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Free Fire के जुनून में घर से भागे पंजाब के 3 युवक, परीक्षा छोड़कर गेम खेलते थे; राजस्थान में होटल से बरामद
माछीवाड़ा के दो कॉलेज छात्रों ने गेमिंग के लिए परीक्षाएं तक छोड़ दीं, परिजनों की सख्ती के बाद दोस्त के साथ राजस्थान पहुंचे; नए सिम खरीदकर परिवार से संपर्क तोड़ा
पंजाब के माछीवाड़ा से लापता हुए दो कॉलेज छात्रों और उनके दोस्त को खन्ना पुलिस ने राजस्थान के जयपुर के पास एक होटल से बरामद किया। पूछताछ में ऑनलाइन गेम Free Fire की दीवानगी और उससे जुड़े चौंकाने वाले तथ्य सामने आए।
पंजाब के माछीवाड़ा से दो कॉलेज छात्रों के अचानक लापता होने के मामले ने पुलिस और उनके परिवारों को हैरान कर दिया। खन्ना पुलिस ने दोनों छात्रों को राजस्थान के जयपुर के पास एक होटल से बरामद किया। पूछताछ के दौरान सामने आया कि दोनों छात्र ऑनलाइन बैटल गेम Free Fire के इतने आदी हो चुके थे कि पढ़ाई और परिवार की रोक-टोक से बचने के लिए घर छोड़कर राजस्थान तक पहुंच गए।
माछीवाड़ा के कॉलेज में पढ़ने वाले उत्कर्ष और वरुण कुमार अपने लुधियाना निवासी दोस्त मोहित कुमार के साथ 20 अगस्त को बिना बताए घर से निकल गए थे। परिवारों ने जब काफी तलाश के बाद भी उनका पता नहीं लगाया तो खन्ना पुलिस में गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई गई।
Free Fire की दीवानगी ने बढ़ाई परेशानी
पुलिस की पूछताछ में युवकों ने कथित तौर पर बताया कि उन्हें Free Fire खेलने की इतनी लत लग चुकी थी कि वे गेम खेलने के लिए किसी भी हद तक जाने को तैयार थे। तीनों ने ऑनलाइन गेम के जरिए राजस्थान और देश के दूसरे हिस्सों में रहने वाले कई खिलाड़ियों से दोस्ती की थी।उन्हीं ऑनलाइन दोस्तों से मिलने के लिए तीनों ने राजस्थान जाने का फैसला किया था। वहां पहुंचने के बाद उन्होंने होटल में अपनी टीम के साथ Free Fire का टूर्नामेंट भी खेला और आगे दूसरे खिलाड़ियों के साथ भी ऐसे टूर्नामेंट खेलने की योजना बनाई थी।
गेम खेलने के लिए परीक्षा तक छोड़ दी
कॉलेज जाने के बजाय मैदान में बैठकर खेलते थे गेम
उत्कर्ष के चचेरे भाई गगनदीप शर्मा के मुताबिक, उत्कर्ष माछीवाड़ा के एक कॉलेज में बीकॉम का छात्र है और रोजाना कई घंटे Free Fire खेलने में बिताता था। परिवार लगातार उसे गेम में समय बर्बाद न करने के लिए समझाता था, लेकिन वह अपनी आदत बदलने को तैयार नहीं था।
गगनदीप ने बताया कि उत्कर्ष और वरुण समेत कई युवकों ने ऑनलाइन गेमिंग के लिए एक टीम बनाई हुई थी। गेमिंग की वजह से दोनों छात्रों की पढ़ाई प्रभावित हुई और वे परीक्षाओं में भी असफल रहे।
परिवार ने जब कॉलेज प्रशासन से जानकारी ली तो पता चला कि दोनों चार परीक्षाओं में शामिल ही नहीं हुए थे।
परिजनों से पूछताछ में दोनों ने बताया कि वे परीक्षा देने कॉलेज पहुंचे जरूर थे, लेकिन परीक्षा में बैठने के बजाय कॉलेज के मैदान में Free Fire खेलने लगे। उस समय गेम का ऑनलाइन टूर्नामेंट चल रहा था और उनकी टीम को गेम में ‘सर्वाइवल’ के लिए मुकाबला करना था।
इस घटना के बाद परिवारों ने दोनों पर और सख्ती कर दी और Free Fire खेलने पर पूरी तरह रोक लगा दी।
परिवार की सख्ती बनी राजस्थान जाने की वजह
परिजनों की पाबंदी से परेशान होकर उत्कर्ष और वरुण ने घर से बाहर निकलने का फैसला किया। वे अपने लुधियाना निवासी दोस्त मोहित कुमार को भी साथ ले गए। तीनों का उद्देश्य ऐसी जगह रहना था, जहां परिवार उनकी गेमिंग में दखल न दे सके।
