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हरियाणा मंत्री अनिल विज के ड्राइवर से 50 लाख की ठगी, बेटे को अमेरिका भेजने का झांसा; ‘डंकी रूट’ से भेजने का आरोप
गोहाना निवासी ड्राइवर की शिकायत पर दो लोगों के खिलाफ केस दर्ज; बेटे को फ्रांस से मैक्सिको होते हुए अवैध तरीके से अमेरिका भेजने और 14 महीने हिरासत में रहने का दावा
हरियाणा के कैबिनेट मंत्री अनिल विज के आवास पर तैनात ड्राइवर से उसके बेटे को अमेरिका भेजने के नाम पर 50 लाख रुपये की कथित ठगी का मामला सामने आया है। पुलिस ने दो आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
हरियाणा के कैबिनेट मंत्री अनिल विज के सरकारी ड्राइवर से उसके बेटे को अमेरिका भेजने के नाम पर कथित तौर पर 50 लाख रुपये की ठगी का मामला सामने आया है। शिकायत के आधार पर पुलिस ने दो लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। आरोप है कि एजेंटों ने बेटे को कानूनी तरीके से अमेरिका भेजने का भरोसा दिया, लेकिन उसे कथित तौर पर ‘डंकी रूट’ के जरिए मैक्सिको से अवैध रूप से अमेरिका में प्रवेश कराया।
अमेरिकी अधिकारियों ने युवक को हिरासत में ले लिया और वह करीब 14 महीने तक डिटेंशन सेंटर में रहा। दिसंबर 2025 में अमेरिकी सरकार ने उसे भारत वापस भेज दिया। इसके बाद परिवार को कथित ठगी की जानकारी हुई।
मंत्री अनिल विज के ड्राइवर ने दर्ज कराई शिकायत
गोहाना निवासी राकेश कुमार ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि वह अंबाला कैंट की शास्त्री कॉलोनी स्थित हरियाणा के कैबिनेट मंत्री अनिल विज के आवास पर ड्राइवर के पद पर तैनात है।राकेश के मुताबिक, उसके बहनोई सोनू के माध्यम से उसकी मुलाकात पिल्लूखेड़ा निवासी मनोज कुमार से हुई थी। राकेश का छोटा बेटा नवीन वर्मा मैकेनिकल इंजीनियरिंग का स्नातक है।
शिकायत के अनुसार, मनोज ने नवीन को अमेरिका भेजने की बात कही और बाद में उसकी मुलाकात पानीपत की गोपाल कॉलोनी निवासी कुलदीप से कराई। आरोप है कि कुलदीप विदेश भेजने का काम करता था।
40 लाख में तय हुआ था सौदा
एडवांस के तौर पर दिए 5 लाख रुपये
शिकायत के अनुसार, कुलदीप के घर पर एक बैठक हुई, जहां नवीन को अमेरिका भेजने का सौदा 40 लाख रुपये में तय किया गया।
इसके बाद राकेश के बड़े बेटे प्रवीण वर्मा ने कुलदीप के घर जाकर उसे 5 लाख रुपये नकद एडवांस के रूप में दिए।
अक्टूबर 2024 में आरोपी एजेंट कथित तौर पर राकेश के घर गोहाना पहुंचा और नवीन का पासपोर्ट ले गया। इस दौरान उसने 10 लाख रुपये और मांगे। परिवार का दावा है कि यह रकम भी उसे सनौली रोड पर दी गई।
इसके बाद कुलदीप और उसके सहयोगी आशु ने कथित तौर पर वीजा के लिए 8 लाख रुपये अतिरिक्त मांगे। शिकायत में परिवार ने दावा किया है कि अलग-अलग भुगतान के बाद एजेंटों को कुल 50 लाख रुपये दिए गए।
फ्रांस से मैक्सिको और फिर अमेरिका भेजने का आरोप
नवीन 5 नवंबर 2024 को फ्लाइट से फ्रांस गया था। शिकायत के मुताबिक, वहां से एजेंटों ने उसे मैक्सिको भेज दिया।
आरोप है कि इसके बाद उसे मैक्सिको के रास्ते अवैध तरीके से अमेरिका में प्रवेश कराया गया। अमेरिका पहुंचने के बाद वहां के अधिकारियों ने उसे हिरासत में ले लिया।
14 महीने तक डिटेंशन सेंटर में रहा युवक
शिकायत के अनुसार, नवीन करीब 14 महीने तक अमेरिका के एक डिटेंशन सेंटर में रहा। दिसंबर 2025 में अमेरिकी सरकार ने उसे भारत वापस भेज दिया।
