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लुधियाना में 50 हजार माइक्रो इंडस्ट्रियल यूनिट्स पर संकट, 30 सितंबर के बाद बंद होने का खतरा; 5 लाख रोजगार दांव पर
मिक्स्ड लैंड यूज इलाकों में चल रही छोटी औद्योगिक इकाइयों की अनुमति 30 सितंबर को खत्म हो रही है; सरकार की ओर से अब तक विस्तार को लेकर कोई आधिकारिक स्पष्टता नहीं
लुधियाना के मिक्स्ड लैंड यूज (MLU) क्षेत्रों में संचालित करीब 50,000 माइक्रो औद्योगिक इकाइयों का भविष्य अधर में है। 30 सितंबर को मौजूदा अनुमति खत्म होने के बाद करीब 5 लाख कामगारों की आजीविका प्रभावित होने की आशंका है।
लुधियाना की हजारों छोटी औद्योगिक इकाइयों पर अब संकट के बादल मंडरा रहे हैं। मिक्स्ड लैंड यूज (MLU) क्षेत्रों में चल रही करीब 50,000 माइक्रो इंडस्ट्रियल यूनिट्स को मिली संचालन की अनुमति 30 सितंबर को समाप्त होने वाली है। पंजाब सरकार ने अभी तक यह स्पष्ट नहीं किया है कि इन इकाइयों को आगे काम करने की अनुमति दी जाएगी या नहीं।
मौजूदा नियमों के मुताबिक, यदि सरकार ने अनुमति की अवधि नहीं बढ़ाई तो MLU क्षेत्रों में संचालित इन औद्योगिक इकाइयों को काम जारी रखने की अनुमति नहीं होगी। इससे लुधियाना के छोटे उद्योगों के साथ-साथ उनसे जुड़े करीब 5 लाख श्रमिकों के रोजगार पर भी असर पड़ने की आशंका है।
30 सितंबर को खत्म हो रही अनुमति
पंजाब सरकार के स्थानीय निकाय विभाग ने 6 अक्टूबर 2023 को मिक्स्ड लैंड यूज क्षेत्रों में संचालित औद्योगिक इकाइयों को सितंबर 2026 तक काम जारी रखने की अनुमति दी थी। यह करीब साढ़े तीन साल की अवधि अब समाप्त होने वाली है।सरकार की ओर से अब तक अनुमति के विस्तार को लेकर कोई आधिकारिक सूचना जारी नहीं हुई है। ऐसे में उद्योग प्रतिनिधियों की चिंता लगातार बढ़ रही है।
विधायक ने दिया विस्तार का भरोसा
आम आदमी पार्टी के विधायक कुलवंत सिंह सिद्धू ने कहा है कि वह इस मामले को लेकर पंजाब सरकार के संपर्क में हैं। उन्होंने भरोसा जताया कि MLU क्षेत्रों में काम कर रही औद्योगिक इकाइयों को जल्द ही अनुमति का विस्तार मिल जाएगा।
सिद्धू ने कहा, "मैं इस मामले को देख रहा हूं और उन्हें MLU में काम करने के लिए विस्तार मिलेगा।"
हालांकि, सरकारी स्तर पर अभी तक कोई औपचारिक आदेश या अधिसूचना सामने नहीं आई है।
NOC को लेकर भी उद्योग जगत परेशान
वर्ल्ड MSME फोरम के अध्यक्ष बदीश जिंदल ने कहा कि सरकार को इस मामले में तत्काल हस्तक्षेप करना चाहिए। उनके अनुसार, विभिन्न विभागों की ओर से जरूरी अनापत्ति प्रमाणपत्र (NOC) के लिए आवेदन तक स्वीकार नहीं किए जा रहे हैं।
इन इकाइयों के लिए पंजाब प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (PPCB) और फायर विभाग समेत संबंधित एजेंसियों से NOC जरूरी होती है। उद्योग प्रतिनिधियों का कहना है कि यदि अनुमति विस्तार की स्थिति स्पष्ट नहीं होगी तो इकाइयों के लिए जरूरी औपचारिकताएं पूरी करना भी मुश्किल हो जाएगा।
5 लाख लोगों के रोजगार पर असर की आशंका
बदीश जिंदल के मुताबिक, मिक्स्ड लैंड यूज क्षेत्रों में संचालित इन छोटी औद्योगिक इकाइयों ने 5 लाख से अधिक लोगों को रोजगार दिया हुआ है। इसके अलावा पंजाब के बड़े औद्योगिक और कॉरपोरेट प्रतिष्ठान भी इन छोटे उद्योगों पर निर्भर हैं।
इन इकाइयों से साइकिल के नट-बोल्ट, रिम, ऑटो पार्ट्स, इलेक्ट्रोप्लेटिंग, पॉलिशिंग और अन्य औद्योगिक उत्पादों की आपूर्ति होती है।
