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नशे के खिलाफ पंजाब के गांव की सख्त पहल, ड्रग तस्करों की जमानत देने वालों पर लगेगा 10 हजार रुपये जुर्माना
मुक्तसर के कबरवाला गांव की पंचायत ने पारित किया एंटी-ड्रग प्रस्ताव, नशे के आदी लोगों की मदद के लिए घर-घर जाने का भी फैसला
मुक्तसर जिले के लंबी विधानसभा क्षेत्र के कबरवाला गांव की पंचायत ने नशे के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए ड्रग तस्करी के आरोपियों की जमानत में जमानतदार बनने वालों पर 10 हजार रुपये का जुर्माना लगाने का फैसला किया है।
पंजाब में नशे की समस्या के खिलाफ अब गांव स्तर पर भी सख्त कदम उठाए जा रहे हैं। मुक्तसर जिले के लंबी विधानसभा क्षेत्र के कबरवाला गांव की पंचायत ने नशे के खिलाफ एक कड़ा प्रस्ताव पारित किया है। इसके तहत कथित ड्रग तस्करों की जमानत के लिए जमानतदार बनने वाले व्यक्ति पर 10 हजार रुपये का जुर्माना लगाने का फैसला किया गया है।
गांव के लोगों ने नशे की समस्या से निपटने के लिए सामूहिक प्रयास करने का निर्णय लिया है। इसके साथ ही नशे की लत से जूझ रहे लोगों को इससे बाहर निकालने और उनके परिवारों की मदद करने की योजना भी बनाई गई है।
नशे के खिलाफ बनाई गई कमेटीपंचायत के प्रस्ताव को लागू करने के लिए गांव के लोगों ने एक समिति गठित की है। समिति के सदस्य नशे की लत से प्रभावित लोगों से संपर्क करेंगे और उन्हें नशा छोड़ने में मदद करने का प्रयास करेंगे।
गांव के गुरुद्वारे से भी लोगों को इस अभियान में शामिल होने के लिए अपील की जा रही है। पंचायत का उद्देश्य केवल नशे के खिलाफ कार्रवाई करना ही नहीं, बल्कि नशे की गिरफ्त में फंसे लोगों को मुख्यधारा में वापस लाना भी है।
घर-घर जाकर नशा छोड़ने की अपील
कबरवाला के पूर्व सरपंच स्वर्ण सिंह बल ने बताया कि गांव ने कुछ कथित नशे के आदी लोगों की सूची तैयार की है। समिति इन लोगों के घर जाकर उनसे नशा छोड़ने की अपील करेगी।
उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ने पर प्रभावित परिवारों को हर संभव सहयोग देने का प्रयास किया जाएगा। पंचायत और ग्रामीणों का मानना है कि नशे की समस्या से निपटने के लिए समाज की सक्रिय भागीदारी जरूरी है।
सभी राजनीतिक दलों के लोग अभियान में साथ
गांव के सरपंच अनोख सिंह के अनुसार, नशे के खिलाफ लड़ाई में अलग-अलग राजनीतिक विचारधारा से जुड़े लोग भी एकजुट हुए हैं। उन्होंने कहा कि गांव के लोग आने वाली पीढ़ियों को नशे से बचाने के लिए मिलकर प्रयास कर रहे हैं।
सरपंच के मुताबिक, ग्रामीण अब केवल पुलिस कार्रवाई पर निर्भर रहने के बजाय खुद भी घर-घर जाकर लोगों से नशे से दूर रहने की अपील करेंगे।
मालवा में नशे का मुद्दा फिर चर्चा में
पंजाब के मालवा क्षेत्र में हाल के दिनों में नशे से जुड़ी मौतों की खबरों ने चिंता बढ़ाई है। रिपोर्ट के अनुसार, करीब एक सप्ताह के दौरान बठिंडा, मानसा, फाजिल्का और फिरोजपुर जिलों में नशे के सेवन से कम से कम सात लोगों की कथित तौर पर मौत हुई।
फाजिल्का जिले में भी दो दिनों के भीतर नशे की ओवरडोज से तीन लोगों की कथित मौत की बात सामने आई थी।
इससे पहले बठिंडा के मौर कलां गांव में एक युवक की संदिग्ध ड्रग ओवरडोज से मौत के बाद ग्रामीणों ने कथित नशा तस्करों के खिलाफ दीवारों पर संदेश लिखकर विरोध जताया था।
Key Highlights:
- मुक्तसर के कबरवाला गांव ने नशे के खिलाफ सख्त प्रस्ताव पारित किया।
- ड्रग तस्करी के आरोपियों की जमानत देने वालों पर 10 हजार रुपये जुर्माना लगाने का फैसला।
- नशे के आदी लोगों की पहचान कर घर-घर जाकर मदद करने की योजना।
- ग्रामीणों ने नशा मुक्ति अभियान के लिए समिति बनाई।
- गांव के गुरुद्वारे से भी अभियान में शामिल होने की अपील।
- अलग-अलग राजनीतिक दलों से जुड़े ग्रामीण अभियान में एकजुट हुए।
- पंचायत का लक्ष्य युवाओं और आने वाली पीढ़ियों को नशे से बचाना है।
- पंजाब के कई गांव पहले भी नशे के खिलाफ ऐसे प्रस्ताव पारित कर चुके हैं।
FAQ Section:
कबरवाला गांव ने नशे के खिलाफ क्या फैसला लिया है?
कबरवाला गांव की पंचायत ने ड्रग तस्करी के आरोपियों की जमानत में जमानतदार बनने वाले व्यक्ति पर 10 हजार रुपये का जुर्माना लगाने का फैसला किया है।
कबरवाला गांव कहां स्थित है?
कबरवाला गांव पंजाब के मुक्तसर जिले के लंबी विधानसभा क्षेत्र में स्थित है।
नशे के आदी लोगों के लिए पंचायत क्या करेगी?
गांव की समिति नशे के आदी लोगों के घर जाकर उनसे नशा छोड़ने की अपील करेगी और जरूरत के अनुसार उनके परिवारों की मदद करने का प्रयास करेगी।
क्या गांव के लोग इस अभियान में शामिल हैं?
हां, गांव के लोगों ने समिति बनाई है और गुरुद्वारे के माध्यम से भी ग्रामीणों से नशे के खिलाफ अभियान में शामिल होने की अपील की जा रही है।
क्या पंजाब के अन्य गांवों ने भी ऐसे कदम उठाए हैं?
हां, पंजाब के कई गांव पहले भी नशे के खिलाफ इसी तरह के प्रस्ताव पारित कर चुके हैं।
Conclusion:
मुक्तसर के कबरवाला गांव की पहल पंजाब में नशे के खिलाफ सामुदायिक स्तर पर बढ़ती सक्रियता को दर्शाती है। पंचायत ने जहां कथित ड्रग तस्करों की जमानत में मदद करने वालों पर जुर्माने का फैसला लिया है, वहीं नशे की लत से जूझ रहे लोगों की मदद पर भी जोर दिया है। अब गांव के लोग घर-घर जाकर जागरूकता फैलाने और युवाओं को नशे से बचाने की दिशा में काम करेंगे।
