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किसान मजदूर मोर्चा ने पंजाब में आंदोलन तेज करने की तैयारी की, 31 अगस्त को DC कार्यालयों के बाहर प्रदर्शन
कई गांवों में लगाए जा रहे फ्लेक्स बोर्ड, 14 सितंबर से पंजाब के मंत्रियों के विधानसभा क्षेत्रों में पांच दिवसीय धरने की घोषणा
किसान मजदूर मोर्चा ने किसानों, मजदूरों और अन्य वर्गों की लंबित मांगों को लेकर पंजाब में आंदोलन की तैयारी तेज कर दी है। मोर्चे ने 31 अगस्त को सभी जिलों में डिप्टी कमिश्नरों के कार्यालयों के बाहर एक दिवसीय प्रदर्शन का ऐलान किया है।
पंजाब में किसान मजदूर मोर्चा ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर प्रस्तावित आंदोलन के लिए जनसमर्थन जुटाना शुरू कर दिया है। किसानों, मजदूरों, महिलाओं और समाज के अन्य वर्गों से जुड़ी मांगों को लेकर मोर्चे की ओर से राज्य के कई गांवों में फ्लेक्स बोर्ड लगाए जा रहे हैं।
अमृतसर जिले में चब्बा, भिंडर कलां, वेरका, कठू नंगल और भोएवाल समेत कई गांवों में आंदोलन को लेकर प्रचार किया गया। चब्बा गांव में एक सभा भी आयोजित की गई, जिसमें किसान नेता सरवन सिंह पंधेर ने आंदोलन के अगले चरण की जानकारी दी।
31 अगस्त को पूरे पंजाब में प्रदर्शनसरवन सिंह पंधेर ने बताया कि किसान मजदूर मोर्चा ने लंबित मांगों को लेकर आंदोलन का अगला चरण घोषित कर दिया है। इसके तहत 31 अगस्त को पंजाब के सभी जिलों में डिप्टी कमिश्नरों के कार्यालयों के बाहर एक दिवसीय प्रदर्शन किया जाएगा।
मोर्चे का कहना है कि प्रदर्शन के जरिए किसानों, मजदूरों और अन्य प्रभावित वर्गों की मांगों को सरकार के सामने मजबूती से उठाया जाएगा।
14 सितंबर से मंत्रियों के विधानसभा क्षेत्रों में पांच दिवसीय प्रदर्शन
पंधेर के अनुसार, 14 सितंबर से पंजाब सरकार के विभिन्न मंत्रियों के विधानसभा क्षेत्रों में पांच दिवसीय प्रदर्शन आयोजित किए जाएंगे। इनमें अमृतसर में कैबिनेट मंत्री हरभजन सिंह ईटीओ, पठानकोट में लाल चंद कटारूचक, फरीदकोट में कुलतार सिंह संधवां, बठिंडा में कृषि मंत्री गुरमीत सिंह और संगरूर में अमन अरोड़ा के विधानसभा क्षेत्र शामिल हैं।
इसके अलावा राज्य के अन्य क्षेत्रों में भी प्रदर्शन किए जाने की योजना है।
बातचीत से समाधान नहीं निकला तो रेल रोको आंदोलन की चेतावनी
किसान नेता सरवन सिंह पंधेर ने कहा कि यदि पंजाब सरकार बातचीत के जरिए मांगों का समाधान नहीं करती है तो मोर्चा रेल रोको आंदोलन का आह्वान कर सकता है।
उन्होंने सरकार से किसानों और मजदूरों से जुड़े मुद्दों पर जल्द बातचीत कर समाधान निकालने की मांग की।
पांच फसलों के लिए MSP की कानूनी गारंटी की मांग
किसान मजदूर मोर्चा की प्रमुख मांगों में पांच फसलों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य यानी MSP की कानूनी गारंटी और सरकारी खरीद शामिल है।
