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राम रहीम को बार-बार पैरोल पर अकाल तख्त जत्थेदार और SGPC अध्यक्ष के सवाल, बोले- सिख बंदियों के साथ क्यों अलग रवैया?
कुलदीप सिंह गर्गज ने जगतार सिंह हवारा को मां से मिलने के लिए पैरोल देने की मांग की, सरकार पर दोहरे मापदंड का आरोप
डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम को दोबारा पैरोल मिलने पर अकाल तख्त जत्थेदार कुलदीप सिंह गर्गज और SGPC अध्यक्ष एडवोकेट हरजिंदर सिंह धामी ने सवाल उठाए हैं। उन्होंने सिख बंदियों के मामलों में कथित भेदभावपूर्ण रवैये पर आपत्ति जताई।
डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम को एक बार फिर पैरोल दिए जाने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। अकाल तख्त जत्थेदार कुलदीप सिंह गर्गज और शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC) के अध्यक्ष एडवोकेट हरजिंदर सिंह धामी ने सरकार के फैसले पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि सिख बंदियों के मामलों में अलग-अलग मानदंड अपनाए जा रहे हैं।
जत्थेदार कुलदीप सिंह गर्गज ने कहा कि दुष्कर्म और हत्या के मामलों में दोषी ठहराए गए राम रहीम को बार-बार पैरोल मिल रही है, जबकि दशकों से जेल में बंद सिख कैदियों को अपने बीमार परिजनों से मिलने के लिए भी पैरोल नहीं दी जा रही।
राम रहीम की बार-बार पैरोल पर जत्थेदार ने उठाया सवालजत्थेदार गर्गज ने कहा कि सरकार की पैरोल नीति में समानता होनी चाहिए। उन्होंने विशेष रूप से राम रहीम को बार-बार जेल से बाहर आने की अनुमति मिलने और सिख बंदियों को पैरोल नहीं दिए जाने के बीच अंतर पर सवाल उठाया।
उनके मुताबिक, लंबे समय से जेल में बंद सिख कैदियों के परिवार अपने परिजनों से मुलाकात के लिए पैरोल की मांग करते रहे हैं, लेकिन कई मामलों में उनकी मांग पूरी नहीं हुई।
जगतार सिंह हवारा को मां से मिलने की पैरोल की मांग
जत्थेदार कुलदीप सिंह गर्गज ने जेल में बंद सिख कैदी जगतार सिंह हवारा का मामला प्रमुखता से उठाया। उन्होंने कहा कि सिख समुदाय लंबे समय से हवारा को पैरोल देने की मांग कर रहा है, ताकि वह अपनी बुजुर्ग और बीमार मां से मुलाकात कर सकें।
जत्थेदार ने कहा कि एक तरफ राम रहीम को बार-बार पैरोल दी जा रही है, वहीं दूसरी तरफ हवारा को अपनी बीमार मां से मिलने तक की अनुमति नहीं मिल रही। उन्होंने इसे सरकार का दोहरा मापदंड बताया।
सिख बंदियों की लंबित रिहाई का भी मुद्दा
अकाल तख्त जत्थेदार ने कहा कि कई सिख बंदी अपनी सजा पूरी कर चुके हैं, लेकिन इसके बावजूद उनकी रिहाई का मामला लंबित है। उन्होंने बलवंत सिंह राजोआना, जगतार सिंह तारा, परमजीत सिंह भेओरा और दिल्ली विश्वविद्यालय के पूर्व प्रोफेसर देवेंद्र पाल सिंह भुल्लर के मामलों का भी उल्लेख किया।
उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों में सरकार को मानवीय आधार पर विचार करना चाहिए और कानून के तहत उपलब्ध विकल्पों के अनुरूप उचित निर्णय लेना चाहिए।
