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बठिंडा में NRI मिलनी के दौरान उठे पुलिस कार्रवाई और इमिग्रेशन फ्रॉड के मुद्दे, मंच पर पहुंचकर सामने रखीं शिकायतें
‘जोनल NRI मिलनी’ में विदेश में बसे पंजाबियों ने पुलिस की कथित निष्क्रियता और विदेश भेजने के नाम पर ठगी से जुड़ी शिकायतें अधिकारियों के सामने रखीं।
बठिंडा में बुधवार को आयोजित ‘जोनल NRI मिलनी’ के दौरान एनआरआई ने पुलिस कार्रवाई में देरी और इमिग्रेशन एजेंटों पर धोखाधड़ी के आरोप लगाए। अधिकारियों ने शिकायतों की जांच का भरोसा दिया।
पंजाब के बठिंडा में बुधवार को आयोजित ‘जोनल NRI मिलनी’ के दौरान विदेशों में बसे पंजाबियों ने अपनी कई समस्याएं और शिकायतें अधिकारियों के सामने रखीं। कार्यक्रम में पुलिस की कथित निष्क्रियता, इमिग्रेशन फ्रॉड और विदेश भेजने के नाम पर पैसे लेने जैसे मामले प्रमुखता से उठाए गए।
मिलनी के दौरान मानसा निवासी और ओंटारियो में बसे गुरदेव सिंह ने बठिंडा पुलिस पर एक मामले में कार्रवाई नहीं करने का आरोप लगाया। उन्होंने मंच पर मंत्री के सामने अपनी शिकायत रखने के बाद दस्तावेज दिखाए और बाद में मीडिया से भी बातचीत की।
60 लाख रुपये लेकर कनाडा भेजने का आरोप
गुरदेव सिंह ने आरोप लगाया कि नसीबपुरा गांव की एक महिला ने उनकी बहू के भाई से शादी की थी। इसके बाद कथित तौर पर विदेश में बसाने का भरोसा देकर परिवार से 60 लाख रुपये लिए गए, लेकिन बाद में उसे कनाडा नहीं भेजा गया।गुरदेव के मुताबिक, परिवार ने यह रकम कर्ज लेकर जुटाई थी। उनका दावा है कि पैसे देने के बावजूद विदेश भेजने का वादा पूरा नहीं हुआ और इससे परिवार मानसिक एवं आर्थिक परेशानी में आ गया।
दो रिश्तेदारों की मौत का भी किया दावा
गुरदेव सिंह ने आरोप लगाया कि इस घटनाक्रम के बाद परिवार को गहरा सदमा लगा। उन्होंने दावा किया कि पहले उनकी बहू के पिता और उसके बाद उसके भाई ने आत्महत्या कर ली।
उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस ने मामला दर्ज करने के बजाय परिवार पर दबाव बनाया। हालांकि, ये आरोप शिकायतकर्ता की ओर से लगाए गए हैं और मामले की जांच के बाद ही तथ्यों की स्थिति स्पष्ट होगी।
DC ने जांच का दिया भरोसा
गुरदेव सिंह की शिकायत पर बठिंडा के डिप्टी कमिश्नर राजेश धीमान ने उन्हें गुरुवार को अपने कार्यालय में मिलने के लिए कहा। उन्होंने आश्वासन दिया कि मामले की जांच कराई जाएगी।
इस दौरान एनआरआई शिकायतकर्ताओं को अपनी समस्याएं सीधे प्रशासनिक अधिकारियों के सामने रखने का मौका मिला।
जर्मनी भेजने के नाम पर इमिग्रेशन एजेंट पर ठगी का आरोप
मिलनी में एक अन्य शिकायतकर्ता भरपूर सिंह ने इमिग्रेशन एजेंट पर उनकी भतीजी को जर्मनी भेजने के नाम पर कथित धोखाधड़ी करने का आरोप लगाया।