गगनदीप के अनुसार, 20 अगस्त को तीनों एक कार लेकर राजस्थान के लिए निकल गए। उन्होंने अपने परिवारों को इसकी कोई जानकारी नहीं दी। जब घरवालों को उनके बारे में पता नहीं चला तो उन्होंने खन्ना पुलिस के पास गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई।
वापसी की कोई योजना नहीं बनाई
बताया गया कि तीनों युवकों ने घर से निकलने की तारीख तो तय कर ली थी, लेकिन वापस लौटने की कोई स्पष्ट योजना नहीं बनाई थी। उनके पास कुल करीब 11,000 रुपये ही थे।
परिवार से बचने के लिए खरीदे नए सिम
पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि तीनों युवकों ने अपने मोबाइल फोन बंद कर दिए थे। इसके बाद उन्होंने नए सिम कार्ड खरीदे ताकि परिवार के लोग उनसे संपर्क न कर सकें और गेमिंग के दौरान उन्हें परेशान न करें।
गगनदीप के मुताबिक, तीनों की राजस्थान और देश के दूसरे राज्यों में रहने वाले कई ऑनलाइन गेमिंग दोस्तों से बातचीत थी। वे आने वाले दिनों में इन खिलाड़ियों से मिलने और उनके साथ मिलकर Free Fire के और टूर्नामेंट खेलने की योजना बना रहे थे।
जयपुर के पास होटल से पुलिस ने बरामद किया
काफी जांच और तलाश के बाद खन्ना पुलिस ने मंगलवार को तीनों युवकों को राजस्थान में जयपुर के पास स्थित एक होटल से खोज निकाला। पुलिस उन्हें पंजाब वापस लेकर आई और पूछताछ की।
पूछताछ में सामने आई जानकारी ने परिवारों की चिंता और बढ़ा दी है। ऑनलाइन गेमिंग के लिए युवकों का घर छोड़ना, परीक्षा से दूरी बनाना, मोबाइल बंद करना और नए सिम कार्ड खरीदना बताता है कि गेमिंग उनके रोजमर्रा के जीवन पर कितना प्रभाव डाल रही थी।
Key Highlights:
- माछीवाड़ा के दो कॉलेज छात्र और उनका लुधियाना निवासी दोस्त 20 अगस्त को घर से निकले थे।
- तीनों Free Fire गेम खेलने के लिए राजस्थान पहुंचे थे।
- खन्ना पुलिस ने उन्हें जयपुर के पास एक होटल से बरामद किया।
- दोनों कॉलेज छात्रों के चार परीक्षाओं में शामिल नहीं होने की बात सामने आई।
- युवकों ने कॉलेज में परीक्षा देने के बजाय मैदान में बैठकर गेम खेलने की बात स्वीकार की।
- परिवार की रोक-टोक से बचने के लिए तीनों ने मोबाइल बंद कर नए सिम कार्ड खरीदे।
- तीनों के पास करीब 11,000 रुपये थे और वापसी की कोई तय योजना नहीं थी।
FAQ Section:
Free Fire खेलने के लिए पंजाब के छात्र राजस्थान क्यों गए थे?
परिवार की रोक-टोक से परेशान होकर माछीवाड़ा के दो कॉलेज छात्र अपने दोस्त के साथ राजस्थान गए थे। वे वहां अपने ऑनलाइन गेमिंग दोस्तों से मिलना और Free Fire टूर्नामेंट खेलना चाहते थे।
छात्रों को पुलिस ने कहां से बरामद किया?
खन्ना पुलिस ने तीनों युवकों को राजस्थान में जयपुर के पास एक होटल से बरामद किया।
क्या गेमिंग की वजह से छात्रों की पढ़ाई प्रभावित हुई?
हां। परिवार के अनुसार, दोनों छात्रों की गेमिंग की आदत का उनकी पढ़ाई पर असर पड़ा और वे चार परीक्षाओं में शामिल नहीं हुए।
छात्रों ने परिवार से संपर्क क्यों तोड़ा?
परिजनों की गेम खेलने पर रोक के बाद तीनों ने मोबाइल फोन बंद कर दिए और नए सिम कार्ड खरीद लिए, ताकि परिवार उनसे संपर्क न कर सके।
युवकों के पास कितने पैसे थे?
घर से निकलते समय तीनों युवकों के पास कुल करीब 11,000 रुपये थे।
Conclusion:
माछीवाड़ा के छात्रों का मामला ऑनलाइन गेमिंग की बढ़ती दीवानगी और उसके संभावित असर को सामने लाता है। परिवार की चिंता, पढ़ाई से दूरी और गेम खेलने के लिए घर छोड़ने जैसे कदम इस मामले को गंभीर बनाते हैं। पुलिस द्वारा तीनों युवकों को सुरक्षित बरामद किए जाने के बाद अब परिवारों के सामने उन्हें पढ़ाई और सामान्य दिनचर्या की ओर वापस लाने की चुनौती है।
