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जालंधर में 6 दिन बाद खत्म हुई सफाई कर्मचारियों की हड़ताल, नौकरी बचाने के आश्वासन पर बनी सहमति
मेयर, MC कमिश्नर और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक के बाद यूनियनों ने आंदोलन वापस लिया; 607 करोड़ रुपये के सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्रोजेक्ट का कर्मचारी कर रहे थे विरोध
जालंधर में सफाई कर्मचारियों की छह दिन से चल रही हड़ताल आखिरकार खत्म हो गई। नगर निगम अधिकारियों के साथ बैठक में कर्मचारियों को नौकरी सुरक्षित रहने का आश्वासन मिलने के बाद यूनियनों ने हड़ताल वापस लेने का फैसला किया।
जालंधर में पिछले छह दिनों से चल रही सफाई कर्मचारियों की हड़ताल आखिरकार खत्म हो गई। सफाई कर्मचारी यूनियनों ने सोमवार को मेयर, नगर निगम कमिश्नर और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक के बाद आंदोलन वापस लेने की घोषणा की। हड़ताल के कारण शहर में पिछले कई दिनों से जगह-जगह कूड़े के ढेर लगे थे और सड़कों व सार्वजनिक स्थानों पर गंदगी के कारण लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा था।
कर्मचारियों ने नगर निगम द्वारा मंजूर किए गए 607 करोड़ रुपये के इंटीग्रेटेड सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्रोजेक्ट का विरोध किया था। यूनियनों को आशंका थी कि कचरा प्रबंधन का काम निजी कंपनी को सौंपे जाने से मौजूदा सफाई कर्मचारियों की नौकरियों पर खतरा पैदा हो सकता है।
H2: छह दिन बाद खत्म हुआ सफाई कर्मचारियों का आंदोलनसफाई कर्मचारी यूनियनों के प्रतिनिधियों ने मेयर, MC कमिश्नर और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक की। बैठक में अधिकारियों की ओर से कर्मचारियों की नौकरी सुरक्षित रहने का भरोसा दिलाया गया।
सैनिटरी सुपरवाइजर एम्प्लाइज यूनियन के बंटू सभरवाल ने बताया कि अधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि किसी भी कर्मचारी की नौकरी नहीं जाएगी। उन्होंने कहा कि रैग पिकर्स और ड्राइवर भी अपना काम जारी रखेंगे।
आश्वासन मिलने के बाद यूनियनों ने छह दिन से जारी हड़ताल खत्म करने का फैसला किया।
H2: 607 करोड़ के प्रोजेक्ट को लेकर था विवाद
जालंधर नगर निगम ने 607 करोड़ रुपये के इंटीग्रेटेड सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्रोजेक्ट को मंजूरी दी है। इस परियोजना का उद्देश्य शहर में कचरा प्रबंधन व्यवस्था को बेहतर बनाना है।
हालांकि, सफाई कर्मचारी संगठनों ने इस परियोजना का विरोध किया। यूनियनों की मुख्य चिंता यह थी कि यदि कचरा प्रबंधन का संचालन निजी कंपनी को सौंपा गया तो मौजूदा सफाई कर्मचारियों की नौकरी और रोजगार सुरक्षा प्रभावित हो सकती है।
H3: निजी कंपनी को काम सौंपने की आशंका
कर्मचारी संगठनों ने प्रोजेक्ट को लेकर अपनी आशंकाएं नगर निगम और प्रशासन के सामने रखी थीं। उनका कहना था कि नई व्यवस्था में मौजूदा कर्मचारियों की भूमिका स्पष्ट नहीं होने से उनके रोजगार पर असर पड़ सकता है।
बैठक के दौरान अधिकारियों ने कर्मचारियों को नौकरी नहीं जाने का आश्वासन दिया, जिसके बाद आंदोलन समाप्त करने पर सहमति बनी।