भरपूर सिंह के मुताबिक, एजेंट ने उनकी भतीजी को जर्मनी में नौकरी दिलाने का भरोसा दिया था। लेकिन वहां पहुंचने के बाद न तो उसे कथित तौर पर वादा की गई नौकरी मिली और न ही उसका वीजा आगे बढ़ सका।
एजेंट के रजिस्टर्ड नहीं होने का दावा
भरपूर सिंह ने दावा किया कि जर्मन अधिकारियों ने परिवार को बताया कि संबंधित एजेंट पंजीकृत नहीं था।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि स्थानीय पुलिस ने शुरुआत में उनकी शिकायत बंद कर दी थी। बाद में पुलिस महानिदेशक (DGP) के हस्तक्षेप के बाद शिकायत को दोबारा खोला गया।
शिकायतकर्ता का दावा है कि इसके बावजूद परिवार पर पैसे लेकर मामला खत्म करने और चुप रहने का दबाव बनाया जा रहा था।
Key Highlights:
- बठिंडा में बुधवार को ‘जोनल NRI मिलनी’ का आयोजन किया गया।
- एनआरआई ने पुलिस कार्रवाई में कथित देरी और इमिग्रेशन फ्रॉड की शिकायतें उठाईं।
- ओंटारियो में बसे मानसा निवासी गुरदेव सिंह ने 60 लाख रुपये लेकर कनाडा भेजने का वादा पूरा नहीं करने का आरोप लगाया।
- गुरदेव ने मामले में दो रिश्तेदारों की आत्महत्या का भी दावा किया।
- बठिंडा DC राजेश धीमान ने गुरदेव को गुरुवार को कार्यालय बुलाकर मामले की जांच का भरोसा दिया।
- भरपूर सिंह ने अपनी भतीजी को जर्मनी भेजने के नाम पर इमिग्रेशन एजेंट पर धोखाधड़ी का आरोप लगाया।
- उन्होंने दावा किया कि DGP के हस्तक्षेप के बाद पुलिस शिकायत दोबारा खोली गई।
FAQ Section:
बठिंडा में NRI मिलनी में किन मुद्दों को उठाया गया?
कार्यक्रम में पुलिस की कथित निष्क्रियता, इमिग्रेशन फ्रॉड और विदेश भेजने के नाम पर पैसे लेने से जुड़ी शिकायतें प्रमुखता से उठाई गईं।
गुरदेव सिंह ने क्या आरोप लगाया?
गुरदेव सिंह ने आरोप लगाया कि विदेश में बसाने का भरोसा देकर उनके परिवार से 60 लाख रुपये लिए गए, लेकिन कनाडा भेजने का वादा पूरा नहीं किया गया।
गुरदेव सिंह की शिकायत पर प्रशासन ने क्या कहा?
बठिंडा के DC राजेश धीमान ने उन्हें गुरुवार को अपने कार्यालय में मिलने के लिए बुलाया और मामले की जांच का आश्वासन दिया।
जर्मनी वाले मामले में क्या आरोप लगाया गया?
भरपूर सिंह ने आरोप लगाया कि एक इमिग्रेशन एजेंट ने उनकी भतीजी को जर्मनी भेजने और नौकरी दिलाने का वादा किया, लेकिन न तो नौकरी मिली और न ही वीजा आगे बढ़ सका।
क्या पुलिस ने जर्मनी से जुड़ी शिकायत की जांच की?
शिकायतकर्ता के अनुसार, स्थानीय पुलिस ने शुरुआत में शिकायत बंद कर दी थी, लेकिन DGP के हस्तक्षेप के बाद इसे दोबारा खोला गया।
Conclusion:
बठिंडा में आयोजित ‘जोनल NRI मिलनी’ विदेशों में बसे पंजाबियों के लिए अपनी शिकायतें सीधे प्रशासन तक पहुंचाने का महत्वपूर्ण मंच बनी। कार्यक्रम में पुलिस कार्रवाई और इमिग्रेशन धोखाधड़ी से जुड़े गंभीर आरोप सामने आए। अधिकारियों द्वारा शिकायतों की जांच का आश्वासन दिए जाने के बाद अब इन मामलों में आगे की कार्रवाई पर नजर रहेगी।