बेटे के भारत लौटने के बाद परिवार को कथित तौर पर पता चला कि उसे वैध तरीके से अमेरिका भेजने का दावा सही नहीं था और वह अवैध रास्ते से अमेरिका पहुंचा था।
पैसे लौटाने का भरोसा भी कथित तौर पर पूरा नहीं हुआ
युवक के डिपोर्ट होकर भारत लौटने के बाद परिवार ने एजेंटों से अपने पैसे वापस मांगे। शिकायत के मुताबिक, आरोपियों ने रकम लौटाने का आश्वासन दिया, लेकिन कथित तौर पर पैसे वापस नहीं किए।
इसके बाद परिवार ने पुलिस से शिकायत की।
दो आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज
ओल्ड इंडस्ट्रियल एरिया पुलिस ने शिकायत के आधार पर दो आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(4), 316(2) और 3(5) तथा इमिग्रेशन एक्ट की धारा 24 के तहत मामला दर्ज किया है।
पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। अब जांच में कथित एजेंटों की भूमिका, पैसों के लेनदेन, विदेश भेजने की प्रक्रिया और युवक को अमेरिका पहुंचाने के तरीके से जुड़े तथ्यों की पड़ताल की जाएगी।
Key Highlights:
- हरियाणा के मंत्री अनिल विज के सरकारी ड्राइवर से कथित तौर पर 50 लाख रुपये की ठगी का मामला।
- बेटे को अमेरिका भेजने के नाम पर एजेंटों ने रकम लेने का आरोप।
- शिकायत के अनुसार युवक को फ्रांस से मैक्सिको भेजा गया।
- मैक्सिको के रास्ते कथित तौर पर अवैध तरीके से अमेरिका में प्रवेश कराया गया।
- अमेरिकी अधिकारियों ने युवक को करीब 14 महीने तक हिरासत में रखा।
- दिसंबर 2025 में युवक को अमेरिका से भारत डिपोर्ट किया गया।
- परिवार का आरोप है कि आरोपियों ने बाद में पैसे लौटाने का वादा किया, लेकिन रकम नहीं लौटाई।
- पुलिस ने दो आरोपियों के खिलाफ BNS और Immigration Act की धाराओं में केस दर्ज किया।
- मामले की जांच जारी है।
FAQ Section:
किससे 50 लाख रुपये की कथित ठगी हुई?
शिकायत के अनुसार, गोहाना निवासी राकेश कुमार से उसके बेटे को अमेरिका भेजने के नाम पर कुल 50 लाख रुपये लिए गए। राकेश हरियाणा के कैबिनेट मंत्री अनिल विज के आवास पर ड्राइवर के रूप में तैनात हैं।
बेटे को अमेरिका भेजने के लिए कौन सा रास्ता अपनाया गया?
शिकायत में आरोप लगाया गया है कि युवक को 5 नवंबर 2024 को फ्रांस भेजा गया और वहां से मैक्सिको ले जाकर कथित तौर पर अवैध तरीके से अमेरिका में प्रवेश कराया गया।
युवक अमेरिका में कितने समय तक हिरासत में रहा?
शिकायत के अनुसार, अमेरिकी अधिकारियों ने युवक को करीब 14 महीने तक डिटेंशन सेंटर में रखा।
युवक को भारत कब वापस भेजा गया?
अमेरिकी सरकार ने युवक को दिसंबर 2025 में भारत डिपोर्ट किया था।
पुलिस ने कौन सी धाराओं में मामला दर्ज किया?
ओल्ड इंडस्ट्रियल एरिया पुलिस ने BNS की धारा 318(4), 316(2), 3(5) और Immigration Act की धारा 24 के तहत मामला दर्ज किया है।
Conclusion:
अमेरिका भेजने के नाम पर 50 लाख रुपये की कथित ठगी का यह मामला विदेश जाने की चाह रखने वाले लोगों को फर्जी या संदिग्ध एजेंटों से सावधान रहने की जरूरत को सामने लाता है। शिकायत में लगाए गए आरोपों के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। अब जांच से यह स्पष्ट होगा कि आरोपियों ने परिवार से रकम कैसे ली और युवक को विदेश भेजने की पूरी प्रक्रिया में उनकी क्या भूमिका थी। आरोप अभी जांच के दायरे में हैं और अदालत में साबित होना बाकी है।
