाने के अभियान की शुरुआत भी प्रमुख आकर्षण रही।
इसी तरह पंजाब में भी ‘समरसता संकल्प अभियान’ के तहत कलश यात्रा निकाली जा रही है। वाराणसी के सीर गोवर्धनपुर से पवित्र मिट्टी लेकर चल रही यह यात्रा 1 अगस्त को लालड़ू के रास्ते पंजाब में दाखिल हुई थी। BJP के प्रदेश नेताओं ने कलश प्राप्त किए और अब इन्हें राज्य के अलग-अलग हिस्सों में ले जाया जा रहा है।
रैदासिया समुदाय पर BJP की नजर
पंजाब में रैदासिया समुदाय का राजनीतिक और सामाजिक महत्व काफी अधिक है। राज्य की कुल आबादी में दलितों की हिस्सेदारी करीब 32 प्रतिशत है, जो देश में सबसे अधिक है। ऐसे में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले BJP के लिए रैदासिया समुदाय तक पहुंच बनाना महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
पंजाब में डेरा बल्लां रैदासिया समुदाय का प्रमुख और प्रभावशाली आध्यात्मिक केंद्र है। BJP के इस समुदाय पर विशेष ध्यान देने का संकेत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जुलाई में पंजाब यात्रा के दौरान भी मिला था। इस दौरान उन्होंने डेरा सचखंड बल्लां के प्रमुख संत निरंजन दास से व्यक्तिगत मुलाकात की थी।
पंजाब में अभियान का विस्तार
दिल्ली के तालकटोरा स्टेडियम में आयोजित BJP का कार्यक्रम पंजाब में चल रहे ‘समरसता संकल्प अभियान’ की व्यापक रणनीति का हिस्सा बताया गया। पार्टी नेताओं के मुताबिक, पवित्र मिट्टी से जुड़े कलशों को पंजाब के अलग-अलग क्षेत्रों में ले जाकर संत रविदास के संदेश और सामाजिक समरसता की भावना को लोगों तक पहुंचाया जा रहा है।
नितिन नबीन ने वंदे मातरम का भी किया जिक्र
कार्यक्रम के दौरान BJP अध्यक्ष नितिन नबीन ने ‘वंदे मातरम’ का भी उल्लेख किया। उनका यह बयान कांग्रेस द्वारा राष्ट्रीय गीत के केवल दो अंतरे गाने का प्रस्ताव पारित किए जाने के कुछ दिनों बाद आया है।
Key Highlights:
- 2027 के चुनावों से पहले BJP ने पंजाब में दलित आउटरीच तेज किया।
- BJP अध्यक्ष नितिन नबीन ने संत रविदास के विचारों और योगदान को याद किया।
- नबीन ने कहा कि संत रविदास के मूल्यों ने सनातन परंपराओं की रक्षा में भूमिका निभाई।
- पंजाब में ‘समरसता संकल्प अभियान’ के तहत कलश यात्रा चल रही है।
- वाराणसी की संत रविदास जन्मस्थली से लाई गई पवित्र मिट्टी पंजाब के विभिन्न हिस्सों में पहुंचाई जा रही है।
- पंजाब की आबादी में दलितों की हिस्सेदारी करीब 32 प्रतिशत है।
- डेरा बल्लां रैदासिया समुदाय का प्रमुख आध्यात्मिक केंद्र है।
- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जुलाई में डेरा सचखंड बल्लां के प्रमुख संत निरंजन दास से मुलाकात की थी।
- नितिन नबीन ने कार्यक्रम में वंदे मातरम का भी जिक्र किया।
FAQ Section:
BJP ने संत रविदास को लेकर अभियान क्यों तेज किया है?
2027 के विधानसभा चुनावों से पहले BJP पंजाब समेत चुनावी राज्यों में दलित और रैदासिया समुदाय तक अपनी राजनीतिक एवं सामाजिक पहुंच मजबूत करने की कोशिश कर रही है। संत रविदास की शिक्षाओं और सामाजिक समरसता के संदेश को इस अभियान से जोड़ा गया है।
पंजाब में रैदासिया समुदाय का क्या महत्व है?
रैदासिया समुदाय पंजाब के महत्वपूर्ण सामाजिक समूहों में शामिल है। राज्य में दलित आबादी करीब 32 प्रतिशत है, जो देश में सबसे अधिक हिस्सेदारी है। इसलिए चुनावी राजनीति में यह समुदाय महत्वपूर्ण माना जाता है।
‘कलश यात्रा’ क्या है?
‘समरसता संकल्प अभियान’ के तहत वाराणसी के सीर गोवर्धनपुर स्थित संत रविदास की जन्मस्थली की पवित्र मिट्टी को कलश में लेकर विभिन्न क्षेत्रों तक पहुंचाया जा रहा है। पंजाब में यह यात्रा 1 अगस्त को लालड़ू के रास्ते दाखिल हुई थी।
डेरा बल्लां क्यों महत्वपूर्ण है?
डेरा बल्लां पंजाब में रैदासिया समुदाय का प्रमुख और प्रभावशाली आध्यात्मिक केंद्र है। समुदाय के बीच इसके व्यापक प्रभाव के कारण राजनीतिक दल भी इसे महत्वपूर्ण मानते हैं।
नितिन नबीन ने वंदे मातरम पर क्या कहा?
कार्यक्रम में नितिन नबीन ने वंदे मातरम का भी उल्लेख किया। उनका बयान कांग्रेस द्वारा राष्ट्रीय गीत के केवल दो अंतरे गाने का प्रस्ताव पारित किए जाने के कुछ दिनों बाद आया।
Conclusion:
2027 के विधानसभा चुनावों से पहले BJP ने पंजाब में सामाजिक और राजनीतिक outreach को तेज कर दिया है। संत रविदास की 650वीं जयंती से जुड़े कार्यक्रमों और ‘समरसता संकल्प अभियान’ के जरिए पार्टी रैदासिया और व्यापक दलित समुदाय तक पहुंच बनाने की कोशिश कर रही है। नितिन नबीन का संत रविदास के विचारों, धर्मांतरण और सनातन परंपराओं को लेकर दिया गया बयान इस अभियान के राजनीतिक महत्व को भी रेखांकित करता है।
