पंजाब में BJP-SAD गठबंधन की फिर सुगबुगाहट, 55 से ज्यादा सीटों पर मंथन; CM पद भी बनेगा बड़ा मुद्दा

भाजपा ने सार्वजनिक तौर पर सभी 117 सीटों पर चुनाव लड़ने की तैयारी की बात कही है, लेकिन अंदरखाने अकाली दल के साथ संभावित गठबंधन को लेकर सीटों और सत्ता साझेदारी पर चर्चा की तैयारी चल रही है।

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पंजाब में भाजपा और शिरोमणि अकाली दल के बीच संभावित प्री-पोल गठबंधन को लेकर बातचीत की अटकलें तेज हैं। सीट बंटवारे के साथ मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री पद का फॉर्मूला भी चर्चा के केंद्र में रह सकता है।

 

पंजाब की राजनीति में भाजपा और शिरोमणि अकाली दल (SAD) के बीच एक बार फिर संभावित गठबंधन को लेकर हलचल तेज होती दिख रही है। दोनों दल भले ही सार्वजनिक रूप से अलग-अलग चुनावी रणनीति की बात कर रहे हों, लेकिन संकेत हैं कि 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले दोनों पार्टियां संभावित प्री-पोल गठबंधन की संभावनाएं तलाश रही हैं।

गठबंधन की स्थिति में सबसे बड़ी चुनौती सीटों के बंटवारे की होगी। इसके अलावा मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री पद को लेकर भी दोनों दलों के बीच अहम बातचीत होने की संभावना है।

भाजपा की 117 सीटों पर चुनाव लड़ने की तैयारी

भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव (संगठन) बीएल संतोष ने पंजाब दौरे के दौरान पार्टी की आधिकारिक स्थिति दोहराते हुए कहा है कि भाजपा सभी 117 विधानसभा सीटों पर चुनाव की तैयारी करेगी और अपने दम पर मैदान में उतरने की रणनीति बनाएगी।

हालांकि, पार्टी के अंदर संभावित गठबंधन की स्थिति के लिए अलग से चुनावी आकलन किए जाने की जानकारी सामने आई है। सूत्रों के मुताबिक, भाजपा ने 55 से अधिक संभावित विधानसभा सीटों की सूची तैयार रखी है, जिन पर अकाली दल के साथ समझौता होने की स्थिति में चर्चा की जा सकती है।

2024 लोकसभा चुनाव के आंकड़ों पर नजर

इन संभावित सीटों में 45 विधानसभा क्षेत्र ऐसे बताए जा रहे हैं, जहां 2024 के लोकसभा चुनाव में भाजपा अकाली दल से आगे रही थी।

2024 के लोकसभा चुनाव में पंजाब की 117 विधानसभा सीटों के स्तर पर भाजपा 23 सीटों पर सभी दलों से आगे रही थी। इसके अलावा पार्टी छह सीटों पर दूसरे और 16 सीटों पर तीसरे स्थान पर रही। इस तरह भाजपा का कुल आंकड़ा 45 विधानसभा क्षेत्रों तक पहुंचता है।

वहीं, अकाली दल नौ विधानसभा सीटों पर सभी दलों से आगे रहा था। पार्टी पांच सीटों पर दूसरे और पांच पर तीसरे स्थान पर रही। इस तरह अकाली दल का कुल आंकड़ा 19 सीटों का रहा।

BJP-SAD साथ आए तो 57 सीटों तक पहुंच सकता है आंकड़ा

भाजपा के आंतरिक आकलन में संभावित गठबंधन के चुनावी लाभ का भी विश्लेषण किया गया है। इसमें 2024 लोकसभा चुनाव के विधानसभा क्षेत्रवार प्रदर्शन को आधार बनाया गया है।

आकलन के मुताबिक, भाजपा और अकाली दल को अलग-अलग मिले वोटों को जोड़ने पर दोनों दलों का गठबंधन 25 अतिरिक्त विधानसभा क्षेत्रों में भी बढ़त हासिल कर सकता था। भाजपा की 23 और अकाली दल की नौ सीटों की बढ़त के साथ यह संयुक्त आंकड़ा 57 विधानसभा क्षेत्रों तक पहुंच सकता है।

पंजाब विधानसभा में कुल 117 सीटें हैं और सरकार बनाने के लिए 59 सीटों का बहुमत जरूरी है। ऐसे में 57 सीटों का संभावित संयुक्त आंकड़ा दोनों दलों की चुनावी स्थिति को काफी मजबूत करने वाला माना जा रहा है।

CM और Deputy CM पद पर भी होगी बातचीत

संभावित गठबंधन की बातचीत केवल सीट बंटवारे तक सीमित रहने की संभावना नहीं है। मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री पद को लेकर भी दोनों दलों के बीच महत्वपूर्ण चर्चा हो सकती है।