हवारा को पैरोल देने की अपील
जत्थेदार गर्गज ने जगतार सिंह हवारा को उनकी मां से मिलने की अनुमति देने की मांग करते हुए कहा कि उन्हें इस मानवीय आधार पर पैरोल दी जानी चाहिए।
उन्होंने सरकार से आग्रह किया कि बंदियों के मामलों को केवल राजनीतिक या कानूनी दृष्टिकोण से नहीं, बल्कि मानवीय पहलू को ध्यान में रखते हुए भी देखा जाए।
SGPC अध्यक्ष हरजिंदर सिंह धामी ने भी जताई आपत्ति
SGPC अध्यक्ष एडवोकेट हरजिंदर सिंह धामी ने भी राम रहीम को बार-बार पैरोल दिए जाने पर कड़ी आपत्ति जताई। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार का यह फैसला पक्षपातपूर्ण और भेदभावपूर्ण रवैये को दर्शाता है।
धामी ने कहा कि सिख बंदियों से जुड़े मामलों में भी समान और निष्पक्ष नीति अपनाई जानी चाहिए।
Key Highlights:
- राम रहीम को बार-बार पैरोल मिलने पर अकाल तख्त जत्थेदार ने सवाल उठाए।
- कुलदीप सिंह गर्गज ने सरकार पर सिख बंदियों के मामलों में अलग मानदंड अपनाने का आरोप लगाया।
- जगतार सिंह हवारा को अपनी बीमार मां से मिलने के लिए पैरोल देने की मांग की गई।
- कई सिख बंदियों की सजा पूरी होने के बावजूद रिहाई लंबित होने का मुद्दा उठाया गया।
- बलवंत सिंह राजोआना, जगतार सिंह तारा, परमजीत सिंह भेओरा और देवेंद्र पाल सिंह भुल्लर के मामलों का उल्लेख किया गया।
- SGPC अध्यक्ष हरजिंदर सिंह धामी ने भी राम रहीम की बार-बार पैरोल पर आपत्ति जताई।
- सरकार से बंदियों के मामलों में मानवीय और समान दृष्टिकोण अपनाने की अपील की गई।
FAQ Section:
राम रहीम को पैरोल मिलने पर किसने सवाल उठाए हैं?
अकाल तख्त जत्थेदार कुलदीप सिंह गर्गज और SGPC अध्यक्ष एडवोकेट हरजिंदर सिंह धामी ने राम रहीम को बार-बार पैरोल दिए जाने पर सवाल उठाए हैं।
जगतार सिंह हवारा के लिए क्या मांग की गई है?
अकाल तख्त जत्थेदार ने जगतार सिंह हवारा को अपनी बुजुर्ग और बीमार मां से मिलने के लिए पैरोल देने की मांग की है।
किन सिख बंदियों का जिक्र किया गया?
कुलदीप सिंह गर्गज ने जगतार सिंह हवारा के साथ बलवंत सिंह राजोआना, जगतार सिंह तारा, परमजीत सिंह भेओरा और देवेंद्र पाल सिंह भुल्लर के मामलों का भी उल्लेख किया।
SGPC अध्यक्ष ने राम रहीम की पैरोल पर क्या कहा?
हरजिंदर सिंह धामी ने राम रहीम को बार-बार पैरोल दिए जाने पर कड़ी आपत्ति जताते हुए इसे सरकार का पक्षपातपूर्ण और भेदभावपूर्ण रवैया बताया।
जत्थेदार ने सरकार से क्या अपील की?
जत्थेदार कुलदीप सिंह गर्गज ने सरकार से मानवीय दृष्टिकोण अपनाने और जगतार सिंह हवारा को अपनी मां से मिलने के लिए पैरोल देने की अपील की।
Conclusion:
गुरमीत राम रहीम को दोबारा पैरोल मिलने के बाद सिख बंदियों की पैरोल और रिहाई का मुद्दा एक बार फिर चर्चा में आ गया है। अकाल तख्त जत्थेदार और SGPC अध्यक्ष ने सरकार से सभी बंदियों के मामलों में समानता और मानवीय दृष्टिकोण अपनाने की मांग की है। खास तौर पर जगतार सिंह हवारा को उनकी बीमार मां से मिलने की अनुमति देने की अपील की गई है।