H2: हड़ताल से जालंधर में बिगड़े सफाई के हालात
छह दिन की हड़ताल का सीधा असर शहर की सफाई व्यवस्था पर पड़ा। पिछले दो से तीन दिनों में जालंधर की कई सड़कों और सार्वजनिक स्थानों पर कचरे के ढेर जमा हो गए थे।
कई जगह कूड़ा सड़कों तक फैल गया, जिससे यातायात भी प्रभावित हुआ। शहर में पैदा हुई इस गंभीर स्थिति के कारण लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।
H3: टांडा रोड पर सड़क तक पहुंचा कूड़ा
रविवार को टांडा रोड पर एक प्रमुख कॉलेज के पास जमा कूड़े के ढेर के कारण सड़क का एक हिस्सा बाधित हो गया। सड़कों पर फैले कचरे ने यातायात व्यवस्था को भी प्रभावित किया।
हड़ताल के मुद्दे पर BJP और Congress ने भी आम आदमी पार्टी सरकार के खिलाफ प्रदर्शन कर सफाई व्यवस्था को लेकर सवाल उठाए थे।
Key Highlights:
- जालंधर में सफाई कर्मचारियों की छह दिन से जारी हड़ताल खत्म हो गई।
- मेयर, MC कमिश्नर और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक के बाद यूनियनों ने आंदोलन वापस लिया।
- कर्मचारियों को नौकरी सुरक्षित रहने का आश्वासन दिया गया।
- विवाद 607 करोड़ रुपये के इंटीग्रेटेड सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्रोजेक्ट को लेकर था।
- कर्मचारियों को आशंका थी कि निजी कंपनी को काम सौंपने से उनकी नौकरियां प्रभावित हो सकती हैं।
- हड़ताल के कारण शहर में जगह-जगह कूड़े के ढेर जमा हो गए थे।
- टांडा रोड पर कचरा सड़क तक पहुंचने से यातायात प्रभावित हुआ।
- BJP और Congress ने भी सफाई व्यवस्था के मुद्दे पर AAP सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया।
FAQ Section:
H3: जालंधर में सफाई कर्मचारियों की हड़ताल कितने दिन चली?
सफाई कर्मचारियों की हड़ताल छह दिनों तक चली, जिसके बाद सोमवार को इसे खत्म कर दिया गया।
H3: सफाई कर्मचारियों ने हड़ताल क्यों की थी?
कर्मचारी 607 करोड़ रुपये के इंटीग्रेटेड सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्रोजेक्ट का विरोध कर रहे थे। उन्हें आशंका थी कि निजी कंपनी को काम मिलने से उनकी नौकरियां प्रभावित हो सकती हैं।
H3: कर्मचारियों को क्या आश्वासन दिया गया?
अधिकारियों ने आश्वासन दिया कि सफाई कर्मचारियों की नौकरियां नहीं जाएंगी।
H3: हड़ताल का शहर पर क्या असर पड़ा?
हड़ताल के कारण जालंधर की कई सड़कों और सार्वजनिक स्थानों पर कूड़ा जमा हो गया। कुछ स्थानों पर कचरा सड़क तक फैलने से यातायात भी प्रभावित हुआ।
H3: क्या राजनीतिक दलों ने भी मुद्दा उठाया?
हां, BJP और Congress ने सफाई व्यवस्था को लेकर AAP सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया था।
Conclusion:
जालंधर में छह दिनों से जारी सफाई कर्मचारियों की हड़ताल नौकरी की सुरक्षा के आश्वासन के बाद खत्म हो गई है। 607 करोड़ रुपये के इंटीग्रेटेड सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्रोजेक्ट को लेकर कर्मचारियों की चिंताएं इस आंदोलन की मुख्य वजह थीं। अब हड़ताल समाप्त होने के बाद शहर में जमा कचरे को हटाने और सामान्य सफाई व्यवस्था बहाल करने की चुनौती नगर निगम के सामने है।