जिंदल ने कहा कि मामला अब गंभीर स्थिति में पहुंच चुका है। यदि समय रहते सरकार ने हस्तक्षेप नहीं किया तो करीब 50,000 छोटी औद्योगिक इकाइयों और उनसे जुड़े लगभग 5 लाख कामगारों का भविष्य अनिश्चित हो सकता है।
लुधियाना के प्रमुख उद्योगों के लिए अहम हैं माइक्रो यूनिट्स
बदीश जिंदल ने कहा कि लुधियाना सिर्फ एक शहर नहीं, बल्कि पंजाब का औद्योगिक केंद्र है। यहां साइकिल, ऑटो पार्ट्स, सिलाई मशीन, हैंड टूल्स और होजरी जैसे प्रमुख उद्योगों के साथ बड़ी संख्या में सहायक और छोटे विनिर्माण कारोबार जुड़े हुए हैं।
इन माइक्रो यूनिट्स की भूमिका बड़ी औद्योगिक इकाइयों की सप्लाई चेन में भी महत्वपूर्ण है। ऐसे में इनका संचालन प्रभावित होने पर इसका असर केवल संबंधित कारोबारियों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि दूसरे उद्योगों पर भी पड़ सकता है।
मुख्यमंत्री से तत्काल हस्तक्षेप की मांग
वर्ल्ड MSME फोरम की ओर से इस मामले में पंजाब के मुख्यमंत्री को पत्र भी भेजा गया है। संगठन ने सरकार से अनुमति की अवधि बढ़ाने और उद्योगों के सामने पैदा हुई अनिश्चितता को तत्काल दूर करने की मांग की है।
Key Highlights:
- लुधियाना में करीब 50,000 माइक्रो औद्योगिक इकाइयां MLU क्षेत्रों में संचालित हैं।
- इन इकाइयों की मौजूदा संचालन अनुमति 30 सितंबर 2026 को खत्म हो रही है।
- पंजाब सरकार ने अभी तक विस्तार को लेकर आधिकारिक सूचना जारी नहीं की है।
- इन इकाइयों से करीब 5 लाख लोगों के रोजगार जुड़े होने का दावा किया गया है।
- PPCB और फायर विभाग समेत विभिन्न एजेंसियों की NOC जरूरी है।
- उद्योग प्रतिनिधियों के अनुसार, कई विभाग NOC के आवेदन स्वीकार नहीं कर रहे हैं।
- AAP विधायक कुलवंत सिंह सिद्धू ने अनुमति विस्तार का भरोसा दिया है।
- वर्ल्ड MSME फोरम ने मुख्यमंत्री से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है।
FAQ Section:
MLU क्षेत्रों में कितनी औद्योगिक इकाइयां संचालित हैं?
उद्योग प्रतिनिधियों के अनुसार, लुधियाना के मिक्स्ड लैंड यूज क्षेत्रों में करीब 50,000 माइक्रो औद्योगिक इकाइयां संचालित हैं।
इन इकाइयों की अनुमति कब खत्म हो रही है?
इन इकाइयों को दी गई मौजूदा अनुमति 30 सितंबर 2026 को समाप्त हो रही है।
अनुमति खत्म होने के बाद क्या होगा?
मौजूदा नियमों के तहत राज्य सरकार द्वारा अनुमति का विस्तार नहीं किए जाने पर MLU क्षेत्रों में इन औद्योगिक इकाइयों को संचालन जारी रखने की अनुमति नहीं होगी।
कितने लोगों के रोजगार पर असर पड़ सकता है?
वर्ल्ड MSME फोरम के अनुसार, इन छोटी औद्योगिक इकाइयों से 5 लाख से अधिक लोगों को रोजगार मिला हुआ है।
सरकार की ओर से क्या आश्वासन मिला है?
AAP विधायक कुलवंत सिंह सिद्धू ने कहा है कि वह सरकार के संपर्क में हैं और MLU क्षेत्रों में संचालित उद्योगों को अनुमति का विस्तार मिलने की उम्मीद है।
Conclusion:
लुधियाना की करीब 50,000 माइक्रो औद्योगिक इकाइयों के सामने 30 सितंबर की समयसीमा के साथ अनिश्चितता बढ़ती जा रही है। इन इकाइयों का सीधा संबंध लाखों कामगारों और साइकिल, ऑटो पार्ट्स, होजरी समेत कई प्रमुख उद्योगों की सप्लाई चेन से है। ऐसे में उद्योग जगत अब पंजाब सरकार से जल्द स्पष्ट आदेश और अनुमति विस्तार की उम्मीद कर रहा है।