पिछले गठबंधन के दौरान भाजपा परंपरागत रूप से 23 विधानसभा सीटों पर चुनाव लड़ती थी, जबकि मुख्यमंत्री पद अकाली दल के पास रहता था। अब बदले हुए राजनीतिक समीकरणों में दोनों दल सत्ता में हिस्सेदारी का नया फॉर्मूला तलाश सकते हैं।

सीट बंटवारा सबसे बड़ी चुनौती

भाजपा के पंजाब में अपने संगठनात्मक विस्तार और बढ़े चुनावी प्रभाव को देखते हुए सीटों के बंटवारे का मुद्दा आसान नहीं होगा। दूसरी ओर, अकाली दल राज्य की राजनीति में अपने पारंपरिक आधार और लंबे राजनीतिक अनुभव के आधार पर मजबूत हिस्सेदारी की मांग कर सकता है।

इसलिए अगर दोनों दल गठबंधन की दिशा में आगे बढ़ते हैं तो सीटों की संख्या के साथ-साथ मुख्यमंत्री पद और सरकार में हिस्सेदारी का सवाल भी बातचीत का अहम हिस्सा बनेगा।

Key Highlights:

  • भाजपा ने आधिकारिक तौर पर पंजाब की सभी 117 विधानसभा सीटों पर चुनाव लड़ने की तैयारी का संकेत दिया है।
  • संभावित गठबंधन की स्थिति के लिए भाजपा के पास 55 से अधिक सीटों का आंतरिक आकलन होने की बात सामने आई है।
  • 2024 लोकसभा चुनाव में भाजपा 45 विधानसभा क्षेत्रों में अकाली दल से आगे रही थी।
  • अकाली दल 19 विधानसभा क्षेत्रों में भाजपा से बेहतर स्थिति में रहा था।
  • भाजपा और SAD के वोट जोड़ने पर संभावित संयुक्त बढ़त 57 विधानसभा सीटों तक पहुंच सकती है।
  • पंजाब विधानसभा में बहुमत का आंकड़ा 59 सीट है।
  • मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री पद को लेकर भी गठबंधन वार्ता में चर्चा होने की संभावना है।
  • पिछले गठबंधन में भाजपा 23 सीटों पर चुनाव लड़ती थी और मुख्यमंत्री पद SAD के पास रहता था।

FAQ Section:

क्या BJP और SAD पंजाब में फिर गठबंधन कर सकते हैं?

भाजपा और शिरोमणि अकाली दल के बीच संभावित प्री-पोल गठबंधन को लेकर बातचीत की अटकलें हैं। हालांकि, गठबंधन पर अंतिम निर्णय की पुष्टि नहीं हुई है।

भाजपा पंजाब में कितनी सीटों पर चुनाव लड़ने की तैयारी कर रही है?

भाजपा की आधिकारिक स्थिति के अनुसार पार्टी पंजाब की सभी 117 विधानसभा सीटों पर चुनाव की तैयारी कर रही है।

2024 लोकसभा चुनाव में भाजपा कितनी विधानसभा सीटों पर आगे रही थी?

2024 के लोकसभा चुनाव में विधानसभा क्षेत्रवार प्रदर्शन के आधार पर भाजपा 23 सीटों पर सभी दलों से आगे रही, छह पर दूसरे और 16 पर तीसरे स्थान पर रही। कुल मिलाकर यह 45 सीटें थीं।

अकाली दल कितनी विधानसभा सीटों पर आगे रहा था?

अकाली दल नौ विधानसभा क्षेत्रों में सबसे आगे रहा, जबकि पांच पर दूसरे और पांच पर तीसरे स्थान पर रहा। कुल आंकड़ा 19 सीटों का था।

पंजाब विधानसभा में बहुमत के लिए कितनी सीटें चाहिए?

117 सदस्यीय पंजाब विधानसभा में सरकार बनाने के लिए 59 सीटों का बहुमत जरूरी है।

Conclusion:

पंजाब में भाजपा और अकाली दल के बीच संभावित गठबंधन की चर्चा ने राज्य की 2027 विधानसभा चुनाव की राजनीति को नया मोड़ दे दिया है। भाजपा भले ही फिलहाल सभी 117 सीटों पर तैयारी का आधिकारिक संदेश दे रही हो, लेकिन 55 से अधिक सीटों के आंतरिक आकलन और 2024 के चुनावी आंकड़ों से संकेत मिलता है कि गठबंधन की संभावनाओं को पूरी तरह नजरअंदाज नहीं किया जा रहा। यदि दोनों दल बातचीत को आगे बढ़ाते हैं तो सीट बंटवारे के साथ मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री पद का फॉर्मूला सबसे अहम राजनीतिक मुद्दा बन सकता है।Screenshot_1054

Edited By: Atul Sharma

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