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सिरसा के रोड़ी गांव में शिक्षक की कमी पर अभिभावकों का प्रदर्शन, शिक्षा विभाग ने रद्द की अस्थायी तैनाती
करीब 200 बच्चों वाले सरकारी प्राइमरी स्कूल में शिक्षकों की कमी से नाराज थे अभिभावक; नौजवान भारत सभा के साथ प्रदर्शन के बाद शिक्षक को वापस बुलाने के आदेश
हरियाणा के सिरसा जिले के रोड़ी गांव स्थित सरकारी प्राथमिक विद्यालय में शिक्षकों की कमी को लेकर अभिभावकों और नौजवान भारत सभा ने प्रदर्शन किया। विरोध के बाद शिक्षा विभाग ने दूसरे गांव के स्कूल में अस्थायी रूप से भेजे गए शिक्षक की तैनाती रद्द कर उसे वापस रोड़ी स्कूल भेजने के निर्देश दिए।
सिरसा जिले के रोड़ी गांव स्थित सरकारी प्राथमिक विद्यालय में शिक्षकों की कमी को लेकर शुरू हुआ अभिभावकों का प्रदर्शन शिक्षा विभाग की कार्रवाई के बाद समाप्त हो गया। विभाग ने एक शिक्षक की दूसरे गांव के स्कूल में की गई अस्थायी तैनाती रद्द करते हुए उसे वापस रोड़ी के सरकारी प्राथमिक विद्यालय में भेजने के निर्देश जारी कर दिए।
इस फैसले के बाद प्रदर्शन कर रहे अभिभावकों और नौजवान भारत सभा के कार्यकर्ताओं ने राहत जताई। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि स्कूल में पहले से ही शिक्षकों की कमी थी और एक शिक्षक को अस्थायी रूप से दूसरे स्कूल भेजे जाने से बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही थी।
करीब 200 बच्चों के लिए सिर्फ पांच शिक्षक कार्यरत
रोड़ी गांव के सरकारी प्राथमिक विद्यालय में करीब 200 बच्चे पढ़ते हैं। स्कूल में कुल सात शिक्षक पद स्वीकृत हैं, लेकिन लंबे समय से केवल पांच शिक्षक ही कार्यरत थे।स्थिति उस समय और गंभीर हो गई जब एक शिक्षक की चुनाव संबंधी BLO ड्यूटी लगी हुई थी। प्रदर्शनकारियों के अनुसार, वह शिक्षक करीब दो महीने से स्कूल में नियमित रूप से उपलब्ध नहीं था।
इसके अलावा, ब्लॉक शिक्षा अधिकारी द्वारा एक अन्य शिक्षक को पास के गांव के एक स्कूल में अस्थायी रूप से भेज दिया गया था।
शिक्षकों की कमी से प्रभावित हो रही थी पढ़ाई
अभिभावकों का कहना था कि पहले से सीमित स्टाफ के कारण बच्चों की पढ़ाई प्रभावित होने की आशंका थी। ऐसे में एक शिक्षक को दूसरे स्कूल भेजने के फैसले का विरोध शुरू हो गया।
स्कूल प्रबंधन समिति ने भी शिक्षक की अस्थायी तैनाती का विरोध करते हुए प्रस्ताव पारित किया था। वहीं ग्राम पंचायत ने भी संबंधित शिक्षक को वापस रोड़ी स्कूल भेजने की मांग की थी।
कार्रवाई नहीं होने पर स्कूल गेट के बाहर प्रदर्शन
अभिभावकों का आरोप था कि शिक्षक की वापसी को लेकर मांग उठाए जाने के बावजूद समय पर कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद नाराज अभिभावक प्रदर्शन के लिए सामने आए।
नौजवान भारत सभा के सदस्य भी अभिभावकों के समर्थन में शामिल हो गए। प्रदर्शनकारियों ने स्कूल के मुख्य गेट के बाहर नारेबाजी की और शिक्षा विभाग के खिलाफ विरोध जताया।