मोर्चे ने बासमती, मक्का, सरसों, आलू और कपास के लिए MSP की कानूनी गारंटी और सरकारी खरीद की मांग उठाई है। पंधेर ने कहा कि सरकार की ओर से पहले इन फसलों को लेकर आश्वासन दिया गया था।
किसानों और मजदूरों की संपूर्ण कर्ज माफी की मांग
मोर्चे ने किसानों और मजदूरों की पूर्ण कर्ज माफी की भी मांग की है। इसके अलावा शंभू और खनौरी में किसान आंदोलन हटाए जाने के दौरान हुए नुकसान के लिए मुआवजे की मांग भी उठाई गई है।
प्रदर्शन के दौरान मृत या घायल हुए किसानों के परिवारों को लंबित मुआवजा तुरंत जारी करने की मांग भी मोर्चे की प्रमुख मांगों में शामिल है।
Key Highlights:
• किसान मजदूर मोर्चा ने पंजाब में आंदोलन के लिए जनसंपर्क अभियान तेज किया।
• कई दर्जन गांवों में आंदोलन से जुड़े फ्लेक्स बोर्ड लगाए गए।
• 31 अगस्त को पंजाब के सभी जिलों में DC कार्यालयों के बाहर एक दिवसीय प्रदर्शन होगा।
• 14 सितंबर से विभिन्न पंजाब मंत्रियों के विधानसभा क्षेत्रों में पांच दिवसीय प्रदर्शन की योजना है।
• सरकार से बातचीत विफल होने पर रेल रोको आंदोलन की चेतावनी दी गई है।
• बासमती, मक्का, सरसों, आलू और कपास के लिए MSP की कानूनी गारंटी की मांग की गई है।
• किसानों और मजदूरों की संपूर्ण कर्ज माफी की मांग उठाई गई है।
• शंभू और खनौरी आंदोलन के दौरान हुए नुकसान के मुआवजे की मांग की गई है।
• आंदोलन में मृत या घायल किसानों के परिवारों को लंबित मुआवजा देने की मांग की गई है।
FAQ Section:
किसान मजदूर मोर्चा ने 31 अगस्त को क्या ऐलान किया है?
मोर्चे ने 31 अगस्त को पंजाब के सभी जिलों में डिप्टी कमिश्नरों के कार्यालयों के बाहर एक दिवसीय प्रदर्शन का ऐलान किया है।
14 सितंबर से क्या होगा?
14 सितंबर से पंजाब के विभिन्न मंत्रियों के विधानसभा क्षेत्रों में पांच दिवसीय प्रदर्शन आयोजित करने की योजना है।
किस फसलों के लिए MSP की कानूनी गारंटी मांगी गई है?
मोर्चे ने बासमती, मक्का, सरसों, आलू और कपास के लिए MSP की कानूनी गारंटी और सरकारी खरीद की मांग की है।
किसान मजदूर मोर्चा की प्रमुख मांगें क्या हैं?
प्रमुख मांगों में पांच फसलों के लिए MSP की कानूनी गारंटी, किसानों और मजदूरों की कर्ज माफी, आंदोलन के दौरान हुए नुकसान का मुआवजा और मृत या घायल किसानों के परिवारों को लंबित मुआवजा देना शामिल है।
सरकार मांगें नहीं मानती है तो मोर्चा क्या करेगा?
सरवन सिंह पंधेर ने कहा है कि बातचीत से समाधान नहीं निकलने पर मोर्चा रेल रोको आंदोलन का आह्वान कर सकता है।
Conclusion:
किसान मजदूर मोर्चा ने पंजाब में किसानों, मजदूरों और अन्य वर्गों से जुड़े मुद्दों को लेकर आंदोलन का अगला चरण घोषित कर दिया है। 31 अगस्त को जिला स्तर पर प्रदर्शन और 14 सितंबर से मंत्रियों के विधानसभा क्षेत्रों में पांच दिवसीय आंदोलन की योजना से सरकार पर दबाव बढ़ने की संभावना है। अब नजर इस बात पर रहेगी कि पंजाब सरकार इन मांगों पर बातचीत के जरिए समाधान निकालती है या आंदोलन आगे और व्यापक रूप लेता है।