उनकी मुख्य मांग अस्थायी रूप से दूसरे स्कूल भेजे गए शिक्षक को तत्काल रोड़ी स्कूल वापस भेजने की थी।
आश्वासन के बजाय लिखित कार्रवाई की मांग
प्रदर्शनकारियों के अनुसार, अधिकारियों ने शुरुआत में उन्हें समस्या के समाधान का आश्वासन दिया था। हालांकि, अभिभावकों ने केवल आश्वासन के आधार पर प्रदर्शन समाप्त करने से इनकार कर दिया।
उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक शिक्षक को वास्तव में वापस भेजने के आदेश नहीं हो जाते, तब तक विरोध जारी रहेगा।
इसके बाद शिक्षा विभाग ने शिक्षक की अस्थायी तैनाती रद्द कर दी और उसे रोड़ी के सरकारी प्राथमिक विद्यालय में वापस लौटने के निर्देश दिए।
शिक्षक की वापसी के आदेश के बाद खत्म हुआ प्रदर्शन
शिक्षा विभाग की कार्रवाई के बाद प्रदर्शन समाप्त कर दिया गया। अभिभावकों और नौजवान भारत सभा के सदस्यों ने कहा कि बच्चों की पढ़ाई के लिए पर्याप्त शिक्षकों की उपलब्धता जरूरी है।
Key Highlights:
- सिरसा के रोड़ी गांव के सरकारी प्राथमिक विद्यालय में शिक्षक की कमी को लेकर प्रदर्शन हुआ।
- स्कूल में करीब 200 बच्चे पढ़ते हैं।
- सात शिक्षक पद स्वीकृत होने के बावजूद लंबे समय से केवल पांच शिक्षक कार्यरत थे।
- एक शिक्षक BLO ड्यूटी के कारण करीब दो महीने से स्कूल में उपलब्ध नहीं था।
- एक अन्य शिक्षक को पास के गांव के स्कूल में अस्थायी रूप से भेजा गया था।
- स्कूल प्रबंधन समिति और ग्राम पंचायत ने शिक्षक को वापस भेजने की मांग की थी।
- नौजवान भारत सभा और अभिभावकों ने स्कूल गेट के बाहर प्रदर्शन किया।
- शिक्षा विभाग ने शिक्षक की अस्थायी तैनाती रद्द कर उसे रोड़ी स्कूल लौटने के निर्देश दिए।
- आदेश जारी होने के बाद प्रदर्शन समाप्त हो गया।
FAQ Section:
रोड़ी गांव के स्कूल में प्रदर्शन क्यों हुआ?
सरकारी प्राथमिक विद्यालय में शिक्षकों की कमी को लेकर अभिभावक नाराज थे। एक शिक्षक को अस्थायी रूप से दूसरे गांव के स्कूल भेजे जाने के बाद प्रदर्शन शुरू किया गया।
रोड़ी के सरकारी प्राथमिक विद्यालय में कितने बच्चे पढ़ते हैं?
स्कूल में करीब 200 बच्चे पढ़ते हैं।
स्कूल में कितने शिक्षक पद स्वीकृत हैं?
स्कूल में कुल सात शिक्षक पद स्वीकृत हैं।
प्रदर्शन के समय कितने शिक्षक कार्यरत थे?
लंबे समय से स्कूल में केवल पांच शिक्षक कार्यरत थे। इनमें से एक शिक्षक BLO ड्यूटी के कारण करीब दो महीने से स्कूल में उपलब्ध नहीं था।
प्रदर्शन के बाद शिक्षा विभाग ने क्या फैसला लिया?
शिक्षा विभाग ने दूसरे गांव में की गई शिक्षक की अस्थायी तैनाती रद्द कर उसे वापस रोड़ी स्कूल भेजने के निर्देश दिए।
Conclusion:
रोड़ी गांव के सरकारी प्राथमिक विद्यालय में शिक्षकों की कमी को लेकर अभिभावकों का विरोध आखिरकार विभागीय कार्रवाई के बाद समाप्त हो गया। शिक्षक की अस्थायी तैनाती रद्द होने से स्कूल में स्टाफ की स्थिति बेहतर होने की उम्मीद है। यह मामला ग्रामीण सरकारी स्कूलों में पर्याप्त शिक्षकों की उपलब्धता और बच्चों की पढ़ाई के लिए समय पर प्रशासनिक फैसलों की जरूरत को भी उजागर करता है।
